‘उगाही में जुटी सरकार’ | Gopal Italia का भूपेंद्र सरकार पर बड़ा हमला
आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल इटालिया ने गुजरात की भूपेंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं... और उन्होंने कहा कि राज्य में...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल इटालिया ने गुजरात की भूपेंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं.. और उन्होंने कहा कि राज्य में किसानों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है.. जबकि सरकार राजस्व वसूली पर जोर दे रही है.. आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी के विसावदर के विधायक गोपाल इटालिया ने विधानसभा में आयोजित पत्रकार वार्ता में अपनी बात रखते हुए कहा कि.. विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान गृह मंत्री का दिन था.. तो मेरा सवाल यह था कि 2012 में सुरेंद्रनगर के थानगढ़ में दलित समाज के निर्दोष युवाओं पर पुलिस द्वारा गोलीबारी की गई.. जिसमें कुछ युवाओं की मृत्यु हुई.. और सरकार ने तथाकथित एसआईटी बनाई.. आज तक भी दलित समाज न्याय की मांग कर रहा है.. लेकिन न्याय नहीं मिला है.. मेरा सवाल था कि 2013 में उस समिति की रिपोर्ट आई.. और उसमें जो कार्रवाई करने की बात कही गई थी.. क्या सरकार ने कदम उठाए या नहीं.. तब जवाब मिला कि रिपोर्ट विचाराधीन है.. मतलब 2013 से आज तक ये लोग अभी भी विचार ही कर रहे ..
आपको बता दें कि इटालिया ने आगे कहा कि मेरा दूसरा सवाल था कि राजकोट सिटी, राजकोट जिला.. और भावनगर जिले में कुल कितनी एफआईआर दर्ज हुईं.. और कुल कितनी घटनाओं में आरोपियों का जुलूस निकाला गया.. जिसका जवाब मिला कि 96 हजार 221 एफआईआर दर्ज हुईं.. जिनमें से केवल 251 घटनाओं में जुलूस निकाला गया.. जिसको लेकर मेरा सवाल है कि सभी लोगों का जुलूस क्यों नहीं निकाला गया.. गरीब और लाचार लोगों का जुलूस निकलता है.. गुजरात में पुलिस किराये पर मिलती है.. यह एक दुखद बात सामने आई है.. जब किसी कंपनी को किसी किसान के खेत से लाइन डालनी हो.. और खंभे लगाने हों, तब कंपनी सरकार से पुलिस किराये पर मांगती है.. कच्छ जिले में पिछले दो वर्षों में कम से कम 12 करोड़ रुपये लेकर पुलिस किराये पर दी गई है.. और उस पुलिस ने किसानों पर दमन किया.. दबंगई की और जबरदस्ती कंपनियों की लाइनें किसानों के खेतों में डलवाईं.. जिसके पास पैसे हैं.. पुलिस उसे किराये पर दी जाती है.. तो यह दबंगई और अन्याय है..
वहीं इसी कड़ी में विधायक गोपाल इटालिया ने कहा कि बजट में सरकार बहुत भाषण करती है कि.. पैसा कहां जाएगा, लेकिन पैसा कहां से आएगा.. इसका अध्ययन मैंने आज किया.. बजट के दिन दी गई एक पुस्तिका से मुझे पता चला कि यह सरकार पानी बेचती है.. जनता के टैक्स से बने बांधों में ईश्वर ने जो पानी भेजा है.. उसे सरकार बेच रही है.. हाथमती सिंचाई योजना से सिंचाई का पानी देने के बदले सरकार को 52 लाख की आय होगी.. और अन्य प्रयोजनों के लिए पानी की बिक्री से 1 करोड़ 70 लाख आएंगे.. तो यह अन्य क्या है..
क्या भाजपा नेताओं की फैक्ट्रियों को पानी दिया जाएगा.. उकाई सिंचाई योजना से सिंचाई के लिए 40 लाख का पानी सरकार बेचेगी.. घरेलू उपयोग के लिए 1 करोड़ का पानी बेचेगी.. और अन्य प्रयोजनों के लिए 100 करोड़ 50 लाख का पानी सरकार बेचेगी.. इस तरह अनेक बांधों और नदियों का पानी सरकार भाजपा नेताओं और परिचितों की फैक्ट्रियों को करोड़ों-अरबों रुपये में हजारों करोड़ लीटर पानी बेच रही है.. जबकि दूसरी ओर किसान पानी के लिए भटक रहे हैं..
आम आदमी पार्टी विसावदर के विधायक गोपाल इटालिया ने गुजरात सरकार के चार लाख करोड़ रुपये के बजट पर विस्तृत… आंकड़ा का विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए गंभीर सवाल उठाए.. और कहा कि यह बजट विकास आधारित नहीं.. बल्कि जनता से उगाही आधारित बजट है.. उन्होंने कहा कि सरकार जो चार लाख करोड़ के बजट की बात करती है.. पैसा कहां से आएगा.. सरकार ने इस पुस्तिका में एक और बात बताई है कि सरकार 45 हजार 412 करोड़ रुपये वसूलना चाहती है.. वह कर पर 250 करोड़ का ब्याज और ब्याज पर 75 करोड़ का दंड लेकर पैसा वसूलना चाहती है..
नई शर्त से पुरानी शर्त में जाने पर जमीनधारकों से प्रीमियम के नाम पर लगभग 2 हजार करोड़ रुपये वसूलने की संभावना दिखाई गई है.. जमीन मापनी के मुद्दे पर पिछले वर्ष 71 करोड़ रुपये की आय दर्ज हुई थी.. और अगले वर्ष लगभग 50 करोड़ रुपये आय का अनुमान है.. सरकारी परती जमीन की बिक्री से भी आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है.. पिछले वर्ष 214 करोड़, उससे पहले 302 करोड़ और 300 करोड़ की जमीन बेची गई थी.. जबकि अगले वर्ष लगभग 352 करोड़ रुपये आय का अनुमान रखा गया है..



