गुजरात में किसानों का फूटा गुस्सा, AAP का गांधीनगर में सामूहिक उपवास
गुजरात में किसानों की समस्याओं को लेकर आम आदमी पार्टी ने गांधीनगर में 5 जुलाई को एक दिन का सामूहिक उपवास रखा है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात राज्य में किसान कई तरह की मुश्किलों का सामना कर रहे हैं.. वे सरकार से अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं.. इन्हीं मुद्दों को उठाते हुए आम आदमी पार्टी ने गांधीनगर में एक दिन का सामूहिक उपवास रखा है.. इस उपवास का उद्देश्य किसानों की आवाज़ को मजबूत करना.. और उनकी समस्याओं के समाधान की मांग करना है.. AAP का कहना है कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में किसानों के साथ कई तरह के अन्याय हो रहे हैं.. जिससे वे बेहद परेशान हैं..
गुजरात में बिजली के खंभे और हाई टेंशन लाइनें लगाने के लिए किसानों की जमीन ली जा रही है.. किसानों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल रहा.. उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं, लेकिन मुआवजे की राशि बहुत कम है.. कई जगहों पर किसानों ने इसका विरोध भी किया है.. उनका कहना है कि बिना उनकी सहमति के खेतों में काम किया जा रहा है.. जिससे उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है..
इन्हीं मुद्दों पर ध्यान दिलाने के लिए AAP ने सामूहिक उपवास का आयोजन किया.. पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक गांधीनगर में 5 जुलाको इकट्ठा होंगे.. और पूरे दिन उपवास रखकर सरकार से मांग करेंगे कि किसानों की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाए.. इस उपवास में AAP के कई नेता भी शामिल होंगे.. उन्होंने कहा कि किसान गुजरात की रीढ़ हैं.. लेकिन उनकी लगातार उपेक्षा की जा रही है.. पार्टी का कहना है कि सरकार को किसानों की कर्ज माफी, उचित बिजली दर, MSP पर खरीद.. और उचित मुआवजे जैसे मुद्दों पर तुरंत काम करना चाहिए..
गुजरात में खेती से जुड़ी चुनौतियां नई नहीं हैं.. कई किसान सूखे, पानी की कमी, बढ़ती महंगाई और कर्ज के बोझ से जूझ रहे हैं.. हाल के वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण बढ़ा है.. खावड़ा जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में हाई वोल्टेज लाइनों के लिए किसानों की जमीन ली जा रही है.. किसान चाहते हैं कि उन्हें बाजार मूल्य के अनुसार मुआवजा मिले.. और फसल के नुकसान की पूरी भरपाई की जाए..
कुछ जगहों पर किसानों ने अहमदाबाद से गांधीनगर तक ट्रैक्टर रैली भी निकाली.. AAP ने इन रैलियों का समर्थन किया.. AAP के राज्य अध्यक्ष और अन्य नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं,, बल्कि किसानों के साथ खड़े होने का संदेश है.. उनका कहना था कि बीजेपी सरकार किसानों से वादे तो करती है.. लेकिन जमीन पर उनका असर दिखाई नहीं देता.. किसानों की आय दोगुनी करने का वादा भी अब तक अधूरा है.. पार्टी का कहना है कि इस उपवास के जरिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा.. ताकि किसानों की आवाज़ सुनी जाए..
किसानों की एक बड़ी समस्या बिजली से भी जुड़ी हुई है.. गुजरात में निजी बिजली कंपनियों को लेकर किसानों में नाराजगी है.. उनका कहना है कि बिजली महंगी है.. और सप्लाई भी नियमित नहीं रहती.. खेतों में बिजली कनेक्शन लेने में भी कई तरह की परेशानियां आती हैं.. फसल बीमा योजना में भी कई किसान शामिल नहीं हो पाते या फिर उन्हें क्लेम नहीं मिल पाता.. AAP इन सभी मुद्दों को उठा रही है और सरकार से किसानों के हित में नीतियां बनाने की मांग कर रही है..
आपको बता दें कि गुजरात की अर्थव्यवस्था में कृषि की अहम भूमिका है.. यहां कपास, मूंगफली, गेहूं और बाजरा जैसी फसलें बड़े पैमाने पर उगाई जाती हैं.. लेकिन किसानों का कहना है कि उन्हें अपनी फसलों का उचित दाम नहीं मिलता.. MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पूरी खरीद की मांग लंबे समय से की जा रही है.. कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ रहा है.. कई किसान आत्महत्या जैसे कदम तक सोचते हैं.. हालांकि सरकार इन दावों से इनकार करती है..



