अब भारत में खुलेगा अरबों के छल का काला साम्राज्य
ठगी का अंत: दुबई में दबोचा गया राशिद नसीम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। होली का रंग इस बार सिर्फ गुलाल तक सीमित नहीं है। यह रंग उन लाखों लोगों की उम्मीदों का है, जिनकी मेहनत की कमाई को एक शातिर दिमाग ने सुनहरे सपनों के नाम पर निगल लिया था। यह रंग उस इंतजार के खत्म होने का है, जो लगभग दो दशकों से जारी था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठगी का साम्राज्य खड़ा करने वाला कुख्यात मास्टरमाइंड राशिद नसीम आखिरकार कानून के शिकंजे में है। सीबीआई ने उसे दुबई में दबोच लिया है और अब उसे भारत लाया जा रहा है। जहां अदालतें उसका इंतजार कर रही हैं और पीडि़तों की आंखें जवाब मांग रही हैं।
राशिद नसीम कि गिरफ्तारी उन लोगों के इंतजार को पूरा करने जैसी है जिन्होंने अपने बच्चों की फीस, अपनी पत्नी के गहने, अपने बुढ़ापे की जमा पूंजी सब कुछ इस भरोसे पर लगा दिया कि उनका पैसा दोगुना होगा। लेकिन हुआ उल्टा। पैसा गया, भरोसा टूटा और सपने बिखर गए। कभी खुद को सफल कारोबारी बताने वाला यह व्यक्ति दरअसल ठगी की ऐसी पटकथा लिख रहा था जिसमें अंत सिर्फ बर्बादी था। और अब वही कहानी पलट चुकी है। दुबई की चमक-दमक में छिपा यह चेहरा अब भारतीय कानून के सामने बेनकाब होगा। अब सवाल सिर्फ गिरफ्तारी का नहीं है सवाल उन राज़ों का है जो उसके साथ भारत लौटेंगे।

बिटक्वाइन का खेल
फिर आया डिजिटल युग और ठगी का तरीका भी डिजिटल हो गया। बिटकॉइन और ऑनलाइन निवेश के नाम पर उसने ठगी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा दिया। लोग समझ ही नहीं पाए कि वे निवेश कर रहे हैं या अपने जीवन की सबसे बड़ी गलती। जब तक लोगों को सच्चाई का एहसास हुआ तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दफ्तर बंद हो चुके थे फोन नंबर बंद हो चुके थे और राशिद नसीम देश छोड़ चुका था। पीछे रह गए थे सिर्फ टूटे हुए सपने और खाली बैंक खाते।
साधारण अपराधी नहीं राशिद नसीम
लगभग दो दशकों से ठगी का जाल बुनने वाला राशिद नसीम कोई साधारण अपराधी नहीं था। यह वह नाम था जिसने सपनों को व्यापार बना दिया और भरोसे को अपने मुनाफे का जरिया। कानपुर से शुरू हुआ यह सफर जल्द ही लखनऊ तक पहुंचा जहां से पूरे देश और फिर विदेशों तक ठगी का नेटवर्क फैलाया गया। शुरुआत छोटी थी किश्तों में प्लॉट बेचने के नाम पर लोगों को जोडऩा। लेकिन धीरे-धीरे यह खेल बड़ा होता गया। जांच एजेंसियों के अनुसार राशिद ने निवेशकों को ऐसे सपने दिखाए जिनमें कम समय में भारी मुनाफे का वादा था। प्रेजेंटेशन, सेमिनार और चमकदार दफ्तर सब कुछ इतना भरोसेमंद दिखता था कि लोग बिना सवाल किए अपनी गाढ़ी कमाई सौंप देते थे। गरीब मजदूर, बेरोजगार युवा, विधवाएं कोई भी उसके निशाने से बच नहीं पाया।
लेकिन कानून की पकड़ से कोई हमेशा नहीं बच सकता
सीबीआई की लगातार कोशिशों, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार राशिद नसीम को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया। अब उसे भारत लाया जा रहा है जहां उससे पूछताछ होगी और उसके पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि राशिद की गिरफ्तारी से उन लोगों के नाम सामने आएंगे जिन्होंने इस ठगी के साम्राज्य को खड़ा करने में उसकी मदद की। यह भी संभव है कि कई बड़े नाम इस जांच के दायरे में आएं। इस गिरफ्तारी से पीड़ितों के बीच खुशी की लहर है। उनके लिए यह सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं बल्कि न्याय की शुरुआत है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राशिद नसीम भारत आकर क्या खुलासे करेगा। किन लोगों के नाम सामने आएंगे। कितने राज़ उजागर होंगे। एक बात तय है जिस व्यक्ति ने वर्षों तक कानून से बचकर ऐश की जिंदगी जी अब उसे उसी कानून के सामने जवाब देना होगा। और शायद पहली बार उसके पास कोई बहाना नहीं होगा।
स्वघोषित विश्वगुरु का फिर पर्दाफाश हो गया: जयराम
पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष पर ट्रंप की तारीफ पर कांग्रेस का तंज
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष पर हालिया रुख के बाद स्वघोषित विश्वगुरु का पर्दाफाश हो गया है। रमेश ने अफगानिस्तान के साथ अमेरिका के बढ़ते संघर्ष के दौरान पाकिस्तान के लिए ट्रंप के स्पष्ट और खुले समर्थन को भारतीय हग्लोमेसी के लिए एक बड़ा झटका बताया।
एक पोस्ट में रमेश ने लिखा कि अफगानिस्तान के साथ युद्ध में पाकिस्तान के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का स्पष्ट और खुला समर्थन भारतीय हग्लोमेसी के लिए एक और झटका है। उन्होंने एक बार फिर उस व्यक्ति की प्रशंसा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, जिसकी भडक़ाऊ टिप्पणियों ने 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमलों की पृष्ठभूमि तैयार की थी, जिन्हें पाकिस्तान ने अंजाम दिया था। भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि दोनों देशों के बीच आर्थिक कूटनीति बुरी तरह विफल हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से एकतरफा व्यापार समझौते पर सहमति जताई है, जिसमें भारत ने अमेरिकी किसानों से आयात करने का वादा किया है, जबकि बदले में उसे केवल अस्पष्ट रियायतें मिली हैं। पोस्ट में लिखा था कि अमेरिका के साथ हमारी आर्थिक कूटनीति बुरी तरह विफल हो गई है, जैसा कि श्री मोदी के अचानक एक स्पष्ट रूप से एकतरफा व्यापार समझौते के आगे झुक जाने से स्पष्ट होता है। यह घटना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुक्रवार (स्थानीय समय) को पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष में हस्तक्षेप करने पर विचार करने की बात कहने के बाद सामने आई है, लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के नेतृत्व के साथ अपने अच्छे संबंधों पर जोर दिया। पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि मैं हस्तक्षेप करूंगा। लेकिन पाकिस्तान के साथ मेरे संबंध बहुत अच्छे हैं। उनके पास एक महान प्रधानमंत्री, एक महान जनरल और एक महान नेता हैं। ये दोनों ऐसे लोग हैं जिनका मैं बहुत सम्मान करता हूं। पाकिस्तान बहुत अच्छा कर रहा है। काबुल और इस्लामाबाद के बीच तनाव बढ़ गया है, दोनों पक्ष एक-दूसरे पर जवाबी हमले का आरोप लगा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में व्यापक सैन्य संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।
दिवंगत अजित पवार और सुनेत्रा पवार को 25000 करोड़ के घोटाले में मिली क्लीन चिट
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। मुंबई की एक विशेष अदालत ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की उस रिपोर्ट को मान लिया है, जिसमें महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (शिखर बैंक) में लोन बांटते समय करीब 25,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में दिवंगत उप मुख्यमंत्री अजित पवार और उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को क्लीन चिट दी गई थी।
कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट को मंजूरी देते हुए कहा है कि मामले में कोई भी सजा लायक अपराध साबित नहीं हुआ है। विशेष अदालत ने आर्थिक अपराध शाखा की दिवंगत उपमुख्यमंत्री की सी-समरी रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है। इससे अजित पवार समेत उन सभी राजनीतिक नेताओं को राहत मिली, जिसका नाम इस घोटाले में शामिल था। अदालत ने क्लोजर रिपोर्ट को मंजूरी देते हुए कहा कि कथित 25,000 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में कोई दंडनीय अपराध साबित नहीं हुआ है। मुंबई की एक विशेष अदालत ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा 25,000 करोड़ रुपये के महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक मामले में दायर की गई क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया।
झारखंड: 48 नगर निकायों के चुनाव में मिलाजुला जनादेश
भाजपा, कांग्रेस और झामुमो समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, रांची में भाजपा समर्थित प्रत्याशी को बढ़त
झारखंड निकाय चुनाव में रांची से रोशनी खलखो की बढ़त हजारीबाग और कई नगर
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
रांची। झारखंड में 48 नगर निकायों के लिए हुए चुनाव में इस बार मिला-जुला जनादेश सामने आ रहा है। कई निकायों में अध्यक्ष-मेयर पद पर भाजपा, कांग्रेस और झामुमो समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है।
वहीं, अनेक निकायों में स्वतंत्र प्रत्याशियों ने बाजी मारकर प्रमुख दलों को कड़ी टक्कर दी है. आठ वर्षों के अंतराल के बाद हुए इन शहरी निकाय चुनावों के नतीजे राज्य की स्थानीय राजनीति की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं। राज्य के 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों के लिए 23 फरवरी को मतदान हुआ था। शुक्रवार सुबह आठ बजे से शुरू हुई मतगणना के बाद 27 शहरी निकायों में मेयर-अध्यक्ष के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। राजधानी रांची नगर निगम में मेयर पद के लिए भाजपा समर्थित रोशनी खलखो ने करीब 30 हजार मतों की बढ़त बना ली है, जबकि कांग्रेस समर्थित रमा खलखो दूसरे स्थान पर हैं. हजारीबाग नगर निगम में स्वतंत्र प्रत्याशी अरविंद कुमार राणा ने 23,500 मत हासिल कर मेयर पद पर जीत दर्ज की. उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सरफराज अहमद को 4,657 मतों से पराजित किया. चास नगर निगम में जमील अख्तर मेयर निर्वाचित हुए हैं।
जामताड़ा नगर पंचायत में निर्दलीय आशा गुप्ता ने 6,880 मत प्राप्त कर भाजपा समर्थित प्रत्याशी को हराया. चाकुलिया नगर पंचायत में झामुमो समर्थित सोमवारी सोरेन ने 727 मतों के अंतर से जीत दर्ज की. छतरपुर नगर पंचायत में अरविंद गुप्ता, खूंटी में भाजपा समर्थित रानी टूटी, बरहरवा में अर्पिता दास और बुंडू में जितेंद्र उरांव विजयी रहे।
अमेरिका की मदद से इजरायल ने किया ईरान पर हमला
खामेनेई के ऑफिस के पास दागी मिसाइल, तेहरान में धमाकों की आवाज
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। इजरायल ने अमेरिका की मदद से ईरान पर बड़ा हमला किया है। एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, सेंट्रल तेहरान में धमाकों की आवाज सुनी गई। पहला हमला सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के ऑफिस के पास हुआ। तेहरान में मेहराबाद एयरपोर्ट पर हमले की आवाज सुनी गई।
ईरान पर हमला करने के बाद इजरायल ने अपने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है और सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील की है। कर्मचारियों को शेल्टर में जाने के लिए कहा गया है। इजरायल के रक्षा मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा,इजरायल ने ईरान के खिलाफ एक प्रिवेंटिव मिसाइल हमला किया है। ईरान में राष्ट्रपति भवन को निशाना बनाया गया। इसके साथ ही कई मंत्रालयों के भवन पर भी हमला हुआ है। इजरायल ने ईरान की खुफिया एजेंसी के दफ्तर पर निशाना साधा है। इजरायल ने ईरान में करीब 30 ठिकानों पर हमला किया है। इजरायली सेना ने कहा कि उसने देश भर के इलाकों में एयर रेड सायरन बजा दिए हैं ताकि जनता को जवाबी कार्रवाई में इजरायल की ओर मिसाइल दागे जाने की संभावना के लिए तैयार किया जा सके।
ईरान ने बंद किया एयरस्पेस
इजरायली हमलों को देखते हुए ईरान ने भी एयरस्पेस बंद कर दिया है। इजरायल के धमाकों से ईरान में दहशत का माहौल है।
पाकिस्तान व अफगानिस्तान में जंग जारी
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जंग के हालात बने हुए हैं और दोनों ओर से ही हमलों का दौर जारी है। इस बीच पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया है कि अफगान तालिबान और उनके सहयोगी आतंकवादी समूहों के लगभग 300 जवान उनके खिलाफ चल रहे अभियान में मारे जा चुके हैं। वहीं, सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने देर रात दिए अपडेट में कहा कि सुरक्षा बलों ने 297 लड़ाकों को मार गिराया और 450 से अधिक अफगान जवान घायल हो गए। अफगानिस्तान में तालिबान शासन के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन गजब-लिल-हक के दौरान पाकिस्तान ने उनकी 89 चौकियों को नष्ट कर दिया और 18 अन्य पर कब्जा कर लिया। इसी के साथ लगभग 135 टैंक और बख्तरबंद वाहन भी नष्ट कर दिए गए। मंत्री ने कहा कि पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान भर में लगभग 29 स्थानों को भी प्रभावी ढंग से निशाना बनाया।



