अवैध प्लाटिंग से घिरी सरकारी जमीनें, उन्नाव में आरटीआई एक्टिविस्ट ने खोला मोर्चा
उन्नाव में अगर आप मकान बनाने के लिए प्लॉट खरीदने की सोच रहे हैं तो जरा सावधान हो जाइए।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उन्नाव में अगर आप मकान बनाने के लिए प्लॉट खरीदने की सोच रहे हैं तो जरा सावधान हो जाइए।
कहीं ऐसा न हो कि आप जीवन भर की कमाई से प्लॉट खरीदें और बाद में प्रशासन उसे अवैध बताकर ढहा दे। दरअसल उन्नाव में सरकारी जमीनों पर अवैध प्लाटिंग का आरोप सामने आया है। एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने इस पूरे मामले में शिकायत करते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
उन्नाव में सरकारी जमीनों पर अवैध प्लाटिंग का मामला सामने आया है। आरटीआई एक्टिविस्ट प्रशांत द्विवेदी का आरोप है कि जनशक्ति ग्रुप द्वारा करीब ढाई सौ बीघा जमीन पर अवैध तरीके से प्लाटिंग की गई है।
आरोप है कि इस जमीन में सरकारी तालाब, नवीनपर्ती और ऊसर जैसी सरकारी जमीनों को भी शामिल किया गया है। साथ ही प्लाटिंग के लिए न तो धारा 80 के तहत आवासीय अनुमति ली गई है और न ही pwd से किसी तरह की परमिशन या नक्शा पास कराया गया है।
प्रशांत द्विवेदी का कहना है कि आम लोग अपनी जिंदगी भर की कमाई लगाकर ऐसे प्लॉट खरीद लेते हैं। लेकिन बाद में जब प्रशासन कार्रवाई करता है तो सबसे ज्यादा नुकसान उपभोक्ताओं को उठाना पड़ता है।
ऐसे में उन्होंने मांग की है कि प्रशासन को पहले ही ऐसे मामलों की जांच कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि लोगों की मेहनत की कमाई बर्बाद न हो और उन्हें भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
रिपोर्ट- रंजन बाजपेई “निडर”,उन्नाव



