राहुल गांधी को टपोरी कहना कंगना को पड़ा भारी, विपक्ष की महिला नेताओं ने धो डाला
राहुल गांधी को टपोरी कहना कंगना को पड़ा भारी, विपक्ष की महिला नेताओं ने धो डाला

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भाजपा राज में विपक्षी नेताओं को लेकर गलत बयानबाजी का सिलसिला रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है।
बड़े नेताओं की नजरों में अपना कद ऊँचा करने के चक्कर में नेता ऐसे-ऐसे बयान दे जा रहे हैं जो की शायद हर किसी को असहज कर सकते हैं। इसी बीच बीजेपी नेता और अभिनेत्री कंगना रनौत चर्चा में आ गई हैं। वजह है कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर उनका दिया गया बयान। दरअसल उन्होंने ऐसा कुछ कहा जो हर किसी को हैरान कर सकता है। हाल ही में 84 पूर्व नौकरशाहों और 116 पूर्व सैनिकों के साथ चार वकीलों ने एक खुला पत्र लिखा।
इसमें संसद के मकर द्वार पर राहुल गांधी के चाय और बिस्किट खाने की आलोचना की गई। पूर्व अधिकारियों ने राहुल गांधी से माफी मांगने की भी अपील की। अब हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। कंगना ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के व्यवहार को ‘टपोरी जैसा’ बताया। उनका आरोप है कि राहुल गांधी के आने से महिलाएं असहज महसूस करती हैं।
कगंना रनौत ने कहा, ‘हम महिलाओं को उनको देखकर बहुत असहज महसूस होता है, क्योंकि वे एकदम टपोरी की तरह आते हैं। किसी से भी ये-तू कहकर तू-तड़ाक करते हैं। जिस तरह से वह पेश आते हैं, वह बहुत ही असहज करने वाला है। अगर कोई इंटरव्यू दे रहा होता है तो वह हूटिंग कॉल करते हैं। उन्हें अपनी बहन का आचरण और व्यवहार देखना चाहिए। उनका व्यवहार बहुत अच्छा है, लेकिन राहुल गांधी खुद ही एक शर्मिंदगी का कारण है।’
कंगना के इस बयान के सामने आने के बाद सियासी गलियारों में इसकी आलोचना होने लगी। विपक्षी नेताओं ने कंगना को खूब खरी खोटी सुनाई। इसी कड़ी में आपको बता दें कि इसी कड़ी में
शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी से जब कंगना रनौत के बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘निजी या सियासी असहमतियां हो सकती हैं, लेकिन इस तरह से राहुल जी के बारे में बोलना, मैं मानती हूं कि गलत है। मैंने राहुल गांधी जी के साथ 10 साल काम किया है। हो सकता है कि मेरी राह अलग हो गई। मगर मैंने महिलाओं के प्रति उनके सम्मान और प्रतिबद्धता को देखा है।
ऐसे व्यक्ति पर इस तरह के आरोप लगाना थोड़ा हास्यास्पद है। वे ऐसे परिवार से आते हैं, जहां महिलाएं नेता रही हैं। खुद इंदिरा गांधी जी हो, सोनिया गांधी जी हो या प्रियंका गांधी वाड्रा। उन पर इस तरह से आरोप लगाना हास्यापद है। आप सियासी असहमतियां करें। कड़ी से कड़ी निंदा कीजिए, लेकिन यह आरोप लगाना बिल्कुल गलत है।’
न सिर्फ प्रियंका चतुर्वेदी ने बल्कि सुप्रिया श्रीनेत ने भी इस बयान को लेकर जमकर आलोचना की। उन्होंने एक्स पर एक वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा कि BJP में होड़ लगी रहती है, कौन कितनी गिरी हुई बात कर सकता है।
वैसे तो कंगना रनौत जी हमेशा ही ऊलजलूल बात करती आईं हैं, लेकिन अब इस रेस में आगे बढ़ने के लिए उन्होंने भी अपनी मूर्खता, बेवक़ूफ़ी और घटिया बातों को और धार देना शुरू किया है। उन्होंने पहले भी किसानों, महिलाओं, देश के पिछड़ों और दलितों का बार बार अपमान किया है. और अब नेता विपक्ष राहुल गांधी जी पर की उनकी टिप्पणी उनकी वाहियात सोच का प्रमाण है,
गौरतलब है कि कंगना का यह बयान सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसा मालूम हो रहा है मानों कंगना का बयान उल्टा पड़ गया और उन्ही पर भारी पड़ता हुआ नजर आ रहा है।



