कानपुर देहात में युवक की बेरहमी से हत्या, पुलिस खुलासे की थ्योरी पर उठे सवाल
यूपी के कानपुर देहात जिले में 18 मार्च की रात हुई एक युवक की नृशंस हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: यूपी के कानपुर देहात जिले में 18 मार्च की रात हुई एक युवक की नृशंस हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया है।
खेतों में लहूलुहान हालत में मिले युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस के खुलासे पर सवाल खड़े होने लगे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 18 मार्च की रात डेरापुर थाना क्षेत्र के खिरवां गांव निवासी गोलू उर्फ शिवा गांव के खेतों में गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था।
परिजन उसे तत्काल उपचार के लिए मुंगीसापुर ले गए, जहां से हालत नाजुक होने पर कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। 19 मार्च को पिता राजेंद्र की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई तथा देर शाम उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई घटना के शुरुआती दौर में अज्ञात हमलावरों द्वारा चाकू अथवा किसी धार धार वास्तु से हमले की चर्चा रही, लेकिन पुलिस जांच में पत्थर और अन्य भारी वस्तु से हमला किए जाने की बात सामने आई।
इस बीच पुलिस ने 24 घंटे के भीतर घटना का खुलासा करते हुए इसे प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला बताया अपर पुलिस अधीक्षक राजेश पांडेय ने आधिकारिक बयान में बताया कि मृतक के चचेरे भाई अभिषेक को शिवा पर अपनी प्रेमिका से संबंध होने का शक था।
इसी रंजिश में उसने गुजरात में काम कर रहे अपने साथी सुखबीर को बुलाया और दोनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि बाद में पुलिस ने अभिषेक को छोड़ दिया और पूरा आरोप दिव्यांग सुखबीर पर ही केंद्रित कर दिया।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि शिवा की हत्या बेहद क्रूरता के साथ की गई। उनका कहना है कि हमलावरों ने उसकी आंख फोड़ दी, जीभ काट दी, जबड़ा तोड़ दिया और सिर पर कई वार किए। इस निर्मम घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया है।
अब पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि एक हाथ से दिव्यांग व्यक्ति अकेले इतनी बर्बर वारदात को अंजाम नहीं दे सकता। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ का आरोप भी लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि मोबाइल फोन, हथौड़ी और खून से सने कपड़ों जैसे अहम सबूतों के साथ सही तरीके से कार्रवाई नहीं की गई।
रविवार को गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों ने भी मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद गांव में शोक के साथ-साथ भारी आक्रोश का माहौल बना हुआ है मामले में नवनियुक्त थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह ने रविवार बताया कि अभी अभिषेक के खिलाफ कोई ठोस साक्षी नहीं मिले मगर जांच प्रक्रिया घंटा से चल रही है दोषियों को बक्सा नहीं जाएगा परिजनों को संतोषजनक कार्रवाई दिखाई देगी।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा, कानपुर



