डॉक्टर की लापरवाही या हादसा? गले के ऑपरेशन में मरीज की मौत
बिहार के पूर्णिया में टॉन्सिल ऑपरेशन के दौरान एक महिला मरीज की मौत हो गई.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बिहार के पूर्णिया में टॉन्सिल ऑपरेशन के दौरान एक महिला मरीज की मौत हो गई.
परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है. घटना के बाद अस्पताल बंद कर डॉक्टर और मेडिकल टीम फरार बताए जा रहे हैं.
बिहार के पूर्णिया जिले से एक डॉक्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसमें एक मरीज की मौत हो गई. दरअसल, मरीज के टॉन्सिल ऑपरेशन के दौरान उसकी श्वास नली कट गई, जिससे मरीज ने ऑपरेशन थिएटर में ही दम तोड़ दिया.
इसके बाद आरोपी डॉक्टर और उसकी मेडिकल टीम अस्पताल में ताला जड़कर फरार हो गए. घटना से मृतक के तीमारदारों में भारी गुस्सा है. उन्होंने लापरवाह लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
जानकारी के अनुसार, पूर्णिया जिले के लाइन बाजार के बिहार टॉकीज रोड में कान नाक गला के डॉक्टर डॉ. बीके सिंह के अस्पताल में एक मरीज को टॉन्सिल के ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया था.
परिजन ने बताया कि मरीज के गले में टॉन्सिल की शिकायत थी, जिसके बाद डॉ. बी के सिंह ने ऑपरेशन की सलाह दी. 41 हजार 500 रुपये लेने के बाद मरीज को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया. मरीज के परिजन के मुताबिक, ऑपरेशन थिएटर में ही मरीज की मौत हो गई.
श्वास नली कटने से मरीज की मौत
डॉक्टर मरीज को सीरियस बताकर दूसरे जगह ले जाने की बात कहकर हॉस्पिटल से गायब हो गए. वहीं, परिजन मरीज को लेकर पास के ही दूसरे हॉस्पिटल में लेकर गए तो वहां बताया गया कि मरीज की मौत हो चुकी है.
परिजन ने बताया कि गले का ऑपरेशन के दौरान श्वास नली कट गई, जिससे सांस लेने में परेशानी हो रही थी, फिर दम घुटने से थोड़ी देर बाद मौत हो गई. घटना से आक्रोशित परिजन जब तक डॉ. बी के सिंह के हॉस्पिटल पहुंचे तब तक सभी लोग ताला बंद कर फरार हो चुके थे.
पुलिस ने लोगों को कराया शांत
डॉ की करतूत का पता होने के बाद लोगों मे आक्रोश बढ़ता चला गया और वह हंगामा करने लगे. हंगामे की खबर पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों का शांत कराया.
देर शाम शाम तक मृतक के परिजन डॉक्टर का इंतजार करते रहे मगर किसी ने बात करने की जहमत तक नहीं उठाई. हालांकि, इस मामले में डॉक्टर पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.
शव लेकर लौटे परिजन
मृतक मरीज की पहचान किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड के कालाबलुआ निवासी शांता देवी के रूप में हुई है.
मृतक महिला के 2 छोटे-छोटे बच्चे भी हैं, जिनके सिर से मां का साया उठ गया. करीब 6 घंटे तक डॉक्टर का इंतजार करने के बाद परिजन महिला के शव को लेकर चले गए. घटना ने प्राइवेट अस्पतालों की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना यह होगा कि डॉ. बी के सिंह पर लगे आरोपों पर पुलिस कब और क्या कार्रवाई करती है.



