ममता बनर्जी का बीजेपी पर तीखा हमला, बोली- ये चुनाव महाभारत जैसा है
पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बंगाल से दिल्ली तक का सियासी पारा हाई है। ऐसे में नेताओं की लगातार प्रतिक्रिया सामने आ रही है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बंगाल से दिल्ली तक का सियासी पारा हाई है। ऐसे में नेताओं की लगातार प्रतिक्रिया सामने आ रही है।
एक दूसरे पर जमकर हमला बोल रहे हैं। बीजेपी लगातार मौजूदा सरकार पर निशाना साधने की कोशिश कर रही है लेकिन वहीं सीएम ममता हैं कि बीजेपी की दाल गलने देने का नाम नहीं ले रही हैं।
वहीं इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में एक चुनावी सभा में भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह चुनाव कौरवों के साथ पांडवों की लड़ाई जैसा है।
ममता ने पांडवेश्वर में जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा को कौरवों की तरफ रखा और अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को पांडवों की तरफ बताया। महाभारत की कहानी में कौरव अन्यायी, लालची और अहंकारी थे। वे सत्ता के लिए कुछ भी कर सकते थे।
वहीं पांडव सत्य, न्याय और धर्म की राह पर चलते थे। ममता बनर्जी का इशारा साफ है कि भाजपा आज उसी कौरवों जैसी राजनीति कर रही है। केंद्र में सत्ता होने के बावजूद भाजपा बंगाल में लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
सीएम ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर मतदाता सूची में धांधली कर रहे हैं। गरीबों, महिलाओं और तृणमूल समर्थकों के नाम काटे जा रहे हैं। यह अन्याय की पराकाष्ठा है। पांडवों ने भी कौरवों के अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। आज बंगाल के लोग भी इसी अन्याय के खिलाफ खड़े हैं। भाजपा की यह चाल लोकतंत्र को खतरे में डाल रही है।
भाजपा हमेशा से बंगाल की संस्कृति और एकता को तोड़ने की कोशिश करती रही है। वे बाहर से आकर यहां के लोगों को बांटते हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल की मिट्टी पांडवों जैसी है – साहसी और न्यायप्रिय।
यहां की जनता कौरवों जैसी ताकतों को कभी स्वीकार नहीं करेगी। पांडवेश्वर का नाम भी पांडवों से जुड़ा है, इसलिए यह जगह इस लड़ाई का प्रतीक बन गई है।
भाजपा की नीतियां आम आदमी के खिलाफ हैं। महंगाई बढ़ाई, नौकरियां नहीं दीं, किसानों को परेशान किया। बंगाल में भी वे विकास के नाम पर सिर्फ वादे करते हैं, लेकिन हकीकत में सत्ता का दुरुपयोग करते हैं।
ममता सरकार ने महिलाओं को लखी लक्ष्मी योजना, कन्याश्री जैसी योजनाओं से मजबूत किया। गरीबों को घर, खाना और स्वास्थ्य सुविधाएं दीं। लेकिन भाजपा इसे बर्दाश्त नहीं कर पाती।
इसलिए वे मतदाता सूची में नाम काटकर लोकतंत्र को चोट पहुंचाना चाहते हैं। यह चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं है। यह सत्य बनाम असत्य की लड़ाई है। पांडवों की तरह तृणमूल कांग्रेस गरीबों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की रक्षा कर रही है।
भाजपा कौरवों की तरह सिर्फ अपनी सत्ता बचाने के लिए कुछ भी कर सकती है। ममता बनर्जी ने महिलाओं से अपील की कि वे घर से निकलकर इस लड़ाई में शामिल हों। उन्होंने कहा कि अगर नाम कट गया तो कानूनी मदद दी जाएगी। यह पांडवों की एकजुटता जैसा है।
भाजपा के नेता बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन उनके शासन में भ्रष्टाचार, झूठ और विभाजन बढ़ा है। बंगाल में वे रामनवमी, हनुमान जयंती का नाम लेकर हिंदू वोट बटोरना चाहते हैं, लेकिन असल में यहां की साझा संस्कृति को नुकसान पहुंचाते हैं।
ममता ने त्योहारों की बधाई देते हुए शांति की अपील की, जो पांडवों की तरह सहिष्णुता दिखाती है। कौरव तो हमेशा युद्ध और झगड़े भड़काते थे। आज बंगाल की जनता समझ चुकी है कि भाजपा का आना मतलब अस्थिरता और अन्याय है।
पश्चिम बंगाल के चुनाव में यह लड़ाई निर्णायक होगी। ममता बनर्जी की अगुवाई में तृणमूल कांग्रेस पांडवों की तरह साहस से लड़ रही है। भाजपा की साजिशें नाकाम होंगी क्योंकि सत्य की जीत हमेशा होती है। लोगों को जागरूक होना चाहिए। वोट का अधिकार लोकतंत्र की जान है। भाजपा इसे छीनने की कोशिश कर रही है।
महाभारत में पांडवों की जीत हुई क्योंकि वे धर्म पर थे। आज भी बंगाल में न्याय की जीत होगी। ममता बनर्जी का यह बयान लोगों को एकजुट करने वाला है। भाजपा को समझना चाहिए कि बंगाल कौरवों को नहीं अपनाएगा। यहां की जनता पांडवों की तरह एक होकर लड़ रही है। इस चुनाव में हर वोट महत्वपूर्ण है।
तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों को समर्थन देकर भाजपा की साजिशों को रोकना होगा। ममता दीदी की यह अपील साफ है – अन्याय के खिलाफ खड़े होइए। पांडवों की तरह मिलकर लड़िए। सत्ता का दुरुपयोग करने वाली भाजपा को सबक सिखाना होगा। बंगाल की यह लड़ाई पूरे देश के लिए उदाहरण बनेगी।



