Amit Shah के बयान पर Mamata Banerjee का पलटवार, बंगाल में जारी घमासान
पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं...वैसे-वैसे राजनीतिक माहौल भी बेहद गर्म होता जा रहा है..राज्य में सत्तारूढ़ TMC और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है...

4pm न्यूज नेटवर्क: पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं…वैसे-वैसे राजनीतिक माहौल भी बेहद गर्म होता जा रहा है..राज्य में सत्तारूढ़ TMC और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है…
इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है…मुद्दा है साल 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान सीएम ममता बनर्जी को लगी चोट…जिस पर अब एक बार फिर राजनीति शुरू हो गई है…
29 मार्च को ममता बनर्जी ने एक चुनावी रैली के दौरान केंद्रीय ह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी… जिसमें शाह ने ममता बनर्जी पर विक्टिम कार्ड खेलने का आरोप लगाया था….शाह ने कहा था कि… “ममता दीदी ने हमेशा विक्टिम कार्ड की राजनीति की है। कभी पैर तुड़वा लेती हैं, कभी सिर पर पट्टी बंधवा लेती हैं, कभी बीमार हो जाती हैं और कभी चुनाव आयोग को गालियाँ देती हैं। बंगाल में घुसपैठियों को वोटर बनाकर रखा गया है।”……
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि…ममता बनर्जी कभी पैर तुड़वाती हां…कभी सिर पर पट्टी बंधवा लेती हैं और विक्टिम कार्ड खेलती हैं…अब अमित शाह के इस बयान पर ममता बनर्जी ने अपने अंदाज में पलटवार करते हुए कहा कि…वो कहते हैं कि मैं चुनाव के समय पट्टी बांधकर घूमती हूं…मैं कई बार मौत के मुंह से वापस लौटी हूं…जाकर डॉक्टर की रिपोर्ट देखिए…आगे सीएम ममता ने सवाल उठाते हुए कहा कि…क्या आपने साल 2021 के चुनाव में जानबूझकर मेरे पैर को चोट पहुंचाई थी?…मैंने व्हीलचेयर पर बैठकर प्रचार किया….क्या आप मुझे मारने की योजना बना रहे हैं?…
अब ममता बनर्जी का ये बयान चुनाव के ठीक पहले भावनात्मक होने के साथ ही शाह पर पलटवार भी है….ये वही घटना है जब 2021 के चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी के पैर में चोट लगी थी और उन्हें व्हीलचेयर पर बैठकर पूरे राज्य में प्रचार करना पड़ा था…उस समय भी TMC ने इसे साजिश बताया था…जबकि बीजेपी ने इसे राजनीतिक ड्रामा कहा था…लेकिन जनता ने उस चुनाव में ममता बनर्जी पर भरोसा जताया और TMC ने भारी बहुमत से जीत हासिल की….ये एक बड़ा उदाहरण माना जाता है कि बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी की पकड़ कितनी मजबूत है…
अमित शाह की ओर से TMC सरकार के खिलाफ जारी की गई चार्जशीट पर भी ममता बनर्जी ने कड़ा जवाब दिया….उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर खुद कई सवाल खड़े होते हैं…उन्हें दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने पुराने कर्मों का हिसाब देना चाहिए…हालांकि, उन्होंने सीधे अमित शाह का नाम नहीं लिया…लेकिन उनके बयान का निशाना साफ तौर पर बीजेपी ही थी…ममता बनर्जी ने अपने भाषण में ये भी कहा कि बंगाल की जनता अब समझदार हो चुकी है और वो बाहरी ताकतों के बहकावे में आने वाली नहीं है…उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी बंगाल में नफरत और विभाजन की राजनीति करना चाहती है…लेकिन TMC हमेशा विकास और भाईचारे की बात करती है…उन्होंने जनता से अपील की है कि वो फिर से TMC को मौका दें…ताकि राज्य में विकास की गति बनी रहे…
इस दौरान ममता बनर्जी ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दे को भी उठाया और अमेरिका में भारतीय प्रवासियों के डिपोर्टेशन का जिक्र करते हुए अमित शाह पर निशाना साधा…ममता बनर्जी ने कहा कि…जब गुजरातियों को अमेरिका से कमर में रस्सी बांधकर भारत वापस भेजा जा रहा था, तब आप कहां थे?…ये बयान सीधे तौर पर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता है और बताता है कि ममता बनर्जी सिर्फ राज्य ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय खुलकर रखती हैं…
इस दौरान चुनावी रैली में ममता बनर्जी का आत्मविश्वास भी साफ नजर आया…उन्होंने कहा कि…आपको उम्मीदवार देखने की जरूरत नहीं है…मैं ही हर सीट की उम्मीदवार हूं….ये बयान दिखाता है कि वो चुनाव को पूरी तरह अपने नेतृत्व और जनता के भरोसे पर लड़ रही हैं…दोस्तों, बंगाल की राजनीति में ये पहली बार नहीं है…जब ममता बनर्जी ने खुद को केंद्र में रखकर चुनाव लड़ा हो और हर बार उन्हें सफलता मिली है…अगर पिछले चुनावों पर नजर डालें तो साफ दिखता है कि…बीजेपी ने बंगाल में पूरी ताकत झोंक दी थी…लेकिन इसके बावजूद वो ममता बनर्जी को सत्ता से हटा नहीं पाई…2021 के चुनाव में बीजेपी ने बड़े-बड़े दावे किए थे…लेकिन नतीजों में TMC ने शानदार जीत दर्ज की…यही वजह है कि ममता बनर्जी को बंगाल की राजनीति का सबसे मजबूत चेहरा माना जाता है…
ममता बनर्जी की राजनीति का एक बड़ा पहलू ये है कि वो खुद को आम जनता से जोड़कर रखती हैं…चाहे सड़क पर आंदोलन हो या व्हीलचेयर पर प्रचार…उन्होंने हर परिस्थिति में खुद को एक संघर्षशील नेता के रूप में पेश किया है…यही कारण है कि बंगाल की जनता उन्हें दीदी कहकर बुलाती है और उन पर भरोसा करती है…दूसरी ओर, बीजेपी लगातार ये आरोप लगाती रही है कि TMC सरकार में भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की समस्या है…लेकिन ममता बनर्जी इन आरोपों को खारिज करते हुए कहती हैं कि…ये सब राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और बीजेपी सिर्फ सत्ता हासिल करने के लिए झूठे मुद्दे उठाती है…
इस बार का चुनाव भी काफी दिलचस्प होने वाला है…एक तरफ बीजेपी है…जो बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है…तो वहीं दूसरी तरफ सीएम ममता बनर्जी हैं…जो अपने गढ़ को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा रही हैं….लेकिन अब तक के इतिहास को देखें…तो ये कहना गलत नहीं होगा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के सामने बीजेपी फिलहाल अब तक टिक नहीं पाई है…
यानीकि ये कहना गलत नहीं होगा कि…ये चुनाव सिर्फ दो पार्टियों के बीच मुकाबला नहीं है…बल्कि ये बंगाल की पहचान, संस्कृति और राजनीतिक दिशा का भी सवाल है…ममता बनर्जी खुद को बंगाल की आवाज बताती हैं…जबकि बीजेपी बदलाव का दावा करती है…अब फैसला जनता के हाथ में है कि वो किस पर भरोसा करती है….लेकिन फिलहाल जिस तरह से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आरोपों का जवाब दिया है…उससे ये साफ हो गया है कि वो इस चुनाव में भी आक्रामक तेवर के साथ मैदान में हैं और बीजेपी के लिए राह आसान नहीं होने वाली…
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होंगे…पहले चरण के लिए 23 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को मतदान होगा और फिर 4 मई को चुनावी परिणाम सामने आएंगे….ऐसे में अब सभी की निगाहें 4 मई पर टिकी हुई हैं कि पश्चि बांगाल की जनता इस बार के चुनाव में किसे मुख्यमंत्री पद की कुर्सी पर बिठाती है..



