चुनाव से पहले सूरत में शराब कांड, AAP की रेड में बच्चों से बिकवा रहे शराब का खुलासा
सूरत में अवैध शराब का बड़ा नेटवर्क सामने आया है... आम आदमी पार्टी की रेड में खुलासा हुआ कि... गली-गली देसी शराब बेची जा रही है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव 26 अप्रैल 2026 को होने वाले हैं.. चुनावी तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं.. इसी बीच सूरत के लिंबायत इलाके में अवैध देसी शराब के कारोबार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है.. आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने वार्ड नंबर-26 के दत्तात्रेय नगर में कथित अवैध शराब अड्डे पर जनता रेड की.. इस कार्रवाई को फेसबुक लाइव के जरिए सीधे प्रसारित किया गया.. वीडियो तेजी से वायरल हो गया.. और पूरे शहर में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे..
वहीं वीडियो में दावा किया गया कि लिंबायत थाना क्षेत्र में लंबे समय से अवैध देसी शराब की बिक्री हो रही थी.. जब AAP कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे तो एक मेज पर शराब की पोटलियों से भरा बैग रखा मिला.. लाइव में दिखाए गए दृश्यों ने लोगों को चौंका दिया.. सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि शराब बेचने का काम नाबालिग बच्चों से कराया जा रहा था.. वीडियो में बच्चे पोटलियां बेचते दिख रहे हैं.. जब कार्यकर्ताओं ने पूछा कि यह अड्डा किसका है.. तो बच्चों ने ‘विशालभाई’ का नाम लिया.. इससे सवाल उठा कि पुलिस से बचने के लिए क्या बड़े तस्कर बच्चों को ढाल बना रहे हैं..
AAP नेता श्रवण जोशी ने लाइव के दौरान राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला.. और उन्होंने कहा कि जब गृह मंत्री कहते हैं कि कहीं भी शराब बिकती दिखे तो सूचना दें.. तो देखिए उनकी नाक के नीचे ही शराब बेची जा रही है.. जोशी ने आरोप लगाया कि सूरत में अच्छे सरकारी स्कूल या अस्पताल नहीं मिलते.. लेकिन शराब की पोटलियां गली-गली में आसानी से मिल रही हैं.. उन्होंने इस मामले को सीधे भाजपा सरकार.. और गृह राज्य मंत्री की जिम्मेदारी बताया.. जोशी ने पूछा कि यह कैसा गुजरात मॉडल है.. जहां रिहायशी इलाकों में खुलेआम अवैध शराब का कारोबार चल रहा है..
आपको बता दें कि यह घटना स्थानीय निकाय चुनाव से ठीक पहले हुई है.. सूरत नगर निगम में AAP ने 75 उम्मीदवारों की सूची जारी की है.. पार्टी का कहना है कि सूरत के लोग भाजपा के भ्रष्ट शासन से तंग आ चुके हैं.. इस जनता रेड को पार्टी ने चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की है.. AAP कार्यकर्ताओं ने कहा कि हम जनता के मुद्दों पर सीधे एक्शन ले रहे हैं.. जबकि पुलिस और प्रशासन चुप है.. लिंबायत इलाका सूरत का घनी आबादी वाला रिहायशी क्षेत्र है.. यहां मजदूर वर्ग और मध्यम वर्ग के लोग ज्यादा रहते हैं.. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के अवैध अड्डे लंबे समय से चल रहे हैं.. कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.. AAP के लाइव रेड के बाद महिलाओं और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है.. कई महिलाएं कह रही हैं कि बच्चों के सामने शराब बिकना समाज के लिए खतरा है.. नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल करना और भी गंभीर अपराध है..
आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.. कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या ऐसे अड्डे पुलिस की जानकारी या मिलीभगत से चल रहे हैं.. अगर पुलिस को पता था तो क्यों कार्रवाई नहीं की गई.. AAP कार्यकर्ताओं ने मौके पर पुलिस को बुलाने की बात कही थी.. वहीं अब देखना है कि वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस क्या कार्रवाई करती है.. गुजरात में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध है.. फिर भी अवैध शराब का कारोबार बड़े पैमाने पर चलता है.. सूरत जैसे औद्योगिक शहर में मजदूरों की बड़ी संख्या है.. कई बार रिपोर्ट्स आती हैं कि देसी शराब से जहरीली शराब पीने से मौतें भी होती हैं.. इस मामले में बच्चों का इस्तेमाल करना कानून का उल्लंघन है.. बच्चों को शराब बेचने के लिए इस्तेमाल करना बाल श्रम और बाल अधिकारों का उल्लंघन है..
AAP ने इस घटना को चुनावी हथियार बनाने की कोशिश की है.. पार्टी पहले ही सूरत नगर निगम के लिए 75 उम्मीदवार घोषित कर चुकी है.. ईसुदान गढ़वी और अन्य नेता कह रहे हैं कि.. भाजपा शासन में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.. श्रवण जोशी ने कहा कि हम जनता रेड करके दिखा रहे हैं कि.. असली मुद्दों पर एक्शन लेना चाहिए.. पार्टी का आरोप है कि भाजपा सरकार शराब माफिया को संरक्षण दे रही है.. भाजपा की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.. लेकिन स्थानीय भाजपा नेता कह रहे हैं कि.. AAP खुद विवादों में घिरी हुई है.. हाल ही में श्रवण जोशी से जुड़े कुछ मामलों की खबरें भी आई थीं.. फिर भी यह घटना भाजपा के लिए असुविधाजनक है, क्योंकि चुनाव नजदीक हैं..



