कानपुर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: ड्रोन से प्लानिंग, फिर गांव की घेराबंदी… 19 आरोपी गिरफ्तार
कानपुर में साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई। एडीसीपी सुमित रामटेके की टीम ने ड्रोन से निगरानी के बाद गांव की घेराबंदी कर 19 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। सरकारी योजनाओं के नाम पर सैकड़ों लोगों से ठगी का आरोप।

4 पीएम न्यूज़ नेटवर्क: कानपुर में साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह ऑपरेशन किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। पहले ड्रोन कैमरे से इलाके की पूरी निगरानी की गई, फिर भारी पुलिस बल ने गांव को चारों तरफ से घेर लिया। जब पुलिस ने चेतावनी दी तो एक-एक करके 19 साइबर अपराधियों को पकड़ लिया गया।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व एडीसीपी सुमित रामटेके और एसओजी टीम ने किया। फिलहाल पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले में जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
ड्रोन कैमरे से बनाई गई पूरी रणनीति
पुलिस को सूचना मिली थी कि कानपुर के रेउना इलाके के एक गांव में साइबर ठगी का संगठित गिरोह सक्रिय है। इसके बाद एसओजी और पुलिस टीम ने कार्रवाई से पहले ड्रोन कैमरे की मदद से पूरे इलाके की निगरानी की। ड्रोन से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने रणनीति बनाई और फिर भारी पुलिस बल के साथ गांव की घेराबंदी कर दी। पुलिस की इस कार्रवाई को देखकर कई आरोपी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन घेराबंदी के कारण वे बच नहीं सके।
सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों से ठगी
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सरकारी योजनाओं का लालच देकर लोगों को ठगता था। आरोपी लोगों से फोन पर संपर्क करते और सरकारी योजना का लाभ दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद वे बैंक डिटेल्स और ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी हासिल कर लेते थे और फिर लोगों के खातों से पैसे निकाल लेते थे। पुलिस के अनुसार इस तरीके से सैकड़ों लोगों को ठगा गया है।
मोबाइल फोन और म्यूल अकाउंट्स बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन और बड़ी संख्या में म्यूल अकाउंट्स की जानकारी मिली है। म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं जिनका इस्तेमाल ठगी के पैसे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। पुलिस अब इन खातों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने कुल कितने लोगों को निशाना बनाया।
पूरे गांव से चल रहा था जामताड़ा स्टाइल नेटवर्क
पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह गिरोह “जामताड़ा स्टाइल” में साइबर ठगी कर रहा था। यानी गांव के कई लोग मिलकर इस नेटवर्क को चला रहे थे। हर व्यक्ति की इसमें अलग-अलग भूमिका थी, कोई फोन करता था तो कोई बैंक खातों का इंतजाम करता था। यही वजह है कि पुलिस ने पूरे गांव को घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया।
पूछताछ में हो सकते हैं और बड़े खुलासे
फिलहाल पुलिस सभी 19 आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। संभावना है कि आज पुलिस इस मामले में और बड़े खुलासे कर सकती है, जिसमें ठगी की कुल रकम और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।
रिपोर्ट- प्रांजुल मिश्रा
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