कानपुर में BJP नेता की दरिंदगी! नाबालिग का VIDEO बनाकर करता रहा ब्लैकमेल?

कानपुर में भाजपा नेता पर नाबालिग से दुष्कर्म और वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग का आरोप। पीड़िता ने परेशान होकर आत्महत्या की कोशिश की, जिसके बाद मामला खुला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।

4pm न्यूज नेटवर्क: कानपुर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था और समाज दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक किशोरी की जिंदगी उस वक्त पूरी तरह बदल गई, जब भरोसे के नाम पर उसे धोखा मिला और फिर डर व ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसा दिया गया। मामला इतना गंभीर हो गया कि पीड़िता ने अपनी जान देने तक की कोशिश कर डाली।

क्या है पूरा मामला

कानपुर के नजीराबाद थाना क्षेत्र में एक महिला ने भाजपा से जुड़े एक स्थानीय नेता पर अपनी 17 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़िता की मां, जो तलाक के बाद अकेले बच्चों की परवरिश कर रही हैं, ने आरोप लगाया कि जवाहर नगर निवासी अनुभव पांडेय उर्फ कृष्णा पांडेय ने उनकी बेटी को शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसा लिया। इतना ही नहीं, आरोपी ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर नाबालिग की उम्र में हेरफेर भी किया।

होटल में ले जाकर की वारदात

मां के अनुसार, 3 अप्रैल को आरोपी किशोरी को अपने एक परिचित के ओम पैलेस होटल में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने अश्लील फोटो और वीडियो भी बना लिए।

इसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का सिलसिला। आरोपी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लगातार किशोरी का शोषण करता रहा। मामले में होटल संचालक की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है, जिस पर पीड़िता को डराने-धमकाने का आरोप है।

आत्महत्या की कोशिश के बाद खुला मामला

लगातार मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर किशोरी ने आत्महत्या करने की कोशिश की। इसके बाद ही परिजनों को पूरे मामले की जानकारी मिली। जब पीड़िता की मां आरोपी के घर शिकायत करने पहुंचीं, तो वहां उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी और जान से मारने की धमकी दी गई।

पुलिस की कार्रवाई

इस मामले में अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है और उसके बयान BNSS की धारा 180 और 183 के तहत दर्ज किए जा रहे हैं।

पुलिस अब इस मामले के कई पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें शामिल हैं:

  • आधार कार्ड में कथित हेरफेर
  • होटल संचालक की भूमिका
  • ब्लैकमेलिंग के लिए इस्तेमाल किए गए डिजिटल सबूत

कानून और समाज के लिए बड़ा सवाल

यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज में भरोसे, सुरक्षा और कानून के डर पर भी सवाल खड़े करता है। नाबालिगों को बहला-फुसलाकर अपराध करना और फिर डिजिटल माध्यम से ब्लैकमेल करना एक खतरनाक ट्रेंड बनता जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा

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