प्रधानमंत्री मोदी ने नेता प्रतिपक्ष राहुल से की लंबी बातचीत

महात्मा ज्योतिबा फुले की 200 वीं जयंती मिले दोनों नेता

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। 5 राज्यों में चुनावी घमासान को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। ऐसे में शनिवार सुबह-सुबह भारतीय राजनीति की बेहद खास तस्वीर सामने आई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अचानक ही आमने-सामने आ गए।
इस दौरान राहुल गांधी ने हाथ जोडक़र प्रधानमंत्री का अभिवादन किया। पीएम मोदी ने भी हाथ जोडक़र उनके अभिवादन को स्वीकार किया। यही नहीं दोनों ही नेताओं के बीच फिर काफी देर तक बातचीत होती रही।

हाथ जोडक़र स्वागत, फिर काफी देर तक बातचीत

आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो पीएम मोदी और राहुल गांधी की ये मुलाकात हुई तो चलिए हम बताते हैं। आज महात्मा ज्योतिबा फुले की 2००वीं जयंती है। इस मौके पर संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर खास आयोजन रखा गया। इसी मौके पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद और लोकसभा स्पीकर समेत सियासी दिग्गज पहुंचे थे। इसी समारोह में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात हुई।

पीएम मोदी व अन्य नेताओं ने दी पुष्पांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह महात्मा ज्योतिबा फुले की 2००वीं जयंती के अवसर पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पहुंचे। इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राज्यसभा के पूर्व उपसभापति हरिवंश और अन्य सियासी दिग्गज भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

ईरान-यूएस सीजफायर के बीच इजरायल ने तोड़ी शर्त

साउथ लेबनान की रिहायशी इमारत पर हमला, तीन लोगों की मौत
ईरान से बातचीत के लिए अमेरिका का दल इस्लामाबाद पहुंचा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। ईरान-यूएस सीजफायर के बीच भी लेबनान में इजरायल के हमले जारी हैं। शनिवार को इजरायल ने साउथ लेबनान की एक रिहायशी इमारत पर हमला किया है। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई है। यह हमला साउथ लेबनान के नबातीह के मेफादौन कस्बे की एक रिहायशी इमारत पर किया गया है। उधर पाकिस्तान में ईरान से बातचीत के लिए अमेरिका का दल इस्लामाबाद पहुंच गया है इस दौरान स्थायी सीजफायर को लेकर बातचीत हो सकती है।
अमेरिका और ईरान की बातचीत में लेबनान भी बड़ा मुद्दा है। ईरान का दावा है कि दो हफ्तों का जो सीजफायर हुआ था, उसमें लेबनान भी शामिल था हालांकि, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि दो हफ्तों के सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं था। लेबनान पर इजरायली हमलों के कारण ईरान ने इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता में भी शामिल होने से इनकार कर दिया था। हालांकि, शुक्रवार शाम को इजरायल ने लेबनान के साथ बातचीत की बात कही, जिसके बाद ईरान भी माना। इजरायल और लेबनान के बीच 14 अप्रैल को बातचीत होने की उम्मीद है। लेबनान के राष्टï्रपति जोसेफ आउन ने बताया कि इजरायल के साथ सीधी बातचीत 14 अप्रैल से शुरू होगी। इससे पहले लेबनान और इजरायल के अमेरिका में मौजूद राजदूतों ने लेबनान में अमेरिका के राजदूत के साथ फोन पर बातचीत की थी। इस बातचीत का मकसद उन शर्तों पर चर्चा करना था, जिसके तहत अगले मंगलवार को वॉशिंगटन में बातचीत होनी है इस बातचीत में अमेरिका मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा।

लेबनान व इजरायल सीधी बात को तैयार

लेबनान भी इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच चल रही जंग को खत्म करने के लिए सीधी बातचीत करना चाहता है। लेकिन वह ऐसी बातचीत चाहता है जो किसी सीजफायर के तहत हो, ठीक वैसी है, जैसी अमेरिका और ईरान में बातचीत हो रही है। इजरायल ने भी गुरुवार को बताया कि लेबनान के अनुरोध के बाद वह सीधी बातचीत के लिए तैयार है।

इजरायली हमलों में 4० दिन में 19०० मौतें

इजरायल का दावा है कि ईरान के साथ हुए सीजफायर में हिज्बुल्लाह और लेबनान शामिल नहीं है। जिस दिन अमेरिका-ईरान में सीजफायर हुआ था, उसी दिन इजरायल ने लेबनान पर जोरदार हमला किया था। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में 3०० से ज्यादा लोग मारे गए थे। 28 फरवरी से शुरू हुई जंग में यह देश का सबसे घातक दिन था।

ट्रंप ने नेतन्याहू से हमलों को कम करने को कहा था

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इजरायली पीएम नेतन्याहू से हमलों को कम करने के लिए कहा था। शुक्रवार को लेबनान के राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया कि इजरायली लड़ाकू विमानों ने नबातीह में एक सरकारी सुरक्षा कार्यालय के पास हमला किया, जिसमें 13 अधिकारी मारे गए.

भारत की कूटनीति पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान वार्ता पर मोदी सरकार को घेरा

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच आज शुरू हो रही अमेरिका-ईरान वार्ता पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। एक ओर इससे शांति की उम्मीदें जागी हैं, तो दूसरी ओर इस कूटनीतिक हलचल ने भारत की विदेश नीति, पाकिस्तान की बढ़ती भूमिका और वैश्विक समीकरणों में बदलते संतुलन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अमेरिका-ईरान की बैठक आज इस्लामाबाद में शुरू हो रही है। भारत सहित पूरी दुनिया यह उम्मीद कर रही है कि यह दोनों देशों के बीच एक स्थायी शांति प्रक्रिया की शुरुआत होगी, बस जिसे अपने पड़ोस में इजरायल की जारी आक्रामकता पटरी से न उतार दे।
लेकिन स्वयंभू विश्वगुरु की झप्पी कूटनीति के सार और शैली-दोनों-को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं- प्रैल 025 के कायरतापूर्ण पहलगाम आतंकी हमले में अपनी भूमिका और उसके बाद भारत द्वारा उसे अलग-थलग करने के लिए चलाए गए कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद पाकिस्तान ने अपने लिए यह नई भूमिका कैसे बना ली? यह विफलता इसलिए और भी गंभीर है क्योंकि डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने नवंबर 8 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद पाकिस्तान को असरदार रूप से अलग-थलग कर दिया था।नमस्ते ट्रंप, हाउडी मोदी और फिर एक बार ट्रंप सरकार जैसे कैंपेन के बावजूद भारत ने अमेरिका को पाकिस्तान को यह नई भूमिका देने की इजाज़त कैसे दी? भारत ने एक स्पष्ट रूप से एकतरफा व्यापार समझौते पर भी सहमति दी, जिसमें उसने जितना पाया, उससे कहीं अधिक दिया-फिर भी मोदी सरकार अमेरिका के साथ कोई ठोस लाभ हासिल करने में विफल रही।
पिछले अठारह महीनों में चीन के प्रति भारत की संतुलित आत्मसमर्पण की नीति से देश को क्या हासिल हुआ-खासकर तब, जब ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में पाकिस्तान की भूमिका में चीन की केंद्रीय भूमिका रही है और वह लगातार पाकिस्तान को समर्थन देता रहा है? पश्चिम एशिया में शांति जल्द से जल्द बहाल होनी चाहिए। होरमुज स्ट्रेट को भी उसी स्थिति में लौटना चाहिए, जो 28 फरवरी को अमेरिका-इजऱायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू होने से पहले थी-यानी ठीक दो दिन बाद, जब पीएम मोदी ने इजऱायल की एक बेहद अविवेकपूर्ण और गलत समय पर की गई यात्रा पूरी की थी।

पीएम मोदी ने बंगाल में लाखों वोटों की कटौती करवाई: अरविंद केजरीवाल

आप संयोजक बोले- सभी संस्थाओं पर कब्जा कर रही बीजेपी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर संस्थागत अधिग्रहण और लाखों वोटों की कटौती का आरोप लगाया।
एक्स पर एक पोस्ट में केजरीवाल ने कहा कि सभी संस्थाओं पर कब्ज़ा करने और लाखों वोटों की कटौती करवाने के बाद भी, अगर मोदी पश्चिम बंगाल चुनाव हार जाते हैं तो क्या होगा? पश्चिम बंगाल विधानसभा के 294 सदस्यों के लिए चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होने हैं, और मतगणना 4 मई को होगी। राज्य का राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है, जिसमें सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के बीच, विशेष रूप से मतदाता सूची संशोधन और चुनाव तैयारियों को लेकर, तीखी नोकझोंक देखने को मिली है। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने हाल ही में चुनाव आयोग और भाजपा पर बड़े पैमाने पर मतदाता सूचियों से नाम हटाने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि टीएमसी के सत्ता में वापस आने पर इस प्रक्रिया को उलट दिया जाएगा और मतदाता सूचियों से हटाए गए नामों के वर्गीकरण पर सवाल उठाया। इस बीच, भाजपा ने पश्चिम बंगाल में अपना चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 26 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी का घोषणापत्र जारी किया, जिसमें उन्होंने वादा किया कि अगर भाजपा राज्य में सरकार बनाती है तो छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर दी जाएगी। शाह ने घुसपैठ और पशु तस्करी के खिलाफ कड़े कदम उठाने का भी वादा किया और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक आयोग के गठन की घोषणा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता बदलाव चाहती है और आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने नागरिकों में निराशा और भय पैदा कर दिया है। जैसे-जैसे चुनाव प्रचार तेज हो रहा है, विभिन्न पार्टियों के नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी जारी रहने की उम्मीद है, जिससे राज्य में उच्च दांव वाले चुनावी मुकाबले में तनाव और बढ़ जाएगा।

मथुरा नाव हादसा: फिर यमुना में उतरे गोताखोर

सात श्रद्धालु अब भी लापता, शनिवार को एक और शव हुआ बरामद
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मथुरा। यमुना में शुक्रवार को पैंटून पुल के पीपे से टकराकर पलटी मोटरबोट में सवार सात श्रद्धालुओं का अभी तक पता नहीं चल पाया है। रात एक बजे तक बचाव कार्य करने के बाद सुबह साढ़े पांच बजे से फिर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के गोताखोर 2० मोटरबोट के साथ यमुना में उतर गए।
करीब दस किलो मीटर के दायरे में लापता लोगों की खोज की जा रही है, लेकिन अब तक कोई पता नहीं चल सका है। प्रशासन की सूची में अभी चार से पांच लोग लापता हैं, लेकिन ऐसे लापता श्रद्धालु भी पहुंचे हैं, जिनके परिवार के सदस्य नाव में सवार थे और गायब हैं। ऐसे में अब लापता श्रद्धालुओं की संख्या सात मानी जा रही है। अभियान के दौरान यमुना में शुक्रवार को डूबे पंजाब के श्रद्धालुओं में एक और माणिक टंडन का शव शनिवार सुबह मिल गया है। अब तक 11 शव बरामद किए गए हैं।शुक्रवार को दोपहर पंजाब के लुधियाना के श्रद्धालुओं का जत्था वृंदावन के केशीघाट से यमुना के पार देवराहा बाबा की समाधि स्थल पर दर्शन के लिए जा रहा था। यमुना पर खोले गए पैंटून पुल को जोडऩे के दौरान तेज बहाव में पुल का पीपा मोटरबोट से टकरा गया और बोट पलट गई। उसमें सवार 37 से अधिक श्रद्धालु यमुना में डूब गए। आसपास मौजूद गोताखोरों में 22 लोगों को बचा लिया।
एंबुलेंस से पंजाब भेजे 1० मृतकों के शव
उधर, जिन दस श्रद्धालुओं की हादसे में मृत्यु हुई है, उनके शव देर रात पोस्टमार्टम के बाद पंजाब के लिए रवाना कर दिए गए। लुधियाना निवासी श्रद्धालुओं के शव सुबह दस बजे उनके घर पहुंच गए, जबकि जगराओं निवासी श्रद्धालुओं के शव दोपहर में पहुचेंगे। पूरे मामले की जांच डीएम सीपी सिंह ने एडीएम वित्त डॉ. पंकज वर्मा को सौंपी है।

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