देश से झूठ बोलना बंद करें पीएम: खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा को घेरा, बोले- राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं के आरक्षण के उपाय के रूप में गलत तरीके से पेश किया जा रहा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक की हार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर कन्या भ्रूण हत्या का आरोप लगाया, जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री पर पलटवार करते हुए उन्हें हताश बताया। खरगे ने साफ तौर पर कहा कि इसे राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं के आरक्षण के उपाय के रूप में गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं है।
खरगे ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में कुछ भी सार्थक न कर पाने वाले हताश और निराश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने आधिकारिक संबोधन को कीचड़ उछालने और सरासर झूठ से भरे राजनीतिक भाषण में बदल दिया। आचार संहिता पहले से ही लागू है और यह स्पष्ट था कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने विरोधियों पर हमला करने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कैसे किया। यह लोकतंत्र और भारत के संविधान का घोर अपमान है।उन्होंने कहा कि मोदी जी ने कांग्रेस का 59 बार जिक्र किया और महिलाओं का केवल कुछ ही बार। इससे देश को उनकी प्राथमिकताओं के बारे में सब कुछ पता चल जाता है। महिलाएं भाजपा की प्राथमिकता नहीं हैं। कांग्रेस है, क्योंकि कांग्रेस इतिहास के सही पक्ष में खड़ी है। कांग्रेस ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है। हम वह पार्टी थे जिसने 2०1० में राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित कराया ताकि वह निरस्त न हो जाए। भाजपा उस विधेयक को लोकसभा में पारित नहीं करा सकी। उन्होंने 23 में एक और विधेयक लाया और कांग्रेस पार्टी ने उसका भी समर्थन किया।
खरगे ने कहा कि वह विधेयक अभी भी लागू है। दरअसल, इसे 16 अप्रैल को अधिसूचित किया गया था, जब लोकसभा परिसीमन संबंधी संवैधानिक संशोधन विधेयकों पर चर्चा कर रही थी। यह कार्य उसी प्रधानमंत्री द्वारा किया गया था। भाजपा को अपना विधेयक अधिसूचित करने में तीन साल लग जाना, भारत की नारी शक्ति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है! उन्होंने कहा कि मोदी जी को देश से झूठ बोलना बंद करना चाहिए — उन्हें 2023 के कानून के तहत मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में महिलाओं के लिए 33त्न आरक्षण लागू करना चाहिए। महिलाओं को उनका उचित प्रतिनिधित्व अभी न दें।

नेता प्रतिपक्ष ने की मणिपुर में तनाव को लेकर भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को मणिपुर में तनाव को लेकर भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने ही आग लगाई है। उन्होंने सत्तारूढ़ दल को मैतेई और कुकी समुदायों के बीच संघर्ष के लिए जिम्मेदार ठहराया। कोलाचेल में एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मणिपुर में जो हुआ उसे देखिए। एक शांतिपूर्ण राज्य। उन्होंने आग लगा दी और सैकड़ों लोग मारे गए। वहां अभी भी गृहयुद्ध जारी है। राहुल गांधी की ये टिप्पणी मणिपुर में नए सिरे से तनाव के बाद आई है, जो ट्रोंगलाओबी अवांग लेइकाई में एक आतंकवादी हमले में 5 वर्षीय लडक़े और उसकी 5 महीने की बहन की मौत के बाद पैदा हुआ है। इस घटना से व्यापक आक्रोश फैल गया है, प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख सडक़ों को अवरुद्ध कर दिया है और कुछ क्षेत्रों में हिंसा की खबरें भी आई हैं। सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और स्मोक बमों का इस्तेमाल किया है। राहुल गांधी ने मणिपुर की स्थिति को भाजपा के सत्ता पर कब्जा करने और दिल्ली से राज्यों को चलाने के इरादे से जोड़ा और आरोप लगाया कि इसी तरह की रणनीति का इस्तेमाल तमिलनाडु में एआईएडीएमके को नियंत्रित करने के लिए भी किया जा रहा है।
कश्मीर के उधमपुर में भीषण सडक़ हादसा
यात्रियों से भरी बस पलटी, 18 की मौत
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सोमवार को एक दर्दनाक सडक़ हादसा हुआ। रामनगर-उधमपुर हाईवे पर काघोते के पास एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे कम से कम 18 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं।
हालांकि, मलबे और बस की स्थिति को देखते हुए मरने वालों की संख्या बढऩे की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि सोमवार को जम्मू-कश्मीर में काघोते के पास रामनगर-ऊधमपुर हाईवे पर एक यात्री बस पलटने से कई लोगों की जान चली गई। इस घटना में कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिन्हें पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है; बचाव अभियान के लिए अधिकारी भी मौके पर पहुँच गए हैं। हालाँकि, मरने वालों की संख्या बढऩे की आशंका है, क्योंकि बचाव अभियान अभी भी जारी है। स्थानीय लोगों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, बस चालक ने बस से नियंत्रण खो दिया और काघोते के पास बस सडक़ से फिसलकर पलट गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस बहुत तेज़ रफ़्तार से चल रही थी, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई।
बचाव अभियान के लिए वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँच गए हैं, और उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (स्ष्ठरू) ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों को जल्द से जल्द इलाज मुहैया कराया जाए। ऊधमपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में भी टीमों को अलर्ट कर दिया गया है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर पहाड़ी रास्तों पर वाहनों की रफ्तार और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हाईवे पर मोड़ और ढलान के बावजूद बसों की ओवरस्पीडिंग आम बात है, जो अक्सर ऐसी बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनती है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बस के कागजात व तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।
तमिलनाडु में में पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका, 2० मरे
तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के कट्टानारपट्टी गांव में स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई में जोरदार धमाका हुआ। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसने आसपास की चार अन्य पटाखा इकाइयों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस दुखद घटना में 2० लोगों की जान चली गई है, जबकि 6 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘विरुधुनगर जिले के कट्टानारपट्टी में पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके में कई लोगों की मौत की खबर से मुझे गहरा दुख हुआ है। पीडि़त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। म मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों को लेकर निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य के मंत्रियों रामचंद्रन और थंगम थेन्नारासु को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्यों की निगरानी करने और प्रभावित परिवारों को सांत्वना देने के लिए कहा है।
सुप्रिया सुले ने राहुल गांधी की तारीफ की
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की तारीफ की। सोमवार को उन्होंने राहुल गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें किसी भी जांच एजेंसी से डर नहीं लगता,अगर ईमानदारी के लिए ओलंपिक में कोई पदक होता तो राहुल गांधी निस्संदेह उसे जीतते।
महिला आरक्षण पर सुप्रिया सुल ने कहा कि यह महिलाओं के आरक्षण का बिल नहीं था बल्कि यह परिसीमनसे जुड़ा था। महिला आरक्षण विधेयक तो पहले ही 2००3 में पारित हो चुका है। भारत के राष्ट्रपति द्वारा भी इसे अधिसूचित किया जा चुका है।
इसके आगे उन्होंने कहा, अगर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यह कह रहे हैं कि जनगणना प्रक्रिया के कारण 2029 तक महिला आरक्षण लागू होने में देरी हो रही है, तो फिर उन्हें यह भी बताना चाहिए कि इस प्रक्रिया को तेज करने से उन्हें किसने रोका था। वे जनगणना पूरी कराकर 029 तक इसे लागू कर सकते थे। सुप्रिया सुले ने मुख्यमंत्री फडणवीस को पत्र लिखकर राज्य में आदिवासी लड़कियों के लापता होने के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता भी जताई है. उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दलों द्वारा लगाए जा रहे आरोप गलत हैं. यह पहली बार हो रहा है कि सत्ताधारी दल ही विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. लोकतंत्र में हर किसी को विरोध करने का अधिकार है और हम इसका स्वागत करते हैं।
भूकंप से जापान में कांपी धरती, 7.4 तीव्रता के झटके किए गए महसूस
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। जापान के उत्तरी हिस्से में सोमवार को 7।4 मैग्नीट्यूड के भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के बाद तटीय इलाकों के लिए तुरंत सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इवाते प्रीफेक्चर और होक्काइडो के कुछ हिस्सों में समुद्र की लहरें करीब 3 मीटर तक ऊंची उठ सकती हैं।
लोगों से कहा गया है कि वे तुरंत सुरक्षित और ऊंची जगहों पर चले जाएं। सरकार और आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन यह भी समझने की कोशिश कर रहा है कि भूकंप और सुनामी से कितना नुकसान हो सकता है। जारी चेतावनी में यह भी कहा गया है कि सुनामी की लहरें तट के पास पहुंचनी शुरू हो चुकी हैं और ये एक बार नहीं, बल्कि कई बार आ सकती हैं। एडवाइजरी में कहा गया है कि लोगों को बिना समय गंवाए, वहां से हट जाना चाहिए । अधिकारियों ने यह भी बताया कि लहरें तय समय से पहले या बाद में आ सकती हैं और उनकी ऊंचाई अनुमान से ज्यादा भी हो सकती है।
खास तौर पर समुद्री तटों और नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को वहां से दूर रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि पानी का लेवल अचानक बढ़ सकता है। इस वजह से इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।
जदयू विधायक दल के नेता अभी तय नहीं
बैठक में नीतीश कुमार बोले- आपलोग चिंता मत कीजिए
१११ 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। आज जनता दल यूनाइटेड के लिए खास दिन है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने नेतृत्व में एक अणे मार्ग में मुख्यमंत्री आवास पर जनता दल यूनाईटेड के विधायक दल की बैठक हुई। नई सरकार बनने के पास पहली बार हुई इस बैठक में शामिल होने के लिए जदयू के सभी वरिष्ठ नेता, विधायक, विधान परिषद् सदस्य और पदाधिकारी पहुंचे। 82 मिनट तक चली इस बैठक में विधायक दल के नेता पर फैसला नहीं हो पाया।
संभावना है कि विजय चौधरी को विधायक दल का नेता चुना जाए। इधर, जदयू विधायकों को संबोधित रखते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि आप लोग चिंता मत कीजिए। सबकुछ ठीक है। अगले चुनाव की तैयारी हमलोगो को अभी से ही करनी है। 025 के चुनाव से भी अधिक बेहतर प्रदर्शन करना है। मैं भले ही दिल्ली जा रहा हूं लेकिन आप सबके बीच अधिक रहूंगा। वहीं जदयू के वरिष्ठ नेताओं ने निशांत कुमार को बड़ी जिम्मेदारी देने की मांग उठी। हालांकि निशांत इस बैठक में नहीं आए थे। जदयू नेताओं ने कहा कि निशांत जल्द ही बिहार भ्रमण पर निकलेंगे। वह जल्द ही बड़ी भूमिका में नजर आ सकते हैं। इधर, बैठक से पहले जदयू के पूर्व मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि यह बैठक दल को मजबूत करने और संगठनात्मक मजबूती पर चर्चा के लिए बुलाई गई है। उन्होंने बताया कि सभी विधायकों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। जदयू नेता श्रवण कुमार ने जानकारी दी कि विधायक दल की बैठक सुबह 11 बजे निर्धारित की गई, जिसमें पार्टी पदाधिकारियों के चयन पर भी फैसला लिया जाएगा। इधर, बैठक से पहले जनता दल यूनाईटेड के प्रदेश कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर ने सियासी पारा और चढ़ा दिया है। बैनर-पोस्टरों में नेक्स्ट सीएम ऑफ बिहार लिखा गया है। एक पोस्टर में लिखा है, नीतीश नहीं तो निशांत चाहिए। जदयू नेताओं ने इन पोस्टरों के जरिए निशांत कुमार को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं।
जदयू ने सोशल मीडिया पर निशांत कुमार की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि समाजवादी विचारक राम मनोहर लोहिया के समाजवाद से प्रेरित निशांत कुमार अपने सिद्धांतों को लेकर स्पष्ट रुख रखते हैं और क्राइम, करप्शन व कम्युनलिज्म के खिलाफ सख्त माने जाते हैं। फिलहाल, जदयू विधायक दल की इस बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसके फैसले बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।



