Iran का बड़ा झटका! शांति वार्ता से मुकरा, Hormuz में जहाज पर हमले से युद्ध की चिंगारी तेज
भड़के ईरान ने पलटवार करते हुए अमेरिकी जहाजों पर धड़ाधड़ ड्रोन अटैक कर दिया...जिससे होर्मुज में सीजफायर तो टूटा ही...साथ ही साथ ईरान ने अब अमेरिका के साथ शांति वार्ता से भी इनकार कर दिया है...

4पीएम न्यूज नेटवर्क: एक बार फिर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पागलपन से पूरी दुनिया में हाहाकार मच गया है…खबर है कि अमेरिका ने ईरानी झंडे वाले एक विशाल कमर्शियल जहाज को जब्त कर लिया…
जिससे भड़के ईरान ने पलटवार करते हुए अमेरिकी जहाजों पर धड़ाधड़ ड्रोन अटैक कर दिया…जिससे होर्मुज में सीजफायर तो टूटा ही…साथ ही साथ ईरान ने अब अमेरिका के साथ शांति वार्ता से भी इनकार कर दिया है…जिससे अब तबाही का मंजर दिखाई दे सकता है…तो आखिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कैसे हैं मौजूदा हालात और कैसे ट्रंप के पागलपन से खतरे में आई अमेरिकी नौसेना…..
ट्रंप के पागलपन से दुनिया में हाहाकार! होर्मुज पर हालात हुए बेकाबू, एशिया-यूरोप पर मंडराया भारी संकट, मिडिल ईस्ट से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है कि…दुनिया एक बार फिर जंग के मुहाने पर खड़ी है…अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब और भी ज्यादा खतरनाक मोड़ ले चुका है…हालात ऐसे हैं कि कूटनीति लगभग खत्म होती दिख रही है और युद्ध का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है…ऐसे में सवाल ये है कि क्या ट्रंप की सनक से एक बार फिर दुनिया एक बड़े संकट की ओर बढ़ रही है?…
दरअसल, मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव अब सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा…अमेरिका और ईरान के बीच हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि…शांति की सारी उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं…पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत शुरू होने से पहले ही बिखर गई है…ईरान ने साफ कह दिया है कि वो किसी भी नए वार्ता दौर में शामिल नहीं होगा…
ईरान की सरकारी एजेंसियों ने अमेरिका पर सीधे आरोप लगाए हैं…उनका कहना है कि अमेरिका बातचीत के नाम पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है…बार-बार शर्तें बदलना, अव्यवहारिक मांगें रखना और समुद्र में नाकाबंदी करना….इन सबने भरोसे को पूरी तरह खत्म कर दिया है…ईरान का साफ कहना है कि मौजूदा हालात में किसी भी सकारात्मक बातचीत की उम्मीद नहीं बची है…
मतलब एक ओर ईरान-अमेरिका युद्ध को सुलझाने के लिए तो इस्लामाबाद में बातचीत की मेज सज रही है…तो दूसरी ओर ईरान ने कह दिया है कि अमेरिका ने उसके एक व्यापारिक जहाज टॉस्का को अपने कब्जे में ले लिया है…जिसके बाद इरान भडका है और ऐसा भड़का है कि ईरान ने चेतावनी दी है कि वो इसका जवाब देगा और बदला भीषण होगा…ईरान की ओर से इसे सीजफायर का उल्लंघन बताया गया है और ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने चेतावनी दी है कि वे अमेरिका की इस समुद्री दादागिरी का मुंहतोड़ जवाब देंगे…
वहीं ईरानी अधिकारियों ने बयान में कहा कि अमेरिकी बलों ने ईरानी झंडे वाले इस कार्गो जहाज पर हमला किया…उसके नेविगेशन सिस्टम को निष्क्रिय किया और फिर जहाज पर चढ़ गए…तेहरान ने इस कार्रवाई को समुद्री डकैती करार दिया और कहा कि उसकी सेना इसका जवाब देगी…..और ये पुष्टि ऐसे समय आई है…जब इससे पहले ईरानी मीडिया में अलग दावा किया गया था कि…अमेरिकी बलों को ईरान की IRGC की नौसेना इकाइयों के हस्तक्षेप के बाद पीछे हटना पड़ा था…
और इस पूरे विवाद की जड़ में है अमेरिका का पागलपन…जिसे आगे बढ़ा रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप….ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी किसी भी हालत में जारी रहेगी…उनका ये फैसला ही इस टकराव को और ज्यादा भड़काने वाला साबित हो रहा है…यही वजह है कि हालात अब कूटनीति से निकलकर सैन्य टकराव की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं…
इस टकराव की सबसे बड़ी वजह बना Strait of Hormuz….आपको बता दें कि ये दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता है…जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है…अगर यहां कोई भी बाधा आती है…तो उसका असर सीधे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है…यही वजह है कि Strait of Hormuz में बढ़ता तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता की वजह बन गई है…
जैसे ही Strait of Hormuz में टकराव की खबरें सामने आईं…अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में उथल-पुथल मच गई…कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेज उछाल देखने को मिला…जिसे लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे…तो तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं…
इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा…क्योंकि, पेट्रोल-डीजल से लेकर रोजमर्रा की हर चीज महंगी हो सकती है…….लेकिन, तनाव तब और भी ज्यादा बढ़ गया…जब अमेरिका ने ईरान के एक कार्गो जहाज को निशाना बनाया…रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी नौसेना ने टूस्का नाम के ईरानी जहाज पर फायरिंग की और उसे अपने कब्जे में ले लिया…ईरान ने इस कार्रवाई को समुद्री डकैती बताया और कड़ा विरोध जताया…
इस घटना के बाद ईरान ने भी आक्रामक रुख अपनाया…Islamic Revolutionary Guard Corps यानी IRGC ने अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमले किए…भले ही इन हमलों का पूरा नुकसान सामने नहीं आया हो…लेकिन इन हमलों से ये साफ हो गया है कि ईरान अब पीछे हटने के मूड में बिल्कुल भी नहीं है…IRGC ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि ईरान लंबे समय तक युद्ध लड़ने के लिए तैयार है…उनका कहना है कि जब तक उनकी सभी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक कोई बातचीत संभव नहीं है…
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने साफ कहा है कि अमेरिका का धौंस जमाने वाला व्यवहार अविश्वास को और गहरा करेगा…उनका कहना है कि ईरान अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी धमकी के आगे नहीं झुकेगा……ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान का ये बयान इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं…
वहीं इस पूरे विवाद में पाकिस्तान एक Mediator की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है…प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से बातचीत की है…हालांकि अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है और स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है…….जिसके बाद कहा जा रहा है कि अब इस टकराव का असर सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा…इजराइल जैसे देश भी इसमें शामिल हो सकते हैं…जिससे ये एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है…खासतौर पर एशिया और यूरोप के देश, जो तेल के लिए खाड़ी पर निर्भर हैं, सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे…
अगर ये तनाव युद्ध में बदलता है…तो इसका सबसे बड़ा असर आम आदमी पर पड़ेगा…जहां महंगाई बढ़ेगी, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे, और रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो जाएगी…यानी ये संकट सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर घर तक पहुंचेगा….कुल मिलाकर, हालात बेहद नाजुक हैं..
कूटनीति…कमजोर पड़ती दिख रही है और सैन्य टकराव का खतरा बढ़ता जा रहा है…अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या हालात संभलेंगे… या फिर ट्रंप के पागलपन के चलते पूरी दुनिया एक और बड़े युद्ध की ओऱ बढ़ जाएगी…और अगर ट्रंप ऐसे ही ईरान को छेड़ते रहे…तो क्या ईरान युद्ध की इस जिद को छोड़ेगा भी या नहीं .



