नए डीएम की एंट्री और सिस्टम में हलचल! लखीमपुर में बदलेंगे हालात?
लखीमपुर खीरी में नए डीएम अंजनी कुमार सिंह ने पदभार संभालते ही जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और जनसुनवाई को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। अधिकारियों को प्रो-एक्टिव होकर काम करने की हिदायत दी।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: प्रशासनिक बदलाव अक्सर उम्मीदों के नए दरवाजे खोलते हैं। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में नए जिलाधिकारी की तैनाती के साथ ही आम जनता को बेहतर व्यवस्था और तेज सुनवाई की उम्मीद जगी है। पदभार संभालते ही डीएम ने साफ कर दिया कि उनकी प्राथमिकता सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं का समाधान है।
जनसमस्याओं के समाधान पर खास जोर
लखीमपुर खीरी में नए जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कोषागार पहुंचकर विधिवत रूप से पदभार ग्रहण किया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को संभाला। पदभार संभालते ही डीएम अंजनी कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि जिले की जनता की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए और तय समय सीमा में उसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जनसुनवाई को प्रभावी बनाने के निर्देश
डीएम ने जनसुनवाई प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और संतोषजनक बनाने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और पीड़ित को समाधान का स्पष्ट आश्वासन दिया जाए।
अधिकारियों को प्रो-एक्टिव बनने की हिदायत
उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को प्रो-एक्टिव होकर काम करने की सलाह दी। डीएम ने कहा कि समस्याओं के आने का इंतजार करने के बजाय पहले से ही संभावित मुद्दों की पहचान कर उनका समाधान किया जाए।
‘जनता दर्शन’ में नियमित उपस्थिति जरूरी
डीएम ने ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता से सीधे संवाद ही प्रशासन की असली कसौटी है।
जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना प्राथमिकता
जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम किया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर प्रशासनिक अनुभव मिल सके। लखीमपुर खीरी में नए डीएम की नियुक्ति के साथ प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की उम्मीद बढ़ गई है। अब देखना होगा कि दिए गए निर्देश जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से लागू होते हैं और आम जनता को इसका कितना लाभ मिलता है।
यह भी पढ़ें: प्रशासन सोता रहा, माफिया खोदते रहे जमीन! NGT नियम धरे रह गए, उन्नाव में खुलेआम खनन का खेल जारी


