Manish Sisodia का BJP पर बड़ा हमला | AAP की चुनौती से सियासत गरम!

आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने BJP पर तीखा हमला बोलते हुए भ्रष्टाचार... और विफलताओं के आरोप लगाए...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने हाल ही में एक बयान दिया है.. जिसमें उन्होंने कहा कि हमने वह किया जो सत्तारूढ़ दल विपक्ष में रहकर नहीं कर सका.. उन्होंने आगे कहा कि पिछले पांच वर्षों में भाजपा ने केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति की है.. जबकि सूरत के स्कूलों, अस्पतालों और बुनियादी सुविधाओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया है.. सिसोदिया ने जोर दिया कि गुजरात के स्थानीय स्वशासन चुनावों में आप के उम्मीदवार भाजपा के 30 साल पुराने भ्रष्टाचार.. और अक्षमता को अपने दम पर चुनौती दे रहे हैं.. अब समय आ गया है कि लोग शिक्षा, स्वास्थ्य.. और विकास के मुद्दे पर आप को वोट दें और एक बेहतर विकल्प चुनें..

वहीं यह बयान गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों के ठीक बीच में आया है.. जब 26 अप्रैल  को मतदान होने वाला है.. सूरत म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन समेत पूरे राज्य के 15 म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों.. और 260 तालुका पंचायतों में कुल करीब 10,000 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं.. भाजपा पिछले 30 साल से गुजरात पर राज कर रही है.. और एसएमसी में भी लगातार छह बार सत्ता में रही है.. आप इस बार मजबूती से मैदान में है.. और खुद को भाजपा के खिलाफ असली विकल्प बता रही है..

आपको बता दें कि सूरत को हीरा और टेक्सटाइल का शहर कहा जाता है.. यहां की आबादी 2011 की जनगणना के बाद बढ़कर करीब 46 लाख से ज़्यादा हो गई है.. शहर तेजी से बढ़ रहा है.. लेकिन इसके साथ पानी, सड़क, स्कूल और अस्पताल जैसी बुनियादी समस्याएं भी बढ़ी हैं.. भाजपा का कहना है कि उसने शहर को विश्वस्तरीय बनाने के लिए कई प्रोजेक्ट किए हैं.. आप का आरोप है कि 30 साल की सत्ता के बावजूद स्कूल खराब हैं.. अस्पतालों में सुविधाएं कम हैं.. और आम आदमी की रोज़मर्रा की समस्याएं हल नहीं हुईं..

भाजपा 1995 से गुजरात में सत्ता में है.. 2021 के निकाय चुनाव में एसएमसी की 120 सीटों में से भाजपा ने 93 जीती थी.. आप ने 27 और कांग्रेस शून्य पर रही थी.. बाद में आप के कुछ पार्षद भाजपा में शामिल हो गए.. जिससे भाजपा की ताकत और बढ़ गई.. 2026 के चुनाव में भाजपा ने सभी 120 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं.. और मिशन 120 का लक्ष्य रखा है.. उसका घोषणापत्र फ्री शिक्षा (केजी से कॉलेज तक), एआई और रोबोटिक्स कॉलेज, 24 घंटे पानी, मेट्रो प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करना.. और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट जैसे वादों से भरा है.. भाजपा कहती है कि सूरत स्वच्छता सर्वे में लगातार नंबर 1 रहा है.. और शहर में पानी, सीवर और सड़कों का विकास हुआ है..

लेकिन कुछ सवाल भी उठे हैं.. भाजपा के ही विधायक किशोर कनानी ने 2026-27 बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़कें खराब हैं.. ट्रैफिक जाम बढ़ रहा है.. और तापी नदी पर ब्रिज का काम चार साल से अटका है.. उन्होंने कहा कि ग्राउंड रियलिटी और दावों में अंतर है.. कुछ इलाकों में पानी की समस्या पर स्थानीय लोगों ने भाजपा नेताओं से नाराजगी जताई.. महिलाओं ने 30 साल के विकास पर सवाल किए.. आप ने स्वच्छता सर्वे पर आरोप लगाया कि.. भाजपा ने रिकॉर्ड में हेरफेर किया.. क्योंकि 100% कचरा प्रोसेसिंग जरूरी है.. लेकिन सूरत में पांच साल से यह पूरा नहीं हुआ..

आप ने सूरत में 114 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं.. पार्टी का कहना है कि वह दिल्ली और पंजाब मॉडल लाएगी.. यानी अच्छे स्कूल, मुफ्त इलाज और साफ-सुथरी सुविधाएं.. आप के नेता कहते हैं कि भाजपा केवल आरोप लगाती रही, लेकिन काम नहीं किया.. सिसोदिया का बयान भी इसी लाइन पर है.. आप के गुजरात प्रमुख मनोज सोरठिया ने कहा कि पार्टी आम लोगों को टिकट दे रही है.. न कि परिवारवाद को..

आपको बता दें कि सूरत की साक्षरता दर 87.89% है.. जो राष्ट्रीय औसत से ऊपर है.. गुजरात में स्कूलों की बुनियादी सुविधाएं अच्छी हैं.. 99.9% स्कूलों में बिजली, 97.8% में कंप्यूटर और 96.5% में इंटरनेट है। मेडिकल चेकअप कवरेज 85.1% है (राष्ट्रीय 75.5%)। लेकिन चुनौतियां भी हैं.. प्राइमरी जीईआर 2021-22 में 93.1% से गिरकर 2024-25 में 79.6% रह गया.. सेकेंडरी ड्रॉपआउट रेट 16.9% है.. जो राष्ट्रीय 11.5% से ज़्यादा है.. एससी बच्चों का प्राइमरी जीईआर केवल 72.5% है.. आप का कहना है कि म्यूनिसिपल स्कूलों में शिक्षक और सुविधाएं कम हैं.. जबकि भाजपा फ्री शिक्षा और नए कॉलेजों का वादा कर रही है..

सूरत म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने पब्लिक हेल्थ में कुछ अच्छा काम किया है.. इन्फेंट मॉर्टेलिटी रेट 17.98% और मातृ मृत्यु दर 0.46% है.. शहर में स्वास्थ्य केंद्र और फायर स्टेशन बनाए जा रहे हैं.. 2025 में 600 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट लॉन्च किए गए.. जिनमें स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं.. लेकिन आप का आरोप है कि अस्पतालों में भीड़ ज़्यादा है.. दवाएं कम हैं और गरीबों को सही सेवा नहीं मिलती.. कुछ इलाकों में पानी की समस्या से बीमारियां बढ़ती हैं.. भाजपा कहती है कि नए हेल्थ सेंटर और डिजिटल सेवाएं आ रही हैं..

सूरत में तापी नदी से पानी लिया जाता है और ट्रीटमेंट प्लांट हैं.. लेकिन बढ़ती आबादी के कारण कुछ इलाकों में पानी की किल्लत और बाढ़ की समस्या है.. भाजपा ने 24×7 पानी का वादा किया है.. सड़कें और ड्रेनेज पर काम चल रहा है.. लेकिन विधायक कनानी ने ही कहा कि कई प्रोजेक्ट अटके हैं.. आप का कहना है कि 30 साल में भी साफ-सफाई और ट्रैफिक की समस्या पूरी तरह ठीक नहीं हुई.. स्वच्छता सर्वे पर विवाद है, लेकिन सूरत ने कई बार टॉप रैंक हासिल की है..

26 अप्रैल को वोटिंग होगी और 28 अप्रैल को नतीजे आएंगे.. भाजपा ने 700 से ज़्यादा उम्मीदवार बिना मुकाबले जीत लिए हैं.. आप ने 2500+ उम्मीदवारों की सूची जारी की है.. कांग्रेस भी मैदान में है, लेकिन कमजोर दिख रही है.. आप कांग्रेस के वोट काटने वाली ताकत बन रही है.. 2021 में आप ने सूरत में अच्छा प्रदर्शन किया था.. इस बार वह परिवर्तन का नारा दे रही है.. सूरत के कई इलाकों में पानी, सड़क और स्कूल की शिकायतें आम हैं.. कुछ महिलाएं कहती हैं कि 30 साल हो गए.. फिर भी बुनियादी सुविधाएं पूरी नहीं हुईं.. लेकिन भाजपा के समर्थक कहते हैं कि शहर का विकास हुआ है.. मेट्रो, इकोनॉमिक ज़ोन और रोजगार बढ़ा है.. आप के कार्यकर्ता घर-घर जाकर दिल्ली मॉडल (मुफ्त बिजली, पानी, शिक्षा) बता रहे हैं..

वहीं यह चुनाव भाजपा की सत्ता बनाम आप के नए विकल्प की लड़ाई है.. भाजपा विकास का दावा करती है.. जबकि आप कहती है कि विकास आम आदमी तक नहीं पहुंचा.. तथ्य बताते हैं कि गुजरात और सूरत में बुनियादी सुविधाएं राष्ट्रीय औसत से बेहतर हैं.. लेकिन ड्रॉपआउट, पानी और ट्रैफिक जैसी समस्याएं अभी भी मौजूद हैं.. 30 साल की सत्ता में कोई भी सरकार पूरी तरह संतोषजनक नहीं हो सकती.. मतदाताओं को फैसला करना है कि वे पुरानी पार्टी के अनुभव को चुनेंगे या नए विकल्प को..

 

 

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