ट्रक की एक टक्कर और खत्म हो गई 11 जिंदगियां, मिर्जापुर हादसा दिल दहला देगा
मिर्जापुर के ड्रमंडगंज घाटी में भीषण सड़क हादसे में बोलेरो और कार आग का गोला बन गईं। ट्रक की टक्कर के बाद 11 लोगों की दर्दनाक मौत की आशंका है। सीएम योगी ने घटना का संज्ञान लेकर राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: वाराणसी-रीवा हाईवे पर बुधवार रात ऐसा भयावह मंजर देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र की घाटी में एक तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर के बाद बोलेरो और कार आग का गोला बन गईं। चीख-पुकार, धुएं और लपटों के बीच लोग सिर्फ बेबसी से देखते रह गए। इस भीषण सड़क हादसे में 11 लोगों की मौत की आशंका जताई गई है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। घटना रात करीब 8 बजे ड्रमंडगंज घाटी के चर्चित बड़का घुमान मोड़ पर हुई, जहां पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं।
कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा?
जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश की ओर चना लादकर जा रहे ट्रक (MP15HA3775) ने पीछे से बोलेरो (UP63AC5589) और स्विफ्ट डिजायर (UP65MT4038) को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहन आगे चल रहे गिट्टी लदे ट्रेलर (BR24GC7990) से जा भिड़े। कुछ ही सेकंड में बोलेरो और कार में आग लग गई। बोलेरो धूं-धूं कर जलने लगी और देखते ही देखते पूरी तरह राख में बदल गई।
बोलेरो में सवार 8 लोगों के जिंदा जलने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बोलेरो में करीब 8 लोग सवार थे, जिनमें दो महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। हादसे की भयावहता इतनी थी कि किसी को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वाहन आग का गोला बन चुके थे और लपटें इतनी तेज थीं कि बचाव की कोई संभावना नहीं बची।
ट्रक चालक और खलासी की भी मौत
हादसे में ट्रक चालक और खलासी गंभीर रूप से फंस गए। पुलिस और स्थानीय लोगों ने चालक को किसी तरह बाहर निकालकर अस्पताल भेजा, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। बाद में ट्रक के केबिन में फंसे खलासी ने भी दम तोड़ दिया। स्विफ्ट डिजायर के चालक की पहचान जयप्रकाश, निवासी सोनभद्र के रूप में बताई जा रही है, जिसकी भी जलकर मौत हो गई। इस तरह कुल मृतकों की संख्या 11 तक पहुंचने की आशंका है।
हाईवे पर बिखरा चना, चारों ओर अफरा-तफरी
टक्कर के बाद ट्रक पर लदा चना सड़क पर बिखर गया। हाईवे पर लंबा जाम लग गया और वाराणसी-रीवा मार्ग घंटों बाधित रहा। घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि जलती गाड़ियों में फंसे लोगों को देखकर हर कोई स्तब्ध था, लेकिन आग इतनी तेज थी कि कोई मदद नहीं कर सका।
ब्रेक फेल होने की आशंका
प्रथम दृष्टया हादसे की वजह ट्रक का ब्रेक फेल होना मानी जा रही है। हालांकि पुलिस और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। रात का अंधेरा और फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने के कारण आग बुझाने में भी काफी मुश्किलें आईं।
सीएम योगी ने लिया संज्ञान
योगी आदित्यनाथ ने मिर्जापुर सड़क हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
डीएम-एसपी पहुंचे मौके पर
हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक, क्षेत्राधिकारी मंजरी राव समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर शिनाख्त की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
घुमावदार मोड़ पर फिर उठे सवाल
स्थानीय लोगों में इस हादसे के बाद भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का आरोप है कि ड्रमंडगंज घाटी का यह खतरनाक मोड़ पहले से ही दुर्घटनाओं का कारण बनता रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे निर्माण के दौरान इस मोड़ को सीधा करने की बात कही गई थी, लेकिन लागत बचाने के लिए सड़क को फिर उसी पुराने घुमावदार रास्ते से जोड़ दिया गया। उनका मानना है कि अगर हाईवे सीधा बनाया गया होता, तो शायद इतना बड़ा हादसा टल सकता था।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरी
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