कानपुर में 11 वर्षीय छात्र की संदिग्ध मौत से सनसनी, गुरुकुल संचालक पर हत्या का आरोप
कानपुर के महाराजपुर में 11 वर्षीय छात्र दिव्यांश की संदिग्ध मौत से सनसनी फैल गई। गुरुकुल संचालक पर हत्या का आरोप लगा है। परिजनों ने शरीर पर 40 से ज्यादा चोटों के निशान और सिगरेट से दागने का आरोप लगाया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: महाराजपुर क्षेत्र से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। 11 वर्षीय छात्र दिव्यांश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने न सिर्फ परिवार को तोड़ दिया, बल्कि गांव में भी भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि वैदिक शिक्षा के लिए गुरुकुल भेजे गए उनके बेटे के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और उसकी बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी गई। शव पर मिले कई गंभीर चोटों के निशानों ने इस मामले को और भी भयावह बना दिया है। पुलिस ने गुरुकुल संचालक और चालक के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
15 अप्रैल को कराया था गुरुकुल में दाखिला
परिवार के अनुसार, दिव्यांश को 15 अप्रैल को रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल में वैदिक शिक्षा के लिए दाखिल कराया गया था। परिवार को उम्मीद थी कि बेटा वहां पढ़ाई के साथ संस्कार भी सीखेगा। परिजनों का कहना है कि उनसे रोजाना फोन पर बातचीत होती थी और सब कुछ सामान्य लग रहा था। मंगलवार को भी परिवार की उससे बात हुई थी और किसी प्रकार की परेशानी का संकेत नहीं मिला।
बुधवार सुबह आई चौंकाने वाली खबर
बुधवार सुबह अचानक एक रिश्तेदार के जरिए सूचना मिली कि दिव्यांश सीढ़ियों से गिर गया है और गंभीर रूप से घायल है। यह खबर सुनते ही परिवार घबरा गया। लेकिन कुछ ही समय बाद जो सामने आया, उसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।
गुरुकुल संचालक पर शव छोड़कर भागने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि गुरुकुल संचालक कन्हैया लाल मिश्रा कार से दिव्यांश का शव लेकर गांव पहुंचे और घर से कुछ दूरी पर शव छोड़कर मौके से फरार हो गए। जब परिवार ने बच्चे का शव देखा, तो उनके होश उड़ गए। उनका कहना है कि यह किसी हादसे का नहीं, बल्कि क्रूर हिंसा का मामला लग रहा था।
शरीर पर 40 से 45 चोटों के निशान
परिजनों के मुताबिक, दिव्यांश के शरीर पर करीब 40 से 45 चोटों के निशान थे। आरोप है कि उसके हाथ-पैर बांधकर डंडों से पीटा गया और सिगरेट से दागा भी गया। इन आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। परिवार का कहना है कि सीढ़ियों से गिरने से इतनी चोटें संभव नहीं हैं।
गांव में आक्रोश, पुलिस ने दर्ज किया केस
घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पिता नरेंद्र द्विवेदी की तहरीर पर पुलिस ने गुरुकुल संचालक और चालक के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा
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