भाजपा को हराने के लिए बंगाल को कड़ी लड़ाई लडऩी होगी: डी राजा
बोले सीपीआई नेता -तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन की जीत और भाजपा की हार होगी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए जारी मतदान के बीच, सीपीआई नेता डी राजा ने गुरुवार को डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत और भाजपा की हार का विश्वास जताया। अपना वोट डालने के बाद मीडिया से बात करते हुए राजा ने मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि मैं चेन्नई शहर का मतदाता हूं। मैं आया और अपना वोट डाला। मैं सभी मतदाताओं से अपील करता हूं कि वे आएं और अपने मताधिकार का प्रयोग करें। यह हमारे लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण अधिकार है… मेरा मानना है कि डीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन चुनाव जीतेगा और डीएमके सरकार बनाएगी। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के संदर्भ में, उन्होंने भाजपा की कड़ी आलोचना की और जोर देकर कहा कि भाजपा को हराने के लिए बंगाल को कड़ी लड़ाई लडऩी होगी। उन्होंने कहा कि हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा क्योंकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव हो रहे हैं। मेरी राय में, और मेरी पार्टी की भी यही राय है, भाजपा को बंगाल में फायदा उठाने नहीं दिया जाना चाहिए। भाजपा को हराना होगा। जिस तरह तमिलनाडु भाजपा की विनाशकारी विचारधारा के खिलाफ लड़ रहा है, उसी तरह बंगाल की जनता को भी भाजपा से लडऩा होगा और उसे हराना होगा।

दीदी सबसे कठिन लड़ाई लड़ रहीं, पीएम मोदी हारेंगे : अरविंद केजरीवाल
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपना समर्थन देते हुए कहा कि उन्होंने फोन पर उनसे बात की और पूरी एकजुटता और समर्थन व्यक्त किया। पर एक पोस्ट में केजरीवाल ने कहा कि अभी ममता दीदी से फोन पर बात हुई। मैंने उन्हें पूरी एकजुटता और समर्थन दिया। वह सबसे कठिन लड़ाइयों में से एक लड़ रही हैं, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण लड़ाइयों में से एक है। मोदी जी हारेंगे, चाहे उन्होंने केंद्रीय चुनाव आयोग समेत सभी संस्थानों का दुरुपयोग किया हो। केजरीवाल की ये टिप्पणियां पश्चिम बंगाल में चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच आई हैं, जहां तृणमूल कांग्रेस भाजपा के खिलाफ कड़ी टक्कर दे रही है। उनकी ये टिप्पणी भारतीय चुनाव आयोग द्वारा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भवानीपुर में प्रस्तावित रैली की अनुमति रद्द करने के एक दिन बाद आई है, जिससे तृणमूल कांग्रेस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया हुई है। यह फैसला 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान से कुछ ही दिन पहले आया है, जिसमें भवानीपुर भी शामिल है।
बंगाल में चुनाव कराए ही क्यों जा रहे: कपिल सिब्बल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में वोटिंग जारी है। इसी बीच पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला किया है। उन्होंने आयोग पर पर पश्चिम बंगाल में मतदाताओं को उनके अधिकार से वंचित रखने का प्रयोग करने का आरोप लगाया और पूछा कि चुनाव कराए ही क्यों जा रहे हैं। राज्यसभा सदस्य ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधते हुए तंज किया कि उन्हें तो पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना चाहिए।
कपिल सिब्बल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, निर्वाचन आयोग (पश्चिम बंगाल चुनाव, मताधिकार छीनने का एक प्रयोग है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना चाहिए। मेरा सवाल, चुनाव कराए ही क्यों जा रहे हैं? पश्चिम बंगाल में गुरुवार को पहले चरण का मतदान हो रहा, जहां सियासी मुकाबला लगातार बेहद ध्रुवीकृत होता जा रहा है। इस चुनावी परिदृश्य में भ्रष्टाचार और रोजगार जैसे मुद्दे पीछे छूटते नजर आ रहे हैं। वहीं पहचान, नागरिकता और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का विवाद राजनीतिक बहस के केंद्र में है।
अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से राहत
एनसीपी नेता की हत्या के मामले में सजा और दोषसिद्धि पर लगी रोक
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को बड़ी राहत देते हुए उनकी सजा पर रोक लगा दी। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अमित जोगी को एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी की 2००3 में हुई हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और विजय बिश्नोई की पीठ ने अमित जोगी की विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। अमित जोगी ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें बरी करने वाले ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए दोषी करार दिया गया था और आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की आगे की सुनवाई पूरी होने तक अमित जोगी की सजा पर रोक रहेगी।
यह मामला 4 जून 2००3 को रायपुर में हुए एनसीपी नेता और कारोबारी राम अवतार जग्गी की हत्या से जुड़ा है। उस समय छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी मुख्यमंत्री थे। राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसे एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया गया। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में अपने फैसले में अमित जोगी को आपराधिक साजिश और हत्या का दोषी ठहराया था।
इससे पहले 2007 में ट्रायल कोर्ट ने सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया था, जबकि 28 अन्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
हाईकोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा
हाईकोर्ट ने सीबीआई और पीडि़त परिवार की अपीलों पर सुनवाई करते हुए कहा था कि सह-आरोपियों के खिलाफ मौजूद सबूतों को अमित जोगी के मामले में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस मामले की जांच 2004 में सरकार बदलने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई थी। गौरतलब है कि नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की देरी को माफ करते हुए हाईकोर्ट को मामले की दोबारा सुनवाई करने का निर्देश दिया था। अब इस मामले में आगे की सुनवाई जारी रहेगी।
ट्रंप ने फिर भारत के खिलाफ उगला जहर
अमेरिकी राष्टï्रपति ने देश को हेलहोल बताया
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्टï्रपति डोनालउ ट्रंप ने में भारत और चीन के प्रवासियों को लेकर भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी रेडियो होस्ट माइकल सेवेज का एक पत्र दोबारा पोस्ट किया, जिसमें भारत, चीन और अन्य देशों को हेलहोल कहा गया है। इस पत्र में अमेरिकी जन्मसिद्ध नागरिकता कानून में बदलाव की मांग करते हुए नस्लवादी टिप्पणियां की गई हैं।
सैवेज ने अपने लंबे नोट में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में जन्मसिद्ध नागरिकता को लेकर चल रही बहस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने गैर-नागरिकों के बच्चों को जन्म के आधार पर नागरिकता देने के प्रावधान का विरोध किया और कहा कि इस मुद्दे पर अदालत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जनमत संग्रह होना चाहिए। ट्रंप ने यह पोस्ट अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर उस बयान के एक दिन बाद शेयर की, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि अमेरिका के अलावा दुनिया में कोई भी देश जन्मसिद्ध नागरिकता नहीं देता, हालांकि, वास्तविकता यह है कि करीब तीन दर्जन देश यह सुविधा देते हैं, जिनमें कनाडा, मेक्सिको और दक्षिण अमेरिका के अधिकांश देश शामिल हैं।
पत्र में भारतीय और चीनी प्रवासियों को लेकर भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है सैवेज ने उन्हें लैपटॉप वाले गैंगस्टर बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने अमेरिकी झंडे का अपमान किया है। सैवेज ने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था का बर्थ टूरिज्म और वेलफेयर योजनाओं के दुरुपयोग के जरिए फायदा उठाया जा रहा है।
‘जन्म लेकर नागरिक बनने’ पर विवादित बयान
पत्र में सैवेज ने दावा किया कि दूसरे देशों के लोग अमेरिका आकर नौवें महीने में बच्चा पैदा करते हैं और इससे उन्हें तुरंत नागरिकता मिल जाती है, उन्होंने लिखा कि यहां जन्म लेने वाला बच्चा तुरंत नागरिक बन जाता है और फिर वे अपने पूरे परिवार को चीन, भारत या दुनिया के किसी ‘हेलहोल’ से यहां ले आते हैं।
महापौर की टिप्पणी से गरमाई सियासत, सपा-कांग्रेस का वॉकआउट
पार्षद सदस्य बाहर बैठे धरने पर
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क/मो. शारिक
लखनऊ। लखनऊ नगर निगम के विशेष सदन की बैठक गुरुवार को शुरू होते ही हंगामे की भेंट चढ़ गई। सदन में नारी वंदन बिल पर चर्चा के लिए विशेष बैठक बुलाई गई थी, लेकिन समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के पार्षदों ने इसका जोरदार विरोध किया।
विपक्षी पार्षदों मुकेश सिंह चौहान ममता चौधरी कामरान बेग का कहना था कि इस मुद्दे पर विशेष सदन बुलाना उचित नहीं है। कांग्रेस ने इस संबंध में पहले ही महापौर को ज्ञापन देकर अपना विरोध दर्ज कराया था, वहीं समाजवादी पार्टी के पार्षदों ने बैठक कर सदन के अंदर और बाहर विरोध की रणनीति तैयार की थी। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सपा और कांग्रेस के पार्षदों ने नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। माहौल गरमाता देख दोनों दलों के पार्षदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया और नगर निगम परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए।बताया जा रहा है कि बीते बुधवार को भी सपा कार्यकर्ताओं ने महापौर के आवास पर विरोध प्रदर्शन किया था। आरोप है कि महापौर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की स्वर्गीय माताजी को लेकर टिप्पणी की थी, जिसके बाद से सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है। नगर निगम के विशेष सदन में हुए इस हंगामे के चलते बैठक की कार्यवाही प्रभावित रही और विपक्षी पार्षदों का धरना देर तक जारी रहा।
महापौर के समर्थन में नगर निगम का कड़ा रुख, 119 में से 93 पार्षदों ने पास किया निंदा प्रस्ताव
लखनऊ नगर निगम में बुधवार को हुए घटनाक्रम के बाद महापौर के समर्थन में बड़ा राजनीतिक फैसला सामने आया है। नगर निगम के विशेष सदन में 119 में से 93 पार्षदों ने एकजुट होकर निंदा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। इस प्रस्ताव के जरिए उन लोगों की कड़ी आलोचना की गई, जिन पर नारी सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।
महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर वह कभी समझौता नहीं करेंगी : महापौर
महापौर ने अपने वक्तव्य में कहा कि वह केवल लखनऊ की महापौर के रूप में नहीं, बल्कि एक सैनिक परिवार की बेटी, बहन और पत्नी के रूप में भी खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि एक सैनिक की पत्नी होने के नाते उन्होंने अनुशासन और स्वाभिमान सीखा है और महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर वह कभी समझौता नहीं करेंगी। महापौर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ नेताओं द्वारा उनकी दिवंगत मां के अपमान का आरोप लगाया गया, जिससे उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं एक मां हैं और किसी भी मां का अपमान करना उनके संस्कारों में नहीं है। महापौर ने यह भी आरोप लगाया कि बुधवार सुबह उनके आवास पर कुछ कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर उनकी नामपट्टिका पर जूते चलाए, जो न केवल उनका बल्कि लखनऊ के प्रथम नागरिक और एक सैनिक परिवार का भी अपमान है। सदन में पारित निंदा प्रस्ताव को महापौर ने नारी सम्मान की दिशा में एक मजबूत संदेश बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रस्ताव नहीं, बल्कि उन लोगों के अहंकार पर करारा जवाब है जिन्होंने नारी शक्ति का उपहास उड़ाया। महापौर ने 93 पार्षदों और लखनऊ की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मां, बहन और बेटी के सम्मान की इस लड़ाई में मिला समर्थन साबित करता है कि लखनऊ की तहजीब और न्यायप्रियता आज भी जीवित है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है, नारी के अपमान का मुकम्मल हिसाब अभी बाकी है।



