मिर्जापुर में ऑर्केस्ट्रा कलाकार का शव नहर में मिलने से सनसनी, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
मिर्जापुर के लालगंज में ऑर्केस्ट्रा कलाकार दिलीप उर्फ दीपक कोरी का शव नहर में मिलने के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर सड़क जाम किया गया, वहीं थानाध्यक्ष के बयान से ग्रामीण और भड़क उठे।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मिर्जापुर के लालगंज थाना क्षेत्र में एक युवा ऑर्केस्ट्रा कलाकार की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। नहर में घायल अवस्था में मिले युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। मामला तब और गरमा गया जब जाम हटवाने पहुंचे थानाध्यक्ष के बयान पर ग्रामीण भड़क उठे।
परिजनों का आरोप है कि युवक की पहले बेरहमी से पिटाई की गई और फिर उसे मरा समझकर नहर में फेंक दिया गया, ताकि मामले को हादसा या सामान्य मौत का रूप दिया जा सके। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ऑर्केस्ट्रा में काम करता था दिलीप उर्फ दीपक
मृतक की पहचान लालगंज थाना क्षेत्र के दुबार कलां (बैसान) निवासी 22 वर्षीय दिलीप कुमार उर्फ दीपक कोरी के रूप में हुई है। वह ऑर्केस्ट्रा में काम करता था और स्थानीय कार्यक्रमों में प्रस्तुति देता था। परिजनों के अनुसार, बुधवार रात करीब आठ बजे वह अपने साथ काम करने वाले कुछ लोगों के साथ था। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद उसके साथ मारपीट की गई।
पिटाई के बाद नहर में फेंकने का आरोप
मृतक के भाई रोहित कुमार कोरी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि सुरेश मौर्या, अब्दुल मोहम्मद और ठाकुर हरिजन ने दिलीप के साथ मारपीट की। परिवार का कहना है कि आरोपियों ने उसे इतना पीटा कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद उसे मरा समझकर नहर में फेंक दिया गया और आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और युवक को नहर से बाहर निकाला। एंबुलेंस की मदद से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
हत्या का आरोप, सड़क पर शव रखकर चक्काजाम
दिलीप की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज ग्रामीणों और परिवार के लोगों ने शुक्रवार सुबह दूबार-लालगंज मार्ग पर चौकी दुबार कला के सामने शव रखकर चक्काजाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक सड़क जाम रहा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। ग्रामीणों की मांग थी कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच हो।
थानाध्यक्ष के बयान पर बढ़ा तनाव
चक्काजाम हटवाने पहुंचे लालगंज थानाध्यक्ष अभय कुमार सिंह के एक बयान ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने कहा “मैं आपके साथ हूं, लेकिन गलत करोगे तो कई थानों की फोर्स बुला दूंगा और टांग लेगी।” इस बयान के बाद परिजन और ग्रामीण नाराज हो गए। लोगों ने इसे असंवेदनशील रवैया बताते हुए विरोध जताया। बाद में अधिकारियों ने समझाकर स्थिति को शांत कराया।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई की तहरीर के आधार पर सुरेश मौर्या, अब्दुल मोहम्मद और ठाकुर हरिजन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परिजन संतुष्ट नहीं हैं और वे लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।
अधिकारियों के आश्वासन पर खुला जाम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर, नायब तहसीलदार प्रताप नारायण ओझा और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने जल्द गिरफ्तारी और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन और ग्रामीण शांत हुए और चक्काजाम समाप्त कराया गया।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरी
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