विंध्याचल देवी धाम में भक्तों को बड़ी राहत, परिक्रमा पथ पर बिछाए गए मैट, अब नहीं झुलसेंगे नंगे पांव

मिर्जापुर के विंध्याचल देवी धाम में भीषण गर्मी से श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए परिक्रमा पथ और नवनिर्मित मार्ग पर मैट बिछाने का कार्य पूरा हो गया है। अब नंगे पांव दर्शन करने आने वाले भक्तों को झुलसते पत्थरों पर चलने की परेशानी नहीं होगी।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: गर्मी का मौसम जैसे-जैसे तेज हो रहा है, वैसे-वैसे मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। खासकर उन भक्तों के लिए, जो नंगे पांव दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मिर्जापुर के प्रसिद्ध मां विंध्यवासिनी धाम में भी इन दिनों यही स्थिति देखने को मिल रही थी, जहां परिक्रमा पथ और नवनिर्मित मार्ग पर बिछे पत्थर दोपहर की धूप में अंगारों जैसे तपने लगे थे। अब श्रद्धालुओं को इस समस्या से राहत मिलने जा रही है। विंध्याचल देवी धाम में परिक्रमा पथ और नए मार्ग पर मैट बिछाने का कार्य पूरा कर लिया गया है, जिससे भक्तों के झुलसते पैरों को बड़ी राहत मिलेगी।

भीषण गर्मी में भक्तों की पीड़ा बनी चिंता का विषय

मां विंध्यवासिनी धाम देशभर के प्रमुख शक्तिपीठों में गिना जाता है। हर दिन यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इन दिनों तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण मंदिर परिसर में नंगे पांव चलना बेहद कठिन हो गया था। विंध्य कॉरिडोर के तहत मंदिर क्षेत्र का तेजी से कायाकल्प हो रहा है। इसी क्रम में परिक्रमा पथ और अन्य मार्गों पर पत्थर बिछाए गए हैं, लेकिन दोपहर के समय यही पत्थर इतनी गर्मी पकड़ लेते थे कि भक्तों के लिए उन पर चलना मुश्किल हो जाता था। कई श्रद्धालु इस समस्या से परेशान थे, खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे।

परिक्रमा पथ पर मैट बिछाने का कार्य पूरा

भक्तों की इस परेशानी को महसूस करते हुए उद्योगपति निखिल ने विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी की प्रेरणा से परिक्रमा पथ और नवनिर्मित मार्ग पर मैट बिछाने की व्यवस्था कराई। इस कार्य के पूरा होने के बाद अब भक्तों को गर्म पत्थरों पर चलने की मजबूरी नहीं रहेगी। मैट बिछने से नंगे पांव आने वाले दर्शनार्थियों को सीधी राहत मिलेगी और उनकी यात्रा अधिक सहज हो सकेगी। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने इस पहल को काफी सराहनीय बताया है।

विंध्य पंडा समाज ने जताया आभार

विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने इस कार्य के लिए समाजसेवी निखिल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मां के भक्तों की सुविधा सर्वोपरि है और इस भीषण गर्मी में यह कार्य बेहद जरूरी था। उन्होंने कहा कि जब हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से मां के दर्शन के लिए आते हैं, तो उनकी मूल सुविधाओं का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यह पहल केवल सुविधा नहीं, बल्कि श्रद्धा और सेवा का भी प्रतीक है।

विंध्य कॉरिडोर के बीच सुविधा पर भी फोकस

विंध्याचल मंदिर क्षेत्र में विंध्य कॉरिडोर परियोजना के तहत तेजी से विकास कार्य चल रहे हैं। मंदिर परिसर का स्वरूप लगातार बदल रहा है और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। इसी विकास के बीच श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देना भी आवश्यक था। मैट बिछाने का यह कदम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

श्रद्धालुओं ने कहा, अब दर्शन और आसान

मंदिर आने वाले कई भक्तों ने बताया कि दोपहर के समय पत्थरों पर चलना बेहद कठिन हो जाता था। कई बार लोग बीच रास्ते रुकने को मजबूर हो जाते थे। अब मैट बिछ जाने से उन्हें काफी राहत महसूस हो रही है। इससे दर्शन की पूरी प्रक्रिया पहले से अधिक सहज और आरामदायक हो जाएगी। मां विंध्यवासिनी धाम में यह व्यवस्था आने वाले दिनों में हजारों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सुविधा साबित होगी। आस्था के इस केंद्र में अब भक्तों के कदम तपती धूप में भी बिना पीड़ा के आगे बढ़ सकेंगे।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी

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