UP Board Result: बांदा में 89% परिणाम, टॉपर्स चमके लेकिन राज्य टॉप-10 से फिर चूका जिला

यूपी बोर्ड हाईस्कूल रिजल्ट 2026 में बांदा का कुल परिणाम 89% रहा। नैन्सी कश्यप ने 575 अंक (95.83%) के साथ जिला टॉप किया, लेकिन राज्य की टॉप-10 सूची में बांदा का कोई छात्र जगह नहीं बना सका।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: रिजल्ट का इंतजार खत्म हुआ, चेहरों पर मुस्कान लौटी और घर-घर में सफलता की चर्चा शुरू हो गई। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा खत्म होने के सिर्फ 42 दिन बाद नतीजे जारी होने से छात्रों और अभिभावकों में उत्साह देखने को मिला। बांदा जिले का कुल परिणाम इस बार 89.00 प्रतिशत रहा, जो संतोषजनक माना जा रहा है। जिले के हजारों छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल की, लेकिन इस खुशी के बीच एक सवाल फिर सामने खड़ा हो गया, इतने अच्छे परिणाम के बावजूद राज्य की टॉप-10 सूची में बांदा का कोई भी छात्र जगह क्यों नहीं बना सका?

23 हजार से अधिक छात्र हुए थे शामिल

इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा में बांदा जिले से कुल 23,188 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। 12 मार्च को परीक्षा समाप्त होने के बाद से सभी को परिणाम का इंतजार था, जो अब समाप्त हो गया है। परिणाम सामने आने के बाद कई स्कूलों में खुशी का माहौल है। छात्र, शिक्षक और अभिभावक इस सफलता को मेहनत और अनुशासन का परिणाम बता रहे हैं।

नैन्सी कश्यप बनीं जिला टॉपर

जिले में सबसे शानदार प्रदर्शन नैन्सी कश्यप ने किया। उन्होंने 600 में 575 अंक हासिल कर 95.83 प्रतिशत के साथ जिला टॉप किया। नैन्सी की सफलता ने पूरे जिले का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि का श्रेय वह अपने माता-पिता और शिक्षकों को देती हैं, जिनके मार्गदर्शन और समर्थन से यह संभव हो पाया। उनका कहना है कि नियमित पढ़ाई, आत्मविश्वास और सही दिशा ही सफलता की असली कुंजी है।

दीपा सिंह और प्राची सिंह ने भी किया शानदार प्रदर्शन

जिले में दूसरा स्थान दीपा सिंह ने हासिल किया। उन्होंने 573 अंक यानी 95.80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। दीपा ने कहा कि लगातार मेहनत और सही मार्गदर्शन के बिना यह संभव नहीं था। उन्होंने बताया कि उन्होंने पढ़ाई के दौरान समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया। वहीं, प्राची सिंह ने 570 अंक यानी 95.00 प्रतिशत के साथ तीसरा स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया। इन छात्राओं की सफलता ने यह साबित किया कि ग्रामीण और छोटे शहरों से भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

भागवत प्रसाद मेमोरियल स्कूल का दिखा दबदबा

इस बार टॉप-10 सूची में भागवत प्रसाद मेमोरियल स्कूल का प्रभाव साफ दिखाई दिया। इस स्कूल के चार छात्रों ने टॉप-10 में अपनी जगह बनाई। आशुतोष और राधिका गुप्ता ने 94.50 प्रतिशत अंकों के साथ संयुक्त रूप से पांचवां स्थान प्राप्त किया। स्कूल प्रबंधन ने इसे संस्थान के लिए गर्व का क्षण बताया है। शिक्षकों का कहना है कि यह परिणाम वर्षों की शैक्षणिक प्रतिबद्धता और विद्यार्थियों की मेहनत का प्रमाण है।

राज्य टॉप-10 में फिर नहीं दिखा बांदा

जिले का कुल परिणाम अच्छा होने और कई छात्रों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद राज्य स्तर की टॉप-10 सूची में बांदा का नाम न होना चर्चा का विषय बन गया है। हर साल की तरह इस बार भी यही सवाल उठ रहा है कि आखिर जिला स्तर पर मजबूत प्रदर्शन के बाद भी राज्य स्तर पर प्रतिस्पर्धा में बांदा पीछे क्यों रह जाता है। क्या बेहतर अकादमिक रणनीति की जरूरत है? क्या संसाधनों और मार्गदर्शन की कमी अभी भी बाधा बन रही है? या फिर शिक्षा व्यवस्था में कुछ बुनियादी सुधार की आवश्यकता है?

रिपोर्ट – इक़बाल खान

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