दर्द भरे माहौल में इंसानियत की मिठास, रोटी बैंक का अनूठा प्रयास
बांदा के जिला महिला अस्पताल में रविवार का दिन सेवा, संवेदना और इंसानियत के नाम रहा।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बांदा के जिला महिला अस्पताल में रविवार का दिन सेवा, संवेदना और इंसानियत के नाम रहा।
यहां रोटी बैंक सोसाइटी की महिला टीम ने एक अनूठा सेवा अभियान चलाकर मरीजों और उनके तीमारदारों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी। दर्द और चिंता के माहौल के बीच यह पहल उम्मीद की एक नई किरण बनकर सामने आई।
इस सेवा अभियान के तहत महिला टीम ने करीब एक सैकड़ा मरीजों और उनके परिजनों को फल और बिस्किट वितरित किए। यह वितरण केवल खानपान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का भी गहरा संदेश छिपा था।
नेतृत्व और सहयोग से साकार हुई पहल
इस कार्यक्रम का नेतृत्व महिला टीम की अध्यक्ष तबस्सुम फ़ातिमा और कोषाध्यक्ष रेणुका गुप्ता ने किया। उनके साथ टीम की अन्य सदस्य भी पूरे उत्साह और समर्पण के साथ मौजूद रहीं। संस्था के संरक्षक शेख सादी जमा और सह-संरक्षक चंद्रमौली भारद्वाज के मार्गदर्शन में यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम को सुचारु रूप से संचालित करने में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनीता सिंह और अस्पताल के स्टाफ का महत्वपूर्ण सहयोग रहा, जिसकी सभी ने सराहना की।
सेवा के साथ जागरूकता का संदेश
इस पहल की खास बात यह रही कि टीम ने सिर्फ खाद्य सामग्री का वितरण ही नहीं किया, बल्कि मरीजों को उनके स्वास्थ्य और मौलिक अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया।
टीम की सक्रिय सदस्य शहाना खान ने मरीजों और उनके परिजनों से संवाद कर उन्हें स्वास्थ्य संबंधी अधिकारों, स्वच्छता और सरकारी सुविधाओं की जानकारी दी। इस प्रयास ने कार्यक्रम को एक सामाजिक जागरूकता अभियान का रूप दे दिया।
मरीजों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
फल और बिस्किट पाकर मरीजों और उनके तीमारदारों के चेहरों पर आई राहत और खुशी साफ नजर आई।
कई लोगों ने टीम को दिल से दुआएं दीं। किसी ने इस पहल को “मुश्किल वक्त में सहारा” बताया, तो किसी ने इसे “इंसानियत की सच्ची सेवा” करार दिया। अस्पताल के वातावरण में कुछ समय के लिए ही सही, लेकिन सकारात्मक ऊर्जा और अपनापन महसूस किया गया।
टीम के अन्य सदस्यों की सक्रिय भागीदारी
इस सेवा कार्य में संस्था के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष रिज़वान अली, उपाध्यक्ष मोहम्मद सलीम, सचिव मोहम्मद इदरीश, कार्यालय प्रभारी मोहम्मद शमीम, अलीमुद्दीन, नसीर खान, निहाल खान और महिला सुरक्षा गार्ड अनीता देवी सहित कई अन्य सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
हर माह बन रही सेवा की परंपरा
रोटी बैंक सोसाइटी द्वारा इस तरह के सेवा कार्य लगातार हर माह आयोजित किए जा रहे हैं। धीरे-धीरे यह पहल केवल सहायता तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोगों के बीच भरोसे और अपनत्व की एक मजबूत परंपरा बनती जा रही है।
बांदा में यह अभियान एक मिसाल बन चुका है, जहां दर्द के बीच भी उम्मीद बांटी जा रही है और इंसानियत की लौ को जिंदा रखा जा रहा है।
आज के दौर में, जब भागदौड़ और स्वार्थ के बीच मानवीय संवेदनाएं कहीं पीछे छूटती नजर आती हैं, ऐसे प्रयास समाज को एक सकारात्मक दिशा देते हैं। रोटी बैंक महिला टीम की यह पहल न सिर्फ जरूरतमंदों की मदद कर रही है, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत बना रही है।
रिपोर्ट -इकबाल खान, बांदा



