डिजिटल अरेस्ट पर कब लगेगी रोक? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया प्लान
डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है.
सुप्रीम कोर्ट में पेश रिपोर्ट में CBI जांच, RBI मुआवजा ढांचा, बायोमेट्रिक सिम वेरिफिकेशन और दूरसंचार कंपनियों की जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण कदम सुझाए गए हैं.
डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों पर सरकार सख्त हो गई है. डिजिटल अरेस्ट मामलों पर सॉलिसिटर जनरल ने SC में रिपोर्ट जमा की है. इस रिपोर्ट में केंद्र सरकार ने मामले में उठाए गए कदमों की जानकारी कोर्ट को दी है. केंद्र ने 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी के मामलों को सीबीआई को सौंपने की बात कही और RBI की ओर से मुआवजा ढांचा तैयार करने समेत अन्य तमाम कदम भी सुझाए. इस विस्तृत रिपोर्ट में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अब तक उठाए गए कदमों और आगे उठाए जाने वाले कदमों के बारे जानकारी दी है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) की ओर से दाखिल इस रिपोर्ट में दूरसंचार कंपनियों, बैंकों और डिजिटल प्लेटफार्म की जवाबदेही तय करने समेत ठगी रोकने के लिए ठोस कानूनी व तकनीकी कदम सुझाए गए हैं.
सर्वोच्च अदालत में यह रिपोर्ट गत 9 फरवरी को जारी किए गए निर्देशों के अनुपालन में पेश की गई है, जिसमें तमाम एजेंसियों के बीच कोऑर्डिनेशन बढ़ाने, साइबर फ्रॉड की पहचान मजबूत करने और पीड़ितों के मुआवजे के ढांचे पर काम करने की जानकारी अदालत को दी गई है.



