जंगल में चली गोलियां! मिर्जापुर में पुलिस-तस्कर आमने-सामने, 45 गोवंश मुक्त
मिर्जापुर के अहरौरा में पुलिस और गो तस्करों के बीच मुठभेड़ में 2 बदमाश घायल हुए। 45 गोवंश को मुक्त कराया गया। पुलिस ने मौके से हथियार भी बरामद किए। जानिए पूरी घटना और तस्करों का आपराधिक रिकॉर्ड।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अहरौरा क्षेत्र के घने जंगलों में गो तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस और तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस कार्रवाई में दो शातिर तस्कर घायल हो गए, जबकि पुलिस ने 45 गोवंश को सुरक्षित मुक्त करा लिया। यह कार्रवाई न सिर्फ गो तस्करी के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार मानी जा रही है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि जिले में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस अब सख्त रुख अपना रही है।
जंगल के रास्ते बिहार ले जाए जा रहे थे गोवंश
पुलिस के मुताबिक, तस्कर गोवंश को जंगल के रास्ते अवैध रूप से बिहार ले जा रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी की, लेकिन खुद को घिरता देख तस्करों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें दो तस्कर घायल हो गए। दोनों के पैरों में गोली लगी है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
घायल तस्करों की पहचान और आपराधिक इतिहास
घायल तस्करों की पहचान रामबच्चन यादव और रामप्रकाश यादव के रूप में हुई है, जो चंदौली जिले के निवासी हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रामबच्चन यादव पर हत्या के प्रयास सहित कुल 9 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और उस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। वहीं, रामप्रकाश यादव पर गोवध निवारण अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट समेत 5 गंभीर मामले दर्ज हैं। इन दोनों की गिरफ्तारी को पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
मुठभेड़ स्थल से हथियार बरामद
मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने मौके से 2 देशी कट्टे, 2 जिंदा कारतूस और 2 खोखा कारतूस बरामद किए हैं। इससे साफ होता है कि तस्कर पूरी तैयारी के साथ पुलिस का सामना करने निकले थे। यह बरामदगी इस बात का भी संकेत देती है कि गो तस्करी में शामिल गिरोह अब हथियारबंद होकर काम कर रहे हैं, जो कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।
एसपी के निर्देश पर हुई सख्त कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर की गई। अहरौरा थानाध्यक्ष अजय मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने बैजू बाबा तपस्थली के पास हिनौता छातों के जंगल में यह ऑपरेशन अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में गो तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जांच जारी, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के पीछे और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और इसका नेटवर्क किन-किन जिलों तक फैला हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले भी गो तस्करी की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन इस तरह की सख्त कार्रवाई के बाद तस्करों के हौसले पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
कानून-व्यवस्था पर सख्त संदेश
मिर्जापुर में हुई यह मुठभेड़ एक स्पष्ट संदेश देती है कि पुलिस अब संगठित अपराध और तस्करी के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। गो तस्करी जैसे संवेदनशील मामलों में इस तरह की कार्रवाई से न सिर्फ कानून का डर कायम होता है, बल्कि आम लोगों का भरोसा भी मजबूत होता है कि प्रशासन उनकी सुरक्षा और व्यवस्था के लिए सक्रिय है।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरी
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