4PM की खबर का असर: मंडी की अव्यवस्था पर डीएम का औचक निरीक्षण, गेहूं क्रय केंद्रों पर मिली खामियां
मंडी में अव्यवस्थाओं की खबर के बाद डीएम ने औचक निरीक्षण किया। गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों को लाइन, टोकन और सुविधाओं की भारी कमी मिली। प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी कर सुधार का भरोसा दिया, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: किसानों की समस्याओं को लेकर चली 4PM की खबर ने प्रशासन को हरकत में ला दिया। स्थानीय मंडी की बदहाल व्यवस्थाओं और किसानों की परेशानियों को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद जिलाधिकारी अमित आसेरी खुद मौके पर पहुंच गए। औचक निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल
जिलाधिकारी के मंडी पहुंचते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। गेहूं क्रय केंद्रों का जायजा लेते समय कई खामियां सामने आईं। कहीं किसानों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा था, तो कहीं पेयजल, छाया और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं थीं। स्थिति को देखकर डीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसानों से सीधा संवाद, शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने किसानों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने टोकन सिस्टम में गड़बड़ी, खरीद प्रक्रिया में देरी और सुविधाओं की कमी को लेकर नाराजगी जताई। इस पर डीएम ने तत्काल सुधार के निर्देश देते हुए कहा कि सभी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि किसानों को परेशान किया गया, तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी।
प्रशासन के सख्त निर्देश
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए स्पष्ट आदेश जारी किए:
- हर गेहूं क्रय केंद्र पर कर्मचारियों का नाम और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए
- किसानों के लिए पेयजल, छाया और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
- टोकन सिस्टम को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जाए, ताकि किसानों को भटकना न पड़े
पूरे प्रशासनिक अमले की मौजूदगी
इस निरीक्षण के दौरान एडीएम (वित्त/राजस्व) कुमार धर्मेंद्र और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रेखा सियाक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। हालांकि, सवाल यह उठ रहा है कि जब पूरा प्रशासनिक तंत्र मौजूद था, तो अब तक ये अव्यवस्थाएं क्यों जारी थीं।
क्या अब बदलेगी तस्वीर?
डीएम ने दो टूक कहा कि गेहूं खरीद में किसी भी तरह की गड़बड़ी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सीधे कार्रवाई होगी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह सुधार स्थायी रहेगा या फिर कुछ समय बाद हालात फिर से पुराने जैसे हो जाएंगे।
रिपोर्ट -इक़बाल खान
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