जयराम रमेश ने EC की निष्पक्षता पर उठाए सवाल, कहा- एग्जिट पोल रैकेट है
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एग्जिट पोल को 'रैकेट' बताते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एग्जिट पोल को ‘रैकेट’ बताते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पक्षपाती कहा और उन पर महाभियोग का नोटिश देने की बात दोहराई. जयराम ने ‘वोट देने का अधिकार’ खतरे में बताया. साथ ही अमित शाह की ‘डिटेक्ट, डिलीट, डिपोर्ट’ नीति पर भी सवाल उठाए.
बीते दिन 5 चुनावी राज्यों (पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरलम, पुडुचेरी) के एग्जिट पोल आए. अधिकतर अनुमानों में पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी की जीत बताई जा रही है, जबकि तमिलनाडु में DMK+, केरलम में LDF और पुडुचेरी में बीजेपी गठबंधन सरकार बना सकता है. इन अनुमानों पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल एक रैकेट हैं. वोट देने का अधिकार अब खरते में है. इसके साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी निशाना साधा.
जयराम रमेश ने कहा, इस चुनाव में चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है. आयोग इतना पक्षपाती पहले कभी नहीं रहा, जितना ज्ञानेश कुमार के समय में है. वह पिछले कुमार से भी ज़्यादा पक्षपाती हैं. यह गिरावट उनके पिछले प्रमुख के समय में ही शुरू हो गई थी. यह आदमी एक खिलाड़ी है. हम चुनाव लड़ने के साथ ही इलेक्शन कमीशन से भी लड़ रहे थे. संसद में पेश किए गए हमारे महाभियोग प्रस्ताव में उनके खिलाफ नौ आरोप लगाए गए हैं.
हम उन्हें हटाने का नोटिस फिर से देंगे
उन्होंने कहा, भले ही मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव फिर से खारिज हो जाए, हम उन्हें हटाने का नोटिस फिर से देंगे. अब समय आ गया है कि वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाया जाए. वोट देना नागरिकों का एक वैधानिक अधिकार है. नंदलाल बोस, जिन्होंने भारत के संविधान बनाने में योगदान दिया था उनका परिवार भी मतदाता सूची में शामिल नहीं है.
अब खतरे में है वोट देने का अधिकार
जयराम रमेश ने कहा, असली भारतीय नागरिकों को वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है. इससे पता चलता है कि यह सब किस तरह से हुआ है. अमित शाह के 3 ‘D’ क्या थे- पता लगाओ (Detect), हटाओ (Delete) और देश से निकालो (Deport). आपने कितने (गैर-भारतीयों का) पता लगाया है, कितनों को हटाया है और कितनों को देश से निकाला है? वोट देने का अधिकार अब खतरे में है.



