मिर्जापुर हत्याकांड पर सपा का सख्त रुख, कठवैया गांव पहुंचा प्रतिनिधिमंडल, खुलासा न होने पर आंदोलन की चेतावनी

मिर्जापुर के कठवैया गांव में युवक की हत्या के मामले में सपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिला। पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पार्टी ने आंदोलन की चेतावनी दी है। मामले को लेकर क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मिर्जापुर के कठवैया गांव में हुए सनसनीखेज हत्याकांड ने राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है। एक युवक की निर्मम हत्या कर शव को पत्थर से बांधकर नदी में फेंके जाने की घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि अब विपक्ष भी इसे बड़ा मुद्दा बना रहा है। पुलिस जांच की धीमी रफ्तार पर सवाल उठाते हुए समाजवादी पार्टी ने सीधे मैदान में उतरने का संकेत दिया है।

क्या है पूरा मामला?

विंध्याचल थाना क्षेत्र के कठवैया गांव निवासी झब्बर उर्फ ललित प्रजापति के पुत्र राहुल प्रजापति की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि हत्या के बाद शव को पत्थर से बांधकर नदी में फेंक दिया गया। परिजनों ने 26 अप्रैल को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद मामला सामने आया। हालांकि, घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अभी तक मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है, जिससे परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

सपा नेतृत्व के निर्देश पर गांव पहुंचा प्रतिनिधिमंडल

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर और प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल के मार्गदर्शन में पार्टी का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा। जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने न केवल घटना स्थल का जायजा लिया, बल्कि पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरी जानकारी भी जुटाई। प्रतिनिधिमंडल ने परिजनों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए मामले की रिपोर्ट पार्टी कार्यालय को सौंपने की बात कही।

पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जांच में तेजी लाने के बजाय परिजनों को ही परेशान कर रही है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की कि मामले का जल्द खुलासा किया जाए और दोषियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए।

आंदोलन की चेतावनी

समाजवादी पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था का मुद्दा है।

गांव में तनाव, न्याय की मांग तेज

घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग भी जल्द से जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती हैं।

कौन-कौन रहा शामिल?

प्रतिनिधिमंडल में मेवालाल प्रजापति, दीनानाथ प्रजापति, आकांक्षा यादव, रामगोपाल बिन्द, विजय प्रजापति, राजकुमार यादव, अमरनाथ चक्रवात, ओमप्रकाश प्रजापति, रमेश प्रजापति, श्यामबाबू प्रजापति और राजेंद्र प्रजापति समेत कई नेता शामिल रहे।

जांच पर टिकी नजर

फिलहाल पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है, लेकिन अब इस पर राजनीतिक दबाव भी बढ़ गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि पुलिस कितनी जल्दी इस हत्याकांड का खुलासा कर पाती है और आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाया जाता है। यह मामला न केवल एक आपराधिक घटना है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही की भी बड़ी परीक्षा बन चुका है।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी

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