हार के बाद बवाल! BJP उम्मीदवार पर धमकी, और बदले की राजनीति के आरोप
स्थानीय चुनाव में हार के बाद भाजपा उम्मीदवार पर गंभीर आरोप सामने आए हैं... आम आदमी पार्टी के कैंडिडेट को धमकाने, तलवार...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में हाल ही में स्थानीय निकाय चुनाव संपन्न हुए.. इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने बड़े स्तर पर जीत हासिल की.. लेकिन कुछ जगहों पर आम आदमी पार्टी और अन्य दलों के उम्मीदवारों ने बाजी मारी.. जीत-हार राजनीति का हिस्सा है.. लेकिन हार के बाद अगर बदले की भावना से काम किया जाए तो लोकतंत्र की जड़ें हिल जाती हैं.. भरूच जिले के जंबूसर तालुका में ऐसा ही एक मामला सामने आया है.. जहां हारे हुए भाजपा उम्मीदवार पर पानी की सप्लाई रोकने, धमकी देने और तलवार दिखाने का आरोप लगा है.. यह घटना पूरे गुजरात में चर्चा का विषय बन गई है..
जानकारी के मुताबिक भरूच जिले के जंबूसर तालुका पंचायत की कावी-2 सीट पर चुनाव हुए.. इस सीट पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार सोहेल मलिक ने जीत दर्ज की.. भाजपा के उम्मीदवार शकील अहमद मलिक को हार मिली.. चुनाव नतीजे आने के बाद शकील अहमद मलिक पर आरोप है कि.. उन्होंने गांव में पानी की सप्लाई बंद कर दी.. उनके पिता खालिद मलिक पानी समिति के अध्यक्ष हैं.. आरोप है कि हार के गुस्से में उन्होंने नर्मदा पाइपलाइन से पानी बंद कर दिया..
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ.. वीडियो में शकील अहमद मलिक तलवार लेकर नजर आ रहे हैं.. वे कथित तौर पर गांव वालों को धमकी देते हुए कह रहे हैं.. कि पानी की सप्लाई बंद कर देंगे.. यह वीडियो व्हाट्सएप ग्रुप में भी शेयर किया गया.. जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई.. स्थानीय लोग डर और आक्रोश में हैं.. वे कहते हैं कि चुनाव हारने के बाद इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं है..
आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष पीयूष पटेल ने इस मामले को बहुत गंभीर बताया.. उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से डर का माहौल बनाया जा रहा है.. हार स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं.. इसलिए बदले की राजनीति हो रही है.. पीयूष पटेल ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है.. उनका कहना है कि लोकतंत्र में हार-जीत होती रहती है.. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हारे हुए उम्मीदवार गांव वालों को परेशान करें..
आप ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया.. पार्टी का कहना है कि अगर हार के बाद इस तरह की घटनाएं होंगी तो लोग भविष्य में वोट डालने से भी डरेंगे.. पीयूष पटेल ने मीडिया को बताया कि कई गांवों में भाजपा बूथ हारने के बाद पानी बंद करने.. लाइट के खंभे उखाड़ने, सड़क खोदने.. और दूध मंडली बंद करने जैसी घटनाएं सामने आई हैं..
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया.. कावी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज हुई.. शकील अहमद मलिक और उनके पिता खालिद मलिक को गिरफ्तार किया गया.. उन पर शांति भंग करने, सार्वजनिक आदेशों की अवहेलना.. और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया.. पुलिस ने वीडियो की जांच की कि यह कितना पुराना है.. और वास्तविक घटना है या नहीं..
पुलिस की जांच में पाया गया कि पानी की सप्लाई वाकई बंद की गई थी.. 28 अप्रैल को नतीजे आने के बाद से गांव वाले 1–2 मई तक पानी के बिना परेशान रहे.. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पानी की सप्लाई बहाल की गई.. दोनों आरोपियों को बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया.. पुलिस अभी भी जांच कर रही है..
वहीं यह सिर्फ एक सीट की घटना नहीं है.. गुजरात के कुछ अन्य इलाकों से भी हार के बाद बदले की शिकायतें आई हैं.. कुछ गांवों में जहां भाजपा का बूथ हारा, वहां पानी की सप्लाई रोक दी गई.. कुछ जगहों पर स्ट्रीट लाइट के खंभे उखाड़ लिए गए और घर ले जाए गए.. कुछ इलाकों में दूध मंडली में दूध लेना बंद कर दिया गया.. कहीं-कहीं तलवार या अन्य हथियार दिखाकर धमकाया गया.. कुछ जगहों पर जेसीबी मशीन लाकर गांव की सड़क खोद दी गई..



