उन्नाव जिला अस्पताल में अचानक पहुंचे DM, खुल गई बड़ी लापरवाही की पोल
उन्नाव जिला अस्पताल में DM घनश्याम मीना ने औचक निरीक्षण किया। मरीजों की शिकायत, डॉक्टरों की लापरवाही और गंदगी पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई। CMO और CMS को सुधार के कड़े निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर दिया गया।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क: उन्नाव जिला अस्पताल में उस समय हलचल मच गई जब जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने अचानक अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। बिना पूर्व सूचना पहुंचे डीएम ने सीधे अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी स्थिति को करीब से समझा। यह निरीक्षण सामान्य औपचारिकता नहीं था, बल्कि इसमें अस्पताल की वास्तविक कार्यप्रणाली, सफाई व्यवस्था और स्टाफ के व्यवहार तक की गहन जांच की गई।
मरीजों की समस्याओं पर सीधे पहुंचे जिलाधिकारी
निरीक्षण के दौरान एक मरीज के तीमारदार ने जिलाधिकारी से सीधे डॉक्टरों और स्टाफ की लापरवाही की शिकायत दर्ज कराई। तीमारदार का आरोप था कि अस्पताल में समय पर इलाज और उचित देखभाल नहीं मिल रही है, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया।
सफाई व्यवस्था और स्टाफ पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। कई स्थानों पर गंदगी और अव्यवस्था देखने को मिली, जिस पर डीएम घनश्याम मीना ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल की व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि मरीजों की देखभाल और स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले हर मरीज को समय पर इलाज और बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। डीएम ने यह भी संकेत दिए कि भविष्य में इसी तरह के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे, ताकि व्यवस्था में सुधार लाया जा सके।
जिला अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल
उन्नाव जिला अस्पताल में सामने आई इन खामियों ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं होता। हालांकि, डीएम के इस निरीक्षण के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि अस्पताल प्रशासन में सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन की सख्ती से बढ़ी उम्मीदें
जिलाधिकारी घनश्याम मीना की सख्त कार्यशैली के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि मरीजों की सुविधा और अस्पताल की व्यवस्था में किसी भी तरह की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इन निर्देशों का सही तरीके से पालन होता है, तो जिला अस्पताल की स्थिति में सुधार संभव है।
रिपोर्ट – रंजन बाजपाई
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