कानपुर में ‘ऑटो गैंग’ का खेल खत्म! CCTV से खुला चौंकाने वाला सच
कानपुर में ऑटो में बैठाकर महिलाओं से चोरी करने वाले गैंग का पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र से पर्दाफाश किया। 3 आरोपी गिरफ्तार, 5 लाख की बरामदगी, CCTV और सर्विलांस से खुला राज। जानिए पूरा मामला।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क: कानपुर में महिलाओं को निशाना बनाकर चोरी करने वाले एक संगठित गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि हाईटेक निगरानी और ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के जरिए पुलिस ने न सिर्फ आरोपियों को पकड़ा, बल्कि चोरी किया गया पूरा माल भी बरामद कर लिया। इस केस ने एक बार फिर दिखाया कि शहरी अपराध से निपटने में तकनीक कितनी अहम भूमिका निभा रही है।
क्या है पूरा मामला?
मामला कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस को एक महिला यात्री से चोरी की शिकायत मिली थी। महिला के बैग से करीब 25,000 रुपये नकद, झुमकी और अंगूठियां चोरी कर ली गई थीं। जांच में सामने आया कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित गैंग का काम था, जो ऑटो में सवारी बैठाकर खासतौर पर महिलाओं को निशाना बनाता था।
ऑपरेशन त्रिनेत्र कैसे बना ‘गेम चेंजर’?
पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ का सहारा लिया। इस अभियान के तहत 500 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसके साथ ही तकनीकी विश्लेषण और सर्विलांस के जरिए संदिग्धों की पहचान की गई। करीब-करीब हर मूवमेंट को ट्रैक करते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची और तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार कर लिया।
ऑटो चालक की मिलीभगत, महिलाओं को बनाते थे टारगेट
जांच में एक अहम खुलासा यह हुआ कि इस गैंग में ऑटो चालक की भी सक्रिय भूमिका थी। वह जानबूझकर महिलाओं को बैठाता और फिर गैंग के अन्य सदस्य मौका पाकर उनके बैग से कीमती सामान पार कर देते थे। इस तरीके से गैंग कई वारदातों को अंजाम दे चुका था, जिससे आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे थे।
5 लाख की बरामदगी, स्कूटी भी जब्त
पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी किया गया पूरा सामान बरामद कर लिया है। कुल मिलाकर करीब 5 लाख रुपये की रिकवरी हुई है। इसके अलावा, चोरी के पैसों से खरीदी गई एक एक्टिवा स्कूटी और वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो भी जब्त किया गया है।
पुलिस क्या कह रही है?
इस पूरे मामले पर दीपेंद्र नाथ चौधरी (पुलिस उपायुक्त दक्षिण) ने बताया कि ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत तकनीकी संसाधनों और सर्विलांस का प्रभावी इस्तेमाल किया गया, जिससे गैंग का पर्दाफाश संभव हो पाया। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में ऐसे अपराधों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा
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