क्या उद्धव ठाकरे की शिवसेना में एक और फूट की तैयारी, शिंदे के साथ दिखे पाटिल, कोंकण में भी हलचल तेज

महाराष्ट्र की सियासत में फिर से गर्माहट आती दिख रही है. उद्धव ठाकरे की शिवसेना पर एक बार फिर बड़ी फूट संकट के बादल मंडरा रहे हैं. पार्टी के सांसद संजय पाटिल के एकनाथ शिंदे के साथ कार में बैठकर जाने की खबरों ने ठाकरे खेमा में टेंशन बढ़ा दी है. साथ ही कोंकण क्षेत्र में भी हलचल दिखने लगी है, और कहा जा रहा है कि ऑपरेशन टाइगर यहां से एक बड़ा धड़ा जल्द शिंदे की शिवसेना के साथ जा सकता है.
शिवसेना खेमे में हलचल तब तेज हो गई, जब लोकसभा सांसद संजय दिना पाटिल उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के एक साथ नजर आए. संजय ठाकरे गुट के लोकसभा सांसद हैं. मुंबई के फोर्टिस हॉस्पिटल के बाहर दोनों की एक ही कार में सफर करते हुए तस्वीरें सामने आने के बाद ऑपरेशन टाइगर जैसी चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है.
DyCM शिंदे के आने, कार में बैठने से चर्चा
जानकारी के मुताबिक, संजय पाटिल की पत्नी का पिछले दिनों एक्सीडेंट हो गया था और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. उन्हीं की तबीयत का हाल जानने के लिए DyCM शिंदे अस्पताल पहुंचे थे. मुलाकात के बाद शिंदे को एक शादी समारोह में भी जाना था, इसी दौरान संजय भी उनके साथ उनकी गाड़ी में बैठकर वहां से रवाना हो गए. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो वायरल हो गया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगने शुरू हो गए.
हालांकि, दोनों नेताओं के बीच मुलाकात को लेकर दोनों पक्षों ने किसी भी तरह की राजनीतिक अटकलों को खारिज किया है. शिंदे गुट का कहना है कि यह सिर्फ मानवीय संवेदना का मामला है और महाराष्ट्र की परंपरा रही है कि नेता एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते हैं. संजय पाटिल ने भी साफ किया कि इसे राजनीतिक रंग देना गलत बात है, यह सिर्फ संयोग था कि दोनों एक साथ गाड़ी में चले गए.
मातोश्री में टेंशन, सचिन ने लगाया फोन
सूत्र बताते हैं कि सांसद संजय पाटिल के शिंदे के साथ कार में बैठकर जाने करने की खबरों ने मातोश्री की टेंशन बढ़ा दी. यह खबर आते ही आनन-फानन में मातोश्री से पार्टी के नेता सचिन अहीर को फोन गया. सचिन सीधे संजय पाटिल के घर पहुंचे. इसके बाद सचिन ने संजय की बात सीधे उद्धव ठाकरे से करवाई जिसमें उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि उनकी पत्नी फोर्टिस अस्पताल में भर्ती हैं जिन्हें देखने शिंदे खुद अस्पताल आए और अपनी गाड़ी में लेकर उन्हें घर तक गए.
संजय पाटिल ने कहा कि उनकी निष्ठा उद्धव ठाकरे गुट के साथ ही है और आगे भी रहेगी. इस बीच उद्धव और आदित्य ठाकरे ने भी फोन पर बात कर संजय पाटिल की पत्नी का हालचाल जाना, जिससे यह साफ संकेत देने की कोशिश की गई कि सब कुछ सामान्य है.
कोंकण क्षेत्र में भी फूट की अटकलें तेज
इसके बावजूद, मौजूदा राजनीतिक माहौल और एनडीए की लगातार चुनावी सफलताओं के बीच इस तरह की तस्वीरों ने अटकलों को जरूर हवा दी है कि क्या विपक्षी खेमे में अंदरखाने कुछ हलचल चल रहा है. फिलहाल किसी भी तरफ से इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की सियासत को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है. शिंदे गुट लगातार दावा करता रहा है कि ठाकरे गुट के 6 सांसद उनकी पार्टी के संपर्क में है.
यही नहीं कोंकण क्षेत्र में भी हलचल बनी हुई है. माना जा रहा है कि कोंकण में जल्द ही एक बड़ा उलटफेर हो सकता है. इस उलटफेर का सामना ठाकरे गुट को करना पड़ेगा. ठाकरे गुट के पूर्व जिलाध्यक्ष और कणकवली नगराध्यक्ष संदेश पारकर शिंदे की सेना के संपर्क में बने हुए हैं. कणकवली नगर पंचायत चुनाव में कणकवली पैटर्न पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना था, इसी कणकवली पैटर्न के जरिए संदेश पारकर नगराध्यक्ष चुने गए थे.
अपना कद बढ़ाने में जुटी शिंदे की सेना
ठाकरे गुट समेत सभी राजनीतिक दलों ने संदेश पारकर को अपना समर्थन दिया था. हालांकि संदेश अब जल्द ही शिंदे सेना में शामिल होने के संकेत दे रहे हैं. कोंकण क्षेत्र में उद्धव की शिवसेना पहले ही कमजोर हो चुकी है, ऐसे में शिंदे की पार्टी की ओर से ‘ऑपरेशन टाइगर’ के जरिए उद्धव ठाकरे के कई नेताओं को लगातार तोड़ा जा रहा है.
माना जा रहा है कि शिंदे की शिवसेना राज्य में अपना दबदबा और मजबूत करना चाहती है. लोकसभा चुनाव में शिंदे का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा था, लेकिन इसके बाद हुए विधानसभा चुनाव और फिर स्थानीय निकाय के चुनावों में शिंदे की शिवसेना ने बड़ी जीत दर्ज की. जबकि उद्धव की शिवसेना का प्रदर्शन खराब रहा था. महायुति गठबंधन में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए शिंदे लगातार प्रयासरत हैं और इसी क्रम में वह उद्धव के नेताओं को तोड़कर अपने खेमे में लाने की कोशिश में लगे हैं.

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