बांदा में मंत्री नंद गोपाल नंदी दौरा बना ‘बवाल’, पत्रकार से मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट!
बांदा में मंत्री नंद गोपाल नंदी के दौरे के दौरान विवाद खड़ा हो गया। पत्रकार का मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट करने और कलेक्ट्रेट में खाना फेंकने के आरोप लगे हैं। घटना ने मीडिया स्वतंत्रता और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क: बांदा में एक सरकारी दौरा अचानक विवादों के घेरे में आ गया। जिस कार्यक्रम का मकसद जनसमस्याओं को सुनना और समाधान की दिशा में कदम बढ़ाना था, वही कार्यक्रम अब प्रशासनिक आचरण और मीडिया की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े कर रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के दावों के मुताबिक, घटनाक्रम ने न सिर्फ मौके पर अफरा-तफरी पैदा की, बल्कि पूरे मामले को संवेदनशील बना दिया है।
क्या हुआ बांदा में?
घटना बांदा के कलेक्ट्रेट परिसर की है, जहां प्रभारी मंत्री नंद गोपाल नंदी का दौरा तय कार्यक्रम के तहत चल रहा था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब मंत्री सभागार से बाहर निकले, तो कुछ फरियादी अपनी शिकायत लेकर आगे बढ़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान मंत्री ने नाराजगी जाहिर की और बिना रुके आगे बढ़ गए। मौके पर मौजूद पत्रकार इस पूरे घटनाक्रम को अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर रहे थे।
यहीं से शुरू हुआ विवाद
आरोप है कि मंत्री के साथ मौजूद स्टाफ ने कवरेज कर रहे पत्रकार के साथ अभद्रता की। कथित तौर पर उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया और रिकॉर्ड किया गया वीडियो जबरन डिलीट कर दिया गया। इस घटना के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया। यह आरोप सीधे तौर पर मीडिया की स्वतंत्रता और रिपोर्टिंग के अधिकार से जुड़ा है, जिसे लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं।
कलेक्ट्रेट परिसर में फेंका गया खाना
मामले ने तब और तूल पकड़ा जब कार्यक्रम के बाद मंत्री के काफिले के साथ आए कुछ लोगों द्वारा लंच पैकेट खोलकर कलेक्ट्रेट परिसर में ही खाना फेंकने का आरोप लगा। सरकारी परिसर में इस तरह की हरकत ने अनुशासन और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उठ रहे हैं बड़े सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद कुछ अहम सवाल सामने आ रहे हैं-
- क्या पत्रकार की आवाज दबाने की कोशिश की गई?
- क्या सार्वजनिक कार्यक्रमों में मीडिया कवरेज अब जोखिम भरा हो गया है?
- क्या सरकारी कार्यक्रमों में जवाबदेही और अनुशासन की कमी दिख रही है?
प्रशासन की चुप्पी
फिलहाल इस मामले में प्रशासन या मंत्री पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और लोग जवाब की मांग कर रहे हैं।
रिपोर्ट – इक़बाल खान
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