TMC का BJP और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा, Mamata और Abhishek Banerjee की सीधी चेतावनी
पश्चिम बंगाल के जो चुनावी नतीजे सामने आए हैं...उसके बाद से ममता बनर्जी समेत पूरी TMC ने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर हमलावर है और साफ-साफ कह रहे हैं कि हम हारे नहीं हैं...

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पश्चिम बंगाल के जो चुनावी नतीजे सामने आए हैं…उसके बाद से ममता बनर्जी समेत पूरी TMC ने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर हमलावर है और साफ-साफ कह रहे हैं कि हम हारे नहीं हैं…
हमे हराया गया है…चुनावी गड़बड़ियां करके…अपने इसी दावे के साथ ममता बनर्जी ने सीधी धमकी दे दी है कि वो सीएम पद से इस्तीफा नहीं देंगी…
जिससे ये टकराव और भी ज्यादा तेज हो गई हैं…दरअसल, पश्चिम बंगाल की राजनीति इस वक्त बेहद गरम है…चुनावी नतीजों के बाद जहां एक तरफ ममता बनर्जी की पार्टी TMC हार मानने को तैयार नहीं है…वहीं दूसरी तरफ बीजेपी अपनी बड़ी जीत के बाद सरकार बनाने की तैयारी में जुट गई है…लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ये सिर्फ चुनावी हार-जीत है या इसके पीछे कुछ और बड़ा खेल चल रहा है?
चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य के कई हिस्सों से हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें सामने आईं…आसनसोल, सिलीगुड़ी, जलपाईगुड़ी और फाल्ता जैसे इलाकों में राजनीतिक टकराव देखने को मिला…
TMC ने सीधा आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ता उनके दफ्तरों पर कब्जा कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है…इससे साफ है कि मामला सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं है…बल्कि अब ये सत्ता की एक ऐसी लड़ाई बन गई है…जिसमें बात आंदोलन छेड़ने तक की हो रही है…
इसी बीच, पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा दिया है कि मैं हारी नहीं हूं, मुझे हराया गया है…उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया और कहा कि वो राजभवन जाकर इस्तीफा नहीं देंगी…ये बयान अपने आप में बड़ा राजनीतिक संदेश देता है कि TMC इस हार को स्वीकार करने के मूड में बिल्कुल नहीं है…
ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए…उन्होंने कहा कि चुनाव में धांधली हुई है और करीब 100 सीटों पर लूट की गई है…उनका आरोप है कि चुनाव आयोग पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण तरीके से काम कर रहा था और केंद्र सरकार के दबाव में फैसले लिए गए…उन्होंने यहां तक कह दिया कि…मेरी जिंदगी में मैंने ऐसा चुनाव कभी नहीं देखा…
साथ ही ममता बनर्जी ने कहा…15 सालों से मैंने एक भी पैसा या पेंशन नहीं ली है, न ही मैंने कोई वेतन लिया है…अब मैं एक आज़ाद पंछी हूं, इसलिए मैं कुछ काम करूंगी और अपना गुज़ारा खुद करूंगी…हमारी पार्टी को निशाना बनाया जा रहा है, हमारे लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है…यहां तक कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों को भी नहीं बख्शा जा रहा है…
सबसे चौंकाने वाला आरोप EVM को लेकर सामने आया…जब ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि वोटिंग के बाद भी EVM मशीनों में 80-90% बैटरी चार्ज कैसे बचा रह सकता है?…उन्होंने इसे सबसे बड़ा संदेह बताया और कहा कि ये नॉर्मल नहीं है…
पहली बार इतने खुले तौर पर EVM पर सवाल उठाए गए हैं…जिससे राजनीतिक माहौल और ज्यादा गरमा गया है…..हालांकि, केवल ममता बनर्जी ही नहीं…बल्कि TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाया है…
अभिषेक बनर्जी ने साफ कहा कि हम हारे नहीं हैं, हमें लूटकर हराया गया है…ये बयान पार्टी के अंदर गुस्से और संघर्ष की भावना को साफ दिखाता है…उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है और हर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी…और इसके लिए टीएमसी ने तैयारी भी शुरू कर दी है…
टीएमसी ने एक ऐसी टीम बनाने जा रही है…जो चुनाव नतीजों में हुए कथित हेरफेर का पता लगाएगी…अभिषेक बनर्जी ने ऐलान किया कि एक 12 सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग टीम बनाई जाएगी…जो पूरे मामले की जांच करेगी और सच्चाई सामने लाएगी…साथ ही अभिषेक बनर्जी ने अपने बयान में TMC कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है…
उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी और 12 सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग टीम सच्चाई सामने लाने के लिए काम करेगी…ये संदेश संगठन की एकजुटता और संघर्ष के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है…
इसका मतलब साफ है कि TMC अब इस मुद्दे को राजनीतिक लड़ाई से आगे बढ़ाकर जांच और आंदोलन के स्तर तक ले जाने की तैयारी कर रही है….इस पूरे विवाद के बीच विपक्षी दल भी TMC के समर्थन में आते दिख रहे हैं…
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी ममता बनर्जी के पक्ष में बयान दिया और कहा कि ये सिर्फ एक पार्टी की हार नहीं है…बल्कि लोकतंत्र पर हमला है… उन्होंने उन लोगों को भी फटकारा जो TMC की हार पर खुशी मना रहे थे…वहीं सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव भी कल ममता बनर्जी से मिलने पश्चिम बंगाल जाएंगे….इससे ये मैसेज गया कि INDIA गठबंधन इस मुद्दे पर एकजुट हो सकता है…
ममता बनर्जी ने भी अपने बयान में कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और हेमंत सोरेन जैसे नेताओं ने उन्हें फोन कर समर्थन दिया है…उन्होंने कहा कि आने वाले समय में INDIA गठबंधन और मजबूत होगा और यह लड़ाई मिलकर लड़ी जाएगी…दूसरी तरफ, बीजेपी पूरी तरह से सरकार गठन में जुट गई है…
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पश्चिम बंगाल में विधायक दल का नेता चुनने और सरकार बनाने की जिम्मेदारी दी गई है…खबर है कि 9 मई को नई सरकार का शपथ ग्रहण हो सकता है…बीजेपी इस जीत को ऐतिहासिक बता रही है और इसे जनता का जनादेश बता रही है…इसीलिए बंगाल में CM पर फैसला कराने खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जाएंगे…
बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व का कहना है कि पार्टी ने 200 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल की है…जो बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव है…ये पहली बार होगा जब पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है…ऐसे में पार्टी इस मौके को किसी भी हालत में गंवाना नहीं चाहती…लेकिन सवाल यही है कि जब एक तरफ सरकार गठन की तैयारी हो रही है और दूसरी तरफ विपक्ष सड़कों पर उतरने की बात कर रहा है…तो क्या बंगाल आने वाले दिनों में एक बड़ी राजनीतिक जंग का मैदान बनने वाला है?
TMC ने साफ संकेत दे दिया है कि ये लड़ाई लंबी चलेगी…ममता बनर्जी ने कहा कि वो अपने सहयोगियों के साथ सड़क पर उतरेंगी और आंदोलन करेंगी…उन्होंने 10 सदस्यीय टीम बनाकर अलग-अलग इलाकों में दौरा करने का भी ऐलान किया है…हालांकि उन्होंने अभी ये नहीं बताया कि आंदोलन का स्वरूप क्या होगा…लेकिन इतना जरूर कहा कि एक्शन लिया जाएगा…
ये पूरा घटनाक्रम सिर्फ पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है…असम में भी बीजेपी को बड़ी जीत मिली है…जहां पार्टी ने 100 से ज्यादा सीटों पर कब्जा जमाया है…वहां जेपी नड्डा और अन्य वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक बनाया गया है…ताकि सरकार गठन की प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा किया जा सके…यानी अब तस्वीर साफ है…एक तरफ बीजेपी अपनी जीत को मजबूत करने में लगी है…वहीं दूसरी तरफ TMC इस जीत को चुनौती देने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है…
राजनीतिक बयानबाजी अब आंदोलन में बदलने जा रही है…आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति और ज्यादा उग्र हो सकती है…ऐसे में सवाल उठे कि…क्या ममता बनर्जी का तूफानी आंदोलन बीजेपी के लिए चुनौती बनेगा?…क्या चुनाव आयोग पर लगे आरोपों की जांच होगी?…और सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या ये लड़ाई लोकतंत्र की नई दिशा तय करेगी?…
फिलहाल इतना तो तय है कि बंगाल में सियासी तूफान अभी थमा नहीं है…बल्कि ये तो बस शुरुआत है…..देखने वाली बात होगी कि ममता बनर्जी क्या सच में बीजेपी के खिलाफ कोई बड़ा आंदोलन चलाएंगी और क्या TMC सच में कोई बड़ा खुलासा करेगी ?



