नीतीश कुमार के बेटे निशांत अब राजनीति में… जानिए पूरा सफर

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने सम्राट कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ले ली है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने सम्राट कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ले ली है.

सॉफ्टवेयर इंजीनियर निशांत राजनीति में नए हैं लेकिन अपनी सादगी के लिए राज्य के लोगों के बीच खासा सुर्खियों में रहते हैं. उन्होंने ‘सद्भाव यात्रा’ के साथ सक्रिय राजनीति में कदम रखा है. उनके मुताबिक, इसका मकसद पिता के राजनीतिक मूल्यों को आगे बढ़ाना है.

सम्राट मंत्रिमंडल के विस्तार में ऐसे तो कई नाम शामिल हैं, जिन्हें पहली बार मंत्री बनने का मौका मिला लेकिन इन सबमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाला अगर कोई नाम रहा तो वह नाम पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का.

निशांत के मंत्रिमंडल में शामिल होने की खबरें एक-दो दिन पहले से ही आ रही थीं लेकिन वह पुख्ता नहीं हो रही थीं. अब जब निशांत कुमार ने मंत्री पद की शपथ ली, तब सब कुछ आईने की तरह साफ हो गया.

निशांत कुमार कुछ ही दिन पहले राजनीति में आए, जब वह जेडीयू में शामिल हुए. निशांत की गिनती ऐसे नेताओं में होती है जो सादगी को पसंद करते हैं.

निशांत अत्यंत ही धार्मिक और आध्यात्मिक प्रवृत्ति के माने जाते हैं और भीड़भाड़ से खुद को दूर रखते हैं. इसके अलावा निशांत के व्यक्तित्व का सबसे अहम पहलू उनका हर किसी से बिल्कुल मृदुल भाषा में बातें करना और व्यवहार करना है.

बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन

निशांत अपने पिता की तरह ही इंजीनियरिंग किए हुए हैं. राजधानी के सेंट करेन स्कूल से शुरुआती शिक्षा हासिल करने वाले निशांत ने अपनी आगे की पढ़ाई मानव भारती इंटरनेशनल स्कूल, मसूरी से की.

इसके बाद उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन पूरा किया. निशांत के पिता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गिनती जहां देश के प्रमुख राजनीतिज्ञ में होती है, वहीं उनकी माता स्वर्गीय मंजू देवी टीचर थीं.

20 जुलाई 1975 को जन्मे निशांत शुरू के दिनों में राजनीति में कोई इंटरेस्ट नहीं रखते थे. हालांकि बाद में वह सक्रिय राजनीति में आए. निशांत ने सक्रिय राजनीति में अपनी शुरुआत इसी साल आठ मार्च को की थी, जब राजधानी में प्रदेश जदयू कार्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच पार्टी में शामिल हुए थे.

निशांत अभी अविवाहित हैं. हाल के दिनों में निशांत उस वक्त भी तब चर्चा में आए थे, जब यह खबर सामने आई थी कि वह बिहार की यात्रा पर निकलेंगे.

चंपारण से सद्भाव यात्रा की शुरुआत की

प्रदेश जदयू की तरफ से निशांत के लिए खास ‘जय निशांत तय निशांत’ का नारा भी गढ़ा गया था. निशांत ने अपनी बहुचर्चित सद्भाव यात्रा की शुरुआत चंपारण से की, जहां से उनके पिता नीतीश कुमार यात्रा निकालते रहे थे.

निशांत कई मौके पर यह बात कह चुके हैं कि वह राजनीति में आएंगे तो अपने पिता के राजनीतिक मूल्य और कार्यशाली को आगे बढ़ाने का संदेश देंगे. वह यह भी कर चुके हैं कि वह आम लोगों के बीच में बिहार में उनके पिता के द्वारा किए गए विकास कार्यों के बारे में जानकारी देंगे, साथ ही साथ लोगों से भी फीडबैक लेंगे.

रामचंद्र प्रसाद भी बने मंत्री

निशांत के साथ ही सम्राट सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी कोटे से जगह पाने वाले विधायकों में नया नाम विधायक रामचंद्र प्रसाद का भी है. दरभंगा जिले के हायाघाट सीट से जीत दर्ज करने वाले रामचंद्र ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जिला परिषद के चुनाव से की थी. वो जिला पार्षद बने थे. इसके बाद बीजेपी में शामिल हो गए. उनकी पहचान पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में रही है.

2020 में पहली बार पार्टी ने उनके ऊपर विश्वास जताते हुए टिकट दिया. रामचंद्र चुनावी मैदान में उतरे और जीत भी दर्ज की. इसके बाद 2025 में पार्टी ने फिर चुनावी मैदान में उतारा. इस चुनाव में भी उन्होंने जीत दर्ज की. विधानसभा चुनाव में रामचंद्र ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के राइट हैंड गिन जाने वाले भोला यादव को हराया था. राजनीति में आने से पहले इनकी पहचान सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में रही है.

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