मीरजापुर जिम धर्मांतरण कांड में बड़ा अपडेट: 6 हजार पेज की चार्जशीट दाखिल, कई अहम सबूत शामिल
मीरजापुर के चर्चित जिम धर्मांतरण कांड में पुलिस ने 6 हजार पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। मामले में 11 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। जांच में ब्लैकमेलिंग, अवैध वसूली और धर्मांतरण से जुड़े कई अहम सबूत शामिल किए गए हैं।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क: मीरजापुर के बहुचर्चित जिम धर्मांतरण कांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए न्यायालय में करीब 6 हजार पेज की चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस सनसनीखेज मामले में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान कई अहम डिजिटल और दस्तावेजी सबूत मिले हैं, जिन्हें आरोप पत्र का हिस्सा बनाया गया है।
यह मामला मीरजापुर शहर के पांच जिमों से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां कथित तौर पर लड़कियों और महिलाओं को दोस्ती और प्रेम जाल में फंसाकर ब्लैकमेल किया जाता था। पुलिस के अनुसार, इसके बाद अवैध वसूली और धर्मांतरण जैसी गतिविधियों को अंजाम दिया जाता था।
कैसे चलता था पूरा नेटवर्क?
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी पहले जिम आने वाली लड़कियों और महिलाओं से दोस्ती करते थे। धीरे-धीरे उन्हें प्रेम संबंधों में फंसाया जाता और फिर निजी वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग शुरू होती थी। पुलिस का आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए पीड़ितों पर मानसिक दबाव बनाया जाता था और उनसे अवैध वसूली भी की जाती थी। मामले में धर्मांतरण कराने के आरोप भी शामिल हैं, जिसके बाद यह प्रकरण पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया था।
पुलिस ने जुटाए डिजिटल और तकनीकी सबूत
यूपी पुलिस की जांच में मोबाइल डेटा, चैट रिकॉर्ड, वीडियो क्लिप और बैंकिंग लेनदेन से जुड़े कई तकनीकी साक्ष्य सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 6 हजार पेज की चार्जशीट में इन्हीं सबूतों को विस्तार से शामिल किया गया है। मामले की जांच कर रही देहात कोतवाली पुलिस ने न्यायालय में विस्तृत आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। अब अदालत में आगे की सुनवाई के दौरान इन सबूतों की कानूनी जांच होगी।
जिला जज पहले ही खारिज कर चुके हैं जमानत
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की जमानत याचिकाएं पहले ही जिला जज द्वारा खारिज की जा चुकी हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए अदालत ने आरोपियों को राहत देने से इनकार किया था।
अपर्णा रजत कौशिक, पुलिस अधीक्षक मीरजापुर, ने बताया कि जिम में आने वाली लड़कियों को ब्लैकमेल कर धर्मांतरण कराने की शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की गई थी। जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए, जिसके बाद लगातार कार्रवाई की गई।
पूरे प्रदेश में बना चर्चा का विषय
जिम धर्मांतरण कांड सामने आने के बाद यह मामला प्रदेशभर में सुर्खियों में रहा। समाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल ब्लैकमेलिंग और सोशल नेटवर्किंग के जरिए होने वाले अपराधों में पिछले कुछ वर्षों में तेजी आई है। ऐसे मामलों में समय पर शिकायत और तकनीकी जांच बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर काम कर रही है और संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में कुछ और अहम खुलासे हो सकते हैं।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरी
यह भी पढ़ें: मीरजापुर में हाई रिस्क गांवों में टीबी जांच अभियान, हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन से हो रही स्क्रीनिंग



