मीरजापुर में हाई रिस्क गांवों में टीबी जांच अभियान, हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन से हो रही स्क्रीनिंग

मीरजापुर के लालगंज क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने हाई रिस्क गांवों में हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन से टीबी जांच अभियान शुरू किया। खजुरी गांव में 85 लोगों की स्क्रीनिंग कर मरीजों को मुफ्त इलाज से जोड़ा गया।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क: मीरजापुर जिले में क्षय रोग यानी टीबी के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान तेज कर दिया है। ग्रामीण इलाकों में टीबी मरीजों की समय रहते पहचान और इलाज सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। इसी कड़ी में लालगंज विकास खंड के खजुरी गांव में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चौपाल लगाकर लोगों को टीबी के प्रति जागरूक किया और हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के जरिए स्क्रीनिंग अभियान चलाया। इस पहल का उद्देश्य हाई रिस्क गांवों में संभावित टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें तुरंत निःशुल्क इलाज से जोड़ना है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समय पर जांच और नियमित दवा से टीबी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

100 दिवसीय टीबी खोजी अभियान के तहत चल रही कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग द्वारा शासन के निर्देश पर 100 दिवसीय सघन टीबी रोगी खोजी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर लोगों की जांच की जा रही है। वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक शमीम अहमद ने बताया कि हाई रिस्क गांवों को चिन्हित कर वहां हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन से जांच की जा रही है ताकि शुरुआती स्तर पर ही मरीजों की पहचान हो सके। उन्होंने कहा कि टीबी के लक्षण दिखने पर लोग जांच कराने से न घबराएं, क्योंकि सरकारी अस्पतालों में इसका इलाज पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है।

खजुरी गांव में 85 लोगों की हुई जांच

खजूरी गांव में आयोजित शिविर में आशा कार्यकर्ता रीता देवी और ग्राम प्रधान रहीश अहमद के सहयोग से ग्रामीणों को जागरूक किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कुल 85 लोगों का एक्स-रे परीक्षण किया। शिविर में मौजूद लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव, इलाज और सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों से अपील की कि लगातार खांसी, वजन कम होना या कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं।

“टीबी का इलाज संभव, समय पर दवा जरूरी”

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज के अधीक्षक डॉ. संजय सिंह ने कहा कि टीबी एक संक्रामक बीमारी जरूर है, लेकिन नियमित दवा और समय पर उपचार से इसे पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण कई मरीज देर से सामने आते हैं, जिससे बीमारी बढ़ जाती है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और जांच की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दे रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम रही मौजूद

शिविर में वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक शमीम अहमद, एक्स-रे टेक्नीशियन सुजीत कुमार मिश्रा, अजीत कुमार सिंह, आशा कार्यकर्ता रीता देवी, बृजेश बिंद और बाबूलाल सहित कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस तरह के अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और मरीजों को समय रहते इलाज मिल सकेगा।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी

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