गुस्से को इन योगासनों से करें कंट्रोल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
तनाव और गुस्सा आज हर दूसरे आदमी की आम समस्या बन चुका है। कई बार छोटी-छोटी बातों पर भी लोगों को गुस्सा आ जाता है, जिससे रिश्ते और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर प्रभाव पड़ता है। हालांकि कई विशेषज्ञ योग को गुस्सा और तनाव नियंत्रित करने का एक प्रभावी तरीका मानते हैं। योग न केवल शरीर को स्वस्थ बनाता है, बल्कि मन को शांत और संतुलित रखने में भी मदद करता है। नियमित योगाभ्यास से मानसिक संतुलन बेहतर होता है और व्यक्ति अपने भावनाओं पर बेहतर नियंत्रण रख पाता है। अगर आप रोज कुछ मिनट योग और प्राणायाम का अभ्यास करते हैं, तो धीरे-धीरे गुस्से पर नियंत्रण और मानसिक शांति महसूस कर सकते हैं। योग का मुख्य उद्देश्य शरीर, मन और सांस के बीच संतुलन बनाना है। जब हम योगासन और प्राणायाम करते हैं, तो शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है और दिमाग शांत होने लगता है। इन योगासनों के अलावापर्याप्त नींद लें, कैफीन और जंक फूड कम करें, नियमित एक्सरसाइज करें, सकारात्मक सोच अपनाएं। इन आदतों के साथ योग करने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
योगाभ्यास के फायदे
क्रोध (गुस्सा) प्रबंधन और मानसिक शांति के लिए योग एक अत्यंत प्रभावी साधन है। योगासन न केवल शरीर को लचीला बनाते हैं, बल्कि तंत्रिका तंत्र को शांत करके मन को स्थिर करते हैं। सकारात्मक सोच विकसित होती है। नियमित योग से धीरे-धीरे गुस्से की तीव्रता कम हो सकती है। योग से शरीर में तनाव पैदा करने वाले हार्मोन का स्तर कम होता है, जिससे क्रोध शांत होता है। नियमित योगाभ्यास से भावनाओं पर नियंत्रण बढ़ता है, जिससे गुस्सा कम आता है और चिड़चिड़ापन दूर होता है।
प्राणायाम
योग के साथ-साथ प्राणायाम भी बहुत असरदार माना जाता है। अनुलोम विलोम प्राणायाम और भ्रामरी प्राणायाम गुस्से पर काबू रखने में फायदेमंद हैं। अनुलोम विलोम के अभ्यास से सांस लेने की यह तकनीक दिमाग को शांत करती है और तनाव कम करती है। वहीं भ्रामरी प्राणायाम में भंवरे जैसी आवाज़ निकालते हुए सांस छोड़ते हैं। यह अभ्यास गुस्सा, चिंता और बेचैनी को कम करने में मदद करता है। प्राणायाम करने के लिए आपको पद्मासन की मुद्रा में बैठना है और अपनी आंखें बंद कर लेनी है। ध्यान रहे पूरे आसन के दौरान आपको अपनी रीढ़ की हड्डी सीधी रखनी है। सांसों पर सारा का सारा ध्यान रखना है। नाक के जरिए धीरे-धीरे लंबी और गहरी सांस लें। इसके बाद सांसों को भी धीरे-धीरे बाहर निकालना है। ध्यान के दौरान इस बात को गौर करें कि आपका पूरा ध्यान अपनी सांस पर हो।
सुखासन
सुखासन ध्यान और प्राणायाम के लिए सबसे आसान आसन माना जाता है। सुखासन का नियमित अभ्यास करने से मन स्थिर रहता है। सांसों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है और गुस्सा व चिंता कम होती है।
इस आसन को करने के दौरान पीठ को सीधा रखें। अब दोनों पैरों को बारी-बारी से क्रॉस करते हुए घुटनों से भीतर की तरफ मोड़ें। पैरों को आराम देते हुए बैठें। ध्यान रखें कि घुटने जमीन को छूते रहें। आंखें बंद करके गहरी सांस लें और कुछ मिनट इसी मुद्रा में बैठें रहे।
बालासन
यह योगासन मन को शांत करने के लिए बेहद प्रभावी माना जाता है। बालासन के अभ्यास से कई फायदे होते हैं, जैसे- तनाव कम होता है। बालासन मानसिक शांति देता है। दिमाग को रिलैक्स करता है।
शवासन
शवासन शरीर और दिमाग को पूरी तरह आराम देने वाला आसन है। इसका अभ्यास मानसिक तनाव कम करता है। दिमाग को रिलैक्स करता है और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। गुस्सा नियंत्रित करने के लिए रोज 10 से 15 मिनट योगासन करना चाहिए और 5-10 मिनट प्राणायाम को देने चाहिए।



