टीएमसी की हार के बाद से पार्टी में रार

पूर्व सीएम की अपील नहीं मानी सीपीआई व कांग्रेस ने, पार्टी प्रमुख ने तीर-कमान कसने किए शुरू, ममता ने प्रवक्ताओं पर गिराई गाज

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में उठापटक शुरू हो गई है। पार्टी ने अपने तीन प्रवक्ताओं को पार्टी से निकाल दिया है, पार्टी ने आरोप लगाया है कि ये लोग पार्टी विरोधी टिप्पणी कर रहे थे। इसलिए इन्हें छह साल तक पार्टी से सस्पेंड किया है। उधर टीएमसी प्रमुख के द्वारा विपक्षी पार्टियों के एक जुट होने के आहवान सीपीआई ने ठुकरा दिया है उसके बाद से बंगाल में नया सियासी समीकरण और माहौल बनने की संभवना दिखने लगी है।
उधर पार्टी बयान के मुताबिक, प्रवक्ता कोहिनूर मजूमदार, रिजु दत्ता और कार्तिक घोष को पार्टी अनुशासन तोडऩे के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया। यह कार्रवाई पार्टी की ओर से पांच प्रवक्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने के कुछ दिनों बाद हुई। इन लोगों पर आरोप है कि विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद लीडरशिप और पार्टी की चुनावी रणनीति की आलोचना करने वाले कमेंट्स किए थे। गौरतलब है कि बंगाल चुनाव में नतीजों में भाजपा ने 207 सीटें जीतीं, जबकि 294 सदस्यों वाली विधानसभा में टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई।

अभिषेक बनर्जी के काम करने के तरीके पर उठाए थे सवाल

ये नोटिस टीएमसी सांसद डेरेक ओब्रायन ने जारी किए हैं। वह पार्टी की डिसिप्लिनरी कमिटी के सदस्य हैं, सस्पेंड किए गए तीन नेताओं के अलावा, कृष्णेंदु चौधरी और पापिया घोष को भी नोटिस दिए गए थे।

भाजपा को राजनीतिक जमीन देने का काम खुद ममता बनर्जी ने किया था : सौम्य ऐच

हालांकि, ममता की इस पहल को विपक्षी दलों ने तुरंत नकार दिया। कांग्रेस प्रवक्ता सौम्य ऐच रॉय ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ममता बनर्जी अब उन अल्ट्रा-लेफ्ट समूहों का समर्थन मांग रही हैं, जिन पर 13 में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमलों के आरोप लगे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने पिछले चुनावों में कांग्रेस को लगातार बदनाम किया और राज्य में भाजपा को मजबूत होने का मौका दिया। रॉय ने कहा कि बंगाल में भाजपा को राजनीतिक जमीन देने का काम खुद ममता बनर्जी ने किया था।

ममता अलोकतांत्रिक नेता : मोहम्मद सलीम

वहीं, मोहम्मद सलीम के नेतृत्व वाली सीपीएम ने भी ममता बनर्जी की अपील को पूरी तरह खारिज कर दिया। सीपीएम राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने तृणमूल कांग्रेस को भ्रष्ट और सांप्रदायिक करार देते हुए कहा कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई का मतलब तृणमूल कांग्रेस के साथ खड़ा होना नहीं हो सकता।सीपीआई के राज्य सचिव स्वपन बंदोपाध्याय ने भी साफ शब्दों में कहा कि ममता बनर्जी जैसी तानाशाही और अलोकतांत्रिक नेता के साथ हाथ मिलाने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

तृणमूल कांग्रेस दक्षिणपंथी और अधिनायकवादी पार्टी : अभिजीत मजूमदार

उधर, सीपीआई (एम-एल) लिबरेशन के अभिजीत मजूमदार ने तृणमूल कांग्रेस को दक्षिणपंथी और अधिनायकवादी पार्टी बताया। वहीं एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के पोलित ब्यूरो सदस्य अमिताभ चटर्जी ने कहा कि ममता बनर्जी अब ऐसी अपील इसलिए कर रही हैं क्योंकि उन्हें राजनीतिक हार का सामना करना पड़ा है। इस बीच, पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी ममता बनर्जी की अपील को महत्वहीन बताया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी अब राज्य की राजनीति में कोई खास राजनीतिक महत्व नहीं रखतीं।

तृणमूल कांग्रेस दक्षिणपंथी और अधिनायकवादी पार्टी : अभिजीत मजूमदार

पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाजपा के खिलाफ संयुक्त विपक्षी मोर्चा बनाने की ममता बनर्जी की अपील को कांग्रेस और वाम दलों ने सिरे से खारिज कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने एक वीडियो संदेश जारी कर कांग्रेस, सीपीएम और अन्य वामपंथी दलों से भाजपा के खिलाफ एकजुट होने की अपील की थी। उन्होंने भाजपा को सबसे बड़ा दुश्मन बताते हुए सभी विपक्षी ताकतों से साथ आने का आह्वान किया था।

एआईडीएमके के भीतर राजनीतिक घमासान

तमिलनाडु विस चुनाव के नतीजों के बाद उथलपुथल
एक गुट ने पलानीस्वामी के खिलाफ मोर्चा खोला

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने एआईडीएमके के भीतर एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। पार्टी की करारी हार के बाद अब नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेता सी.वी. शनमुगम के नेतृत्व वाले गुट ने पार्टी प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और उनसे तत्काल इस्तीफे की मांग की है।
हालांकि, सूत्रों ने यह भी बताया कि पार्टी के कुछ तबकों से बढ़ते दबाव के बावजूद ईपीएस इस्तीफ़ा देने को तैयार नहीं हैं। शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के वरिष्ठ नेता सी.वी. शनमुगम के साथ जुड़े विधायकों और कई पूर्व मंत्रियों ने ईपीएस को साफ़ कह दिया है कि लगातार चार चुनावी हार के बाद वे अब उनकी लीडरशिप को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। 23 अप्रैल को हुए चुनावों में एआईडीएमके 293 सीटों में से सिर्फ़ 47 सीटें ही जीत पाई थी।
इससे पहले, ऐसी चर्चा ज़ोरों पर थी कि शनमुगम के नेतृत्व वाला गुट अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजग़म) के साथ गठबंधन कर सकता है। उस समय टीवीके सरकार बनाने के लिए ज़रूरी संख्या जुटाने में लगी हुई थी। शनमुगम सहित 3० से ज़्यादा विधायक पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में डेरा डाले हुए थे। उस समय विजय के नेतृत्व वाली पार्टी के साथ गठबंधन की चर्चा ज़ोरों पर थी।

विजय पेरम्बूर सीट से बने रहेंगे एमएलए

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा क्षेत्र से इस्तीफा दे दिया और पेरम्बूर सीट बरकरार रखने का फैसला किया। यह घटनाक्रम चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में तटीय राज्य के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में उनके शपथ ग्रहण के कुछ घंटों बाद सामने आया। तमिलगा वेट्ट्री कजग़म (टीवीके) के प्रमुख विजय ने तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनाव में दो सीटों – तिरुचिरापल्ली पूर्व और पेरम्बूर – से चुनाव लड़ा था और दोनों में जीत हासिल की थी।

सभी विभागों का एक श्वेतपत्र जारी करेंगे नए सीएम

टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय के रविवार को एक भव्य समारोह में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद नवनियुक्त मंत्रियों ने पारंपरिक शासन से इतर एक आमूलचूल बदलाव का संकेत दिया, जिसमें सभी विभागों का एक ‘श्वेतपत्र’ ऑडिट और प्रशासन में ‘शून्य हस्तक्षेप’ की नीति की बात कही गई। विजय की जीत को एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिसने लगभग छह दशकों के द्रविड़ राजनीतिक वर्चस्व को उलट दिया है।

आलमगीर आलम को मिली जमानत

दो साल बाद जेल से बाहर आएंगे झारखंड के पूर्व मंत्री
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार में आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी।
आलमगीर आलम दो साल से जेल में थे। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब उनके जल्द ही जेल से बाहर आने की उम्मीद है। मालूम हो कि विधानसभा चुनाव के दौरान आलमगीर आलम को मनी लॉन्ड्रिंग मामले मे गिरफ्तार किया गया था। तब वो जेल में ही थे। हाईकोर्ट ने आलमगीर आलम को जमानत देने से इन्कार कर दिया था। हाईकोर्ट के फैसले को आलमगीर आलम ने सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता आलमगीर आलम के साथ ही उनके पर्सनल सेक्रेटरी संजीव लाल को भी जमानत दी है।

हिंदू मैरिज एक्ट प्रावधान चुनौती पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, याचिका खारिज

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू मैरिज एक्ट की धारा तेरह दो तीन को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को खारिज कर दियायह प्रावधान केवल पत्नी को तलाक मांगने का अधिकार देता है जब पति-पत्नी एक वर्ष से अधिक साथ नहीं रहतेयाचिका में इस प्रावधान को लिंग भेदभावपूर्ण बताया गया था लेकिन कोर्ट ने इसमें दखल देने से मना किया।
सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 13(2)(3) को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया. यह प्रावधान केवल पत्नी को यह अधिकार देता है कि यदि भरण-पोषण के डिक्री के बाद एक वर्ष या उससे अधिक समय तक पति-पत्नी के बीच साथ में रहना पुन: शुरू नहीं होता, तो वह तलाक की मांग कर सकती है. इस याचिका में इस प्रावधान को लिंग भेदभावपूर्ण बताया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसमें दखल देने से इनकार कर दिया और कहा कि यह एक विशेष कानून है। इस मामले की सुनवाई सीजेआई सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने की. खुद पेश हुए याचिकाकर्ता ने अदालत से कहा कि वह इस प्रावधान पर पुनर्विचार चाहते हैं और यह अधिकार पुरुष और महिला दोनों को मिलना चाहिए. इस पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने पूछा कि इस प्रावधान से उन्हें कैसे प्रभावित होता है और क्या वह पुरुषों के स्वयंभू नेता हैं. जब याचिकाकर्ता ने कहा कि वह स्वयं इस स्थिति से प्रभावित हैं और इससे अन्य पुरुषों को भी उम्मीद मिल सकती है, तब ष्टछ्वढ्ढ कांत ने टिप्पणी की कि यही वह उनसे स्वीकार करवाना चाहते थे. उन्होंने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता पर भारी जुर्माना क्यों न लगाया जाए।

चंबा के ककीरा में इनोवा खाई में गिरी, छह की मौत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
बनीखेत/चंबा। हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा में भटियात के ककीरा में आज सुबह तीन बजे के करीब पर्यटकों से भरी एक गाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसे में छह लोगों की मौत हुई है जबकि चार घायल हैं। दुर्घटनाग्रस्त इनोवा क्रिस्टा गाड़ी में गुजरात के टूरिस्ट सवार थे। ये लोग मनाली से डलहौजी घूमने जा रहे थे। हादसे के वक्त क्षेत्र में भारी बारिश हो रही थी। गाड़ी में ड्राइवर समेत कुल 10 लोग सवार थे।
घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत के चलते मेडिकल कॉलेज टांडा रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन मंडी नंबर की टैक्सी इनोवा क्रिस्टा थी। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। प्रारंभिक जांच में खराब मौसम और सडक़ पर फिसलन को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों के परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। ककीरा घार के पास हुए दर्दनाक सडक़ हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेज दिया गया था।

गुजरात के आणंद में ट्रक-टेंपो की भिड़ंत, दो महिलाओं समेत चार लोगों की मौत

गुजरात के आणंद जिले में ट्रक और टेम्पो में टक्कर होने से 4 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही 5 लोग घायल हो गए। पुलिस ने घटना के कारण को लेकर बताया कि, सोमवार की सुबह टेम्पो सडक़ किनारे खड़े एक ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गया। जिसके कारण इतने लोगों की जान चली गई। वहीं, तारापुर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर मयूर शर्मा ने आगे बताया कि मरने वाले चार लोगों में एक 5 साल का बच्चा, दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल है; जबकि, अन्य 5 लोग घायल है। टेम्पो में सवार लोग दाहोद से मजदूरी करने के लिए जा रहे थे। फिलहाल घायलों को तारापुर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया है। इसके अलावा घटना को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि, यह इलाका हादसों के लिहाज से संवेदनशील है, लेकिन प्रशासन ने यहां कोई चेतावनी वाला साइन बोर्ड नहीं लगाया है।

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