Iran के आगे America सरेंडर! मानी डिमांड, Trump ने रोक दिया हमला
ईरान को धमकी देना ट्रंप को इतना भारी पड़ा कि ईरान अब तमाम हमलों के बाद ट्रंप को मारने के लिए 560 करोड़ की सुपारी दे दी है...

4पीएम न्यूज नेटवर्क: ईरान को धमकी देना ट्रंप को इतना भारी पड़ा कि ईरान अब तमाम हमलों के बाद ट्रंप को मारने के लिए 560 करोड़ की सुपारी दे दी है…
जिससे घबराया अमेरिका ईरान की बड़ी डिमांड पूरी करने को तैयार हो गया है और तो और ट्रंप ने ईरान पर आज अमेरिका की ओर से होने वाले हमले को भी रोक दिया है…जिससे की सुपरपावर देश अमेरिका की पूरी दुनिया में फजीहत हो गई है…
तो ईरान ने किसे दी ट्रंप को मारने की सुपारी और इस डर से अमेरिका ने ईरान की कौन-कौन सी डिमांड मानी है…लेकिन, उससे पहले आप ये वीडियो देखिए…ये वीडियो तेहरान का है…जहां पर ईरानी महिलाओं को AK-47 राइफलों को अलग करने, जोड़ने और इस्तेमाल करना सिखाया जा रहा है…यहां कर कि TV पर एंकर भी हथियार चला रहे हैं…हालांकि, सिर्फ ऐसा नहीं है कि यहां ट्रेनिंग सिर्फ महिलाओं को मिल रही है…बल्कि, मासूम बच्चों और आम पुरुषों के लिए अलग से सैन्यकर्मी है…जो उन्हें हथियार चलाना सिखा रहा है…यानी कि ईरान अपने हर एक नागरिक…चाहे वो महिला हो…पुरूष हो या मासूम बच्चे…सभी को जंग के लिए तैयार कर रहा है…
इसी बीच खबर आई कि ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जान से मरवाने के लिए सुपारी देने की तैयारी कर ली है…खबर देखिए लिखा है…ट्रंप और नेतन्याहू को नरक में भेजो और 560 करोड़ ले जाओ….साथ ही रिपोर्ट में दावा किया गया है कि…ईरान ने सुपारी देने की तैयारी कर ली है…जिससे की सुपरवार देश अमेरिका के होश उड़ गए हैं और बड़बोले ट्रंप आज ईरान पर होने वाले हमले को रोकने को मजबूर हो गए हैं…
मिडिल ईस्ट में इस समय जो हालात बन रहे हैं…वो सिर्फ एक सामान्य तनाव नहीं बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति को हिला देने वाला मोड़ बनते जा रहे हैं…एक तरफ ट्रंप लगातार ईरान को धमकी पर धमकी दे रहे थे…तो दूसरी तरफ ईरान अपने तरीके से जवाब देने की तैयारी कर रहा था…लेकिन अब जो खबरे सामने आ रही हैं…वो ये दिखाती हैं कि हालात अचानक पलट गए हैं और इस बार ट्रंप अपने ही बनाए जाल में बुरी तरह से फंस गए हैं…
कुछ समय पहले तक ट्रंप का रुख बेहद आक्रामक था…उन्होंने साफ कहा था कि अगर बातचीत फेल होती है…तो अमेरिका अब तक का सबसे बड़ा हमला करेगा…ये सिर्फ एक चेतावनी नहीं थी…बल्कि एक तरह का खुला अल्टीमेटम था…इसके बाद पूरी दुनिया को लगा कि अब युद्ध लगभग तय है…खाड़ी देशों में हलचल बढ़ गई…तेल के दामों को लेकर चिंता बढ़ने लगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता साफ दिखाई देने लगी…
लेकिन इसी बीच अचानक एक ऐसी खबर आई जिसने पूरे खेल को ही बदल दिया…रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ईरान के अंदर एक बेहद खतरनाक प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है…अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या कराने वाले को करोड़ों डॉलर का इनाम देने की तैयारी…ये रकम लगभग 560 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
इस खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी मचा दी…ईरान की संसद में कथित तौर पर इस पर विधेयक लाने की बात कही गई…ईरान के कुछ नेताओं ने खुलकर कहा कि ये जवाबी कार्रवाई का हिस्सा हो सकता है…यानी अब ये सिर्फ बयानबाजी नहीं रही…बल्कि सीधे-सीधे personal level पर टारगेट करने की बात सामने आ गई…अब यहां सबसे बड़ा सवाल उठता है कि क्या ट्रंप की stratergy उन्हीं पर उलटी पड़ गई?….
क्योंकि जिस तरह से ट्रंप लगातार धमकी दे रहे थे…उसी के बाद इस तरह की खबरों का सामने आना…ये दिखाता है कि ईरान ने भी अब सीधा जवाब देने का रास्ता चुन लिया है और ये जवाब सिर्फ सैन्य नहीं बल्कि व्यक्तिगत स्तर तक पहुंच गया है…इसी के साथ एक और बड़ा ट्विस्ट सामने आया…जिसमें अमेरिका का रुख बदलता हुआ नजर आया…जहां पहले ट्रंप सबसे बड़े हमले की बात कर रहे थे…
वहीं अब खबर आई कि अमेरिका ईरान की एक बड़ी मांग मानने को तैयार हो गया है…ईरान लंबे समय से चाहता था कि उसके तेल पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं…ताकि वो अंतरराष्ट्रीय बाजार में वापस आ सके और अब रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका इस पर अस्थायी छूट देने को तैयार हो गया है…जोकि बहुत बड़ा बदलाव है…क्योंकि जो देश कुछ दिन पहले युद्ध की धमकी दे रहा था…वही अब बातचीत के दौरान ही रियायत देने को तैयार हो गया……इसका सीधा मतलब यही निकाला जा रहा है कि अमेरिका अब टकराव से पीछे हटता दिख रहा है…
और कहानी यहीं खत्म नहीं होती…..इसी बीच ट्रंप ने एक और बड़ा फैसला लिया…उन्होंने ईरान पर होने वाले प्रस्तावित सैन्य हमले को रोक दिया…ये वही हमला था जिसकी चेतावनी वो खुद दे चुके थे…लेकिन कतर, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों की अपील के बाद उन्होंने इसे टाल दिया…यहां गौर करने वाली बात ये है कि ये तीनों देश खुद भी इस संघर्ष से प्रभावित हो सकते थे…
इसलिए उन्होंने अमेरिका से हस्तक्षेप रोकने की अपील की और ट्रंप ने इसे मान लिया…….अब देखिए, अगर इस सभी मामलों को जोड़कर देखें तो तस्वीर कुछ अलग ही बनती है…जहां पहले ट्रंप की धमकी…फिर ईरान की तरफ से कथित सुपारी वाली खबर…उसके बाद अमेरिका का नरम पड़ना और आखिर में हमला टाल देना…यही वो तस्वीर है…जिसने इस पूरे मामले को दिलचस्प और विवादित बना दिया है…
क्योंकि, ईरान की तरफ से आए इस कड़े संकेत ने अमेरिका को दबाव में ला दिया…क्योंकि जब बात सीधे देश के राष्ट्रपति की सुरक्षा तक पहुंच जाए…तो मामला सिर्फ युद्ध का नहीं रह जाता…बल्कि व्यक्तिगत खतरे का भी हो जाता है…यही वजह है कि अमेरिका ने अचानक अपनी रणनीति में बदलाव किया…..ऐसे में अब सवाल उठता है कि क्या ये अमेरिका की कमजोरी है?…तो कुछ लोग इसे रणनीतिक बदलाव मानते हैं…लेकिन दूसरी तरफ एक बड़ा वर्ग इसे अमेरिका की पीछे हटने वाली स्थिति के रूप में देख रहा है…
खासकर तब, जब ट्रंप खुद बड़े हमले की बात कर चुके थे…इस पूरे घटनाक्रम ने दुनिया भर में अमेरिका की इमेज पर भी असर डाला है…क्योंकि एक सुपरपावर देश से उम्मीद की जाती है कि वो अपने फैसलों पर कायम रहेगा.य..लेकिन यहां पहले धमकी और फिर नरमी…ये दिखाता है कि सुपरपावर देश होने का दम भरने से और हकीकत में बहुत फर्क होता है…
वहीं दूसरी तरफ ईरान ने ये दिखाने की कोशिश की है कि वो दबाव में आने वाला नहीं है…ईरान हर मोर्चे पर जवाब देने की कोशिश कर रहा है…तभी तो अब वो ईरानी महिलाओं और बच्चों को भी बंदूकें चलाना सिखा रहा है…आखिर में अगर पूरे मामले को एक लाइन में समझें…तो कहानी कुछ ऐसी बनती है…पहले ट्रंप ने धमकी दी…फिर ईरान ने और बड़ा संकेत दिया…उसके बाद अमेरिका दबाव में आया और फिर पीछे हटता नजर आया….
यही वजह है कि अब ये मामला सिर्फ दो देशों के बीच का नहीं रहा…बल्कि ये पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा राजनीतिक और रणनीतिक सवाल बन गया है…ऐसे हालातों में आने वाले दिनों में ये देखना बेहद अहम होगा कि…क्या ट्रंप की वजह से सुपरपावर देश की जो दुनियाभर में फजीहत हुई है…उसके बाद क्या अमेरिका…राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ कोई कदम उठाएगा ?



