जम्मू में भू-धंसाव से बढ़ी चिंता, लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट

जम्मू के सुरिनसर झील क्षेत्र में लगातार जमीन धंसने से सैकड़ों परिवारों के घर और दुकानें खतरे में आ गई हैं. कई जगह सड़कें 3 से 4 फुट तक धंस चुकी हैं और लोगों ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: जम्मू के सुरिनसर झील क्षेत्र में लगातार जमीन धंसने से सैकड़ों परिवारों के घर और दुकानें खतरे में आ गई हैं. कई जगह सड़कें 3 से 4 फुट तक धंस चुकी हैं और लोगों ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है.

जम्मू के सुरिनसर झील क्षेत्र में लगातार जमीन धंसने की घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है. झील के आसपास बसे सैकड़ों परिवारों के मकान, दुकानें और अन्य इमारतें खतरे की जद में आ गई हैं. इलाके में कई जगह सड़कें 3 से 4 फुट तक धंस चुकी हैं, जिससे लोगों के जीवन और संपत्ति पर गंभीर संकट पैदा हो गया है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, सुरिनसर झील के आसपास करीब 300 से 400 परिवार रहते हैं और बीते कुछ वर्षों से जमीन धंसने की समस्या लगातार बढ़ रही है. शुरुआत में यह समस्या मामूली थी, लेकिन अब हालात बेहद गंभीर होते जा रहे हैं. सड़कें धंसने के साथ-साथ मकानों, दुकानों, स्कूलों, मंदिरों और पानी की टंकियों में भी दरारें साफ दिखाई देने लगी हैं.

इलाके के लोगों का कहना है कि कई बार प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया. प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का दौरा जरूर किया और विशेषज्ञ टीमों ने भी क्षेत्र का निरीक्षण किया.

यहां तक कि टिहरी डैम से आई एक विशेषज्ञ टीम ने भी इलाके का जायजा लेकर अपनी रिपोर्ट सौंपी, लेकिन अब तक स्थानीय लोगों को यह जानकारी नहीं मिल पाई कि आखिर जमीन धंसने की असली वजह क्या है और इससे निपटने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे.

ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान यह सामने आया कि कई स्थानों पर सड़कें ढाई से चार फुट तक नीचे धंस चुकी हैं, जिसका सीधा असर आसपास की दुकानों और घरों पर पड़ा है. कुछ दुकानों को तो पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बाद दोबारा बनवाना पड़ा, लेकिन खतरा अब भी बना हुआ है.

स्थानीय निवासियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि बरसात शुरू होने से पहले इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए. लोगों का कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो झील किनारे बसे घर और दुकानें धीरे-धीरे झील में समा सकती हैं, जिससे यहां रहना बेहद मुश्किल हो जाएगा.

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