50 हजार की कार ने खोले कई रहस्य, शुभेंदु अधिकारी के PA मर्डर केस में बड़ा खुलासा
पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में CBI की जांच बलिया तक पहुंची है. हत्या में इस्तेमाल की जाने वाली कार 50 हजार में खरीदी गई थी.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में CBI की जांच बलिया तक पहुंची है. हत्या में इस्तेमाल की जाने वाली कार 50 हजार में खरीदी गई थी. CBI अब इस कार को बरामद करने की कोशिश कर रही है. CBI ने बलिया से तीन गिरफ्तारियां की हैं और कई लोगों से पूछताछ की है. इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. हत्या में जिस कार का इस्तेमाल किया गया था, उसे बलिया के बांसडीह रोड क्षेत्र से मात्र 50 हजार रुपये में खरीदी गई थी. सीबीआई ने इस सिलसिले में बलिया के बालू-गिट्टी व्यापारी समेत कई लोगों से पूछताछ की है, जबकि मामले में बलिया से तीसरी गिरफ्तारी भी हो चुकी है.
सीबीआई के मुताबिक, हत्या में इस्तेमाल हुई कार शीतल दवनी निवासी ज्ञानेंद्र सिंह मोनू ने 1 मई 2026 को बांसडीह रोड के फुलवरिया गांव निवासी बालू व्यापारी जितेंद्र सिंह से 50 हजार रुपये में खरीदी थी. ज्ञानेंद्र सिंह मोनू पर छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में फायरिंग, गैंगस्टर एक्ट समेत 12 से अधिक मुकदमें दर्ज हैं.
कार का चेन कैसे बना?
जितेंद्र सिंह ने सीबीआई को बताया कि छठ पूजा के दौरान गांव के ही दीपक सिंह उर्फ मिट्ठू ने उन्हें हुसैनाबाद गांव बांसडीह कोतवाली निवासी एक व्यक्ति की कार बिक्री की जानकारी दी. 35 हजार रुपये में कार खरीद ली गई. पांच महीने बाद दीपक सिंह ने ही इस कार को 50 हजार रुपये में बेचने की बात कही.
लालच में आकर जितेंद्र सिंह ने कार ज्ञानेंद्र सिंह मोनू को बेच दी. कार अभी भी असली मालिक हुसैनाबाद निवासी के नाम पर ही रजिस्टर्ड है. कागजात ट्रांसफर नहीं हो सके थे. सीबीआई ने कार के असली मालिक, जितेंद्र सिंह और उनके बेटे से विस्तृत पूछताछ की है. जितेंद्र सिंह ने बुधवार को स्वीकार किया कि सीबीआई की टीम उनके घर आई थी और पूछताछ हुई.
CBI ने तीन आरोपियों को दबोचा
इस मामले में बुधवार को बलिया के फेफना थाना क्षेत्र के धमह्मपुरा गांव निवासी नवीन सिंह को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया. इससे पहले राज सिंह और राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है. सीबीआई के मुताबिक, राजकुमार सिंह की निशानदेही पर नवीन सिंह पकड़ा गया।नवीन सिंह को अदालत में पेश किया गया, जहां ट्रांजिट रिमांड की मांग खारिज कर दी गई.
कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में मऊ जेल भेज दिया. सीबीआई अब हत्याकांड में इस्तेमाल हुई कार को बरामद करने की कोशिश कर रही है. बदमाश इसी कार से बलिया से कोलकाता पहुंचे, हत्या को अंजाम दिया और फरार हो गए. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी की इस हत्या की जांच सीबीआई कर रही है. सीबीआई टीम बलिया में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है. सीबीआई की टीम लगातार छानबीन में जुटी हुई है. सूत्रों के अनुसार अगले कुछ दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.


