घरेलू विवाद के बाद युवक ने फांसी लगाकर दी जान, मिर्ज़ापुर के गांव में पसरा मातम
मिर्ज़ापुर के लालगंज थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद के बाद 28 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। गड़बड़ कलां गांव में हुई इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मिर्ज़ापुर जिले के लालगंज थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां घरेलू विवाद के बाद एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और सन्नाटे का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। यह मामला लालगंज थाना क्षेत्र की दुबार कलां चौकी अंतर्गत गड़बड़ कलां गांव का बताया जा रहा है।
कच्चे मकान में फंदे से लटका मिला युवक
जानकारी के अनुसार गड़बड़ कलां गांव निवासी 28 वर्षीय दिनेश कोल पुत्र रामप्रसाद कोल ने मंगलवार देर रात अपने कच्चे मकान में बांस के सहारे गमछे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों को जब काफी देर तक युवक की कोई हलचल महसूस नहीं हुई तो उन्होंने खोजबीन शुरू की। इसी दौरान दिनेश का शव फंदे से लटका मिला। परिवार के लोगों ने आनन-फानन में उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पति-पत्नी के विवाद की बात आई सामने
परिजनों के मुताबिक घटना से पहले पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि इसी तनाव में युवक ने यह खौफनाक कदम उठाया। हालांकि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह जानने के लिए परिवार के लोगों और आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही दुबार कलां चौकी प्रभारी कुंवर मनोज कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। चौकी प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
परिवार में मचा कोहराम
युवक की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी घटना के बाद मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनेश सामान्य स्वभाव का युवक था और किसी ने नहीं सोचा था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। यह घटना एक बार फिर पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को सामने लेकर आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू विवाद की स्थिति में संवाद और मानसिक सहयोग बेहद जरूरी होता है, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरी
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