कटिहार में गोलियों की आवाज से मचा हड़कंप, घरों की खिड़कियां टूटीं

कटिहार के महिपाल नगर में अचानक रिहायशी इलाके में गोलियां पहुंचने से दहशत फैल गई. कई घरों के शीशे टूट गए और वाहनों को नुकसान पहुंचा.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कटिहार के महिपाल नगर में अचानक रिहायशी इलाके में गोलियां पहुंचने से दहशत फैल गई. कई घरों के शीशे टूट गए और वाहनों को नुकसान पहुंचा. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त जांच टीम गठित कर जांच शुरू कर दी है.

कटिहार के सहायक थाना क्षेत्र स्थित महिपाल नगर उस वक्त रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब अचानक रिहायशी इलाके में ताबड़तोड़ गोलियां बरसने लगीं. गोलियों की आवाज से पूरा इलाका कांप उठा. लोग जान बचाने के लिए घरों से भागने लगे, बच्चे चीखने लगे. कई परिवारों ने दहशत में दरवाजे बंद कर लिए जबकि बच्चे और महिलाएं सहम गए.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, एक-दो नहीं बल्कि दर्जनों राउंड फायरिंग जैसी आवाजें लगातार सुनाई दीं. गोलियां इतनी खतरनाक तरीके से आकर गिर रही थीं कि कई घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए. बाहर खड़ी गाड़ियों के ग्लास चकनाचूर हो गए, जबकि पेड़ों और दीवारों पर गोली लगने जैसे निशान साफ दिखाई दिए.

महिपाल नगर के लोगों ने बताया कि कुछ देर के लिए ऐसा लग रहा था मानो इलाके में गैंगवार छिड़ गई हो या कोई बड़ा एनकाउंटर चल रहा हो. पूरा मोहल्ला दहशत के साये में आ गया. कई परिवार बच्चों को लेकर घरों के कोनों में छिप गए. सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आ रही है कि यह इलाका बीएमपी-7 के फायरिंग रेंज के बेहद करीब है. आशंका जताई जा रही है कि फायरिंग प्रैक्टिस के दौरान चली गोलियां रिहायशी इलाके तक पहुंच गईं. अगर यह सच निकला तो यह बेहद गंभीर लापरवाही मानी जाएगी, क्योंकि जरा सी चूक किसी की जान ले सकती थी.

घटना की खबर मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया. कटिहार एसपी शिखर चौधरी खुद मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके का निरीक्षण किया. उन्होंने टूटे शीशों, दीवारों पर बने निशानों और स्थानीय लोगों से घटना की जानकारी ली. कई लोगों ने पुलिस को संदिग्ध गोलीनुमा वस्तुएं भी दिखाई हैं.

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तुरंत सदर डीएसपी और बीएमपी डीएसपी की संयुक्त जांच टीम गठित कर दी है. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर रिहायशी इलाके तक गोलियां कैसे पहुंचीं और इसके पीछे किसकी लापरवाही है.

फिलहाल महिपाल नगर में डर और गुस्से का माहौल है. लोगों का कहना है कि अगर रात में कोई गोली किसी इंसान को लग जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था. स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से फायरिंग रेंज की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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