49 डिग्री की आग में झुलस रहा बांदा, ऑक्सीजन मास्क पहन सड़कों पर उतरे लोग
बांदा में 48 से 49 डिग्री तापमान के बीच भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। ऑक्सीजन मास्क और पीपल का पौधा लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अवैध खनन और पेड़ों की कटाई को बढ़ती गर्मी का कारण बताया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड क्षेत्र इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है, लेकिन बांदा की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है। लगातार बढ़ते तापमान ने जिले को देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि दोपहर के समय सड़कें सूनी पड़ जाती हैं और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। इसी भीषण गर्मी के बीच अब लोगों का गुस्सा भी खुलकर सामने आने लगा है।
बांदा में समाजसेवियों ने ऑक्सीजन मास्क पहनकर और हाथों में पीपल के पौधे लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अवैध खनन और पेड़ों की कटाई ने जिले के पर्यावरणीय संतुलन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसका असर अब रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के रूप में दिखाई दे रहा है।
48 से 49 डिग्री तक पहुंचा तापमान
बांदा में मई महीने के दौरान तापमान लगातार 48 से 49 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार जिले में पिछले कुछ दिनों से लू का प्रकोप लगातार बढ़ा है और फिलहाल राहत मिलने के संकेत कम हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार अप्रैल महीने से ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था। मई की शुरुआत में हुई आंधी और बारिश से कुछ राहत जरूर मिली थी, लेकिन अब एक बार फिर सूरज की तपिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है।
ऑक्सीजन मास्क पहनकर किया प्रदर्शन
बुंदेलखंड इंसाफ सेना के कार्यकर्ताओं ने भीषण गर्मी को लेकर अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता मुंह में ऑक्सीजन मास्क लगाकर और हाथ में पीपल का पौधा लेकर सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नदियों में लगातार हो रहा अवैध खनन और बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई बांदा में बढ़ती गर्मी का बड़ा कारण है। उनका आरोप है कि कई जगहों पर वृक्षारोपण केवल कागजों तक सीमित रह गया है।
संगठन के प्रतिनिधि ए.एस. नोमानी ने प्रशासन से मांग की कि वन विभाग के उन अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए जिन्होंने वृक्षारोपण के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी कीं। साथ ही नदियों के बीच हो रहे अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग की गई।
प्रशासन ने बनाए कूलिंग प्वाइंट
भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी अमित आसेरी के निर्देश पर शहर के प्रमुख चौराहों पर कूलिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। यहां लोगों को ठंडा पानी, पेठा और कूलर की ठंडी हवा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में ओआरएस के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं और जल आपूर्ति पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि लोगों को हीट वेव से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
गर्मी ने बढ़ाई स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं
लगातार बढ़ते तापमान का असर लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। अस्पतालों में लू, डिहाइड्रेशन और तेज बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। डॉक्टर लगातार लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने और अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह दे रहे हैं।
पर्यावरण और अवैध खनन पर उठे सवाल
बांदा में बढ़ती गर्मी ने पर्यावरण संरक्षण और अवैध खनन जैसे मुद्दों को भी केंद्र में ला दिया है। समाजसेवियों का कहना है कि यदि समय रहते पेड़ों की कटाई और अवैध खनन पर रोक नहीं लगी, तो आने वाले वर्षों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। फिलहाल बांदा में गर्मी अपने चरम पर है और लोग बारिश या मौसम में बदलाव का इंतजार कर रहे हैं। वहीं प्रशासन और सामाजिक संगठन अपने-अपने स्तर पर राहत और जागरूकता के प्रयासों में जुटे हुए हैं।
रिपोर्ट – इक़बाल खान
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