मिर्ज़ापुर में दर्दनाक हादसा, देखते ही देखते राख हो गया किसान का आशियाना, लाखों का नुकसान

मिर्ज़ापुर के ड्रमंडगंज क्षेत्र में टिनशेड मकान में लगी भीषण आग में गाय और बछड़े की दर्दनाक मौत हो गई। किसान का गेहूं, भूसा, थ्रेसर और अन्य सामान जलकर राख हो गया। परिवार ने करीब 4 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: मिर्ज़ापुर के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। नौगवां गांव में अज्ञात कारणों से टिनशेड के बने मकान में आग लग गई, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। आग की चपेट में आने से एक गाय और उसका बछड़ा बुरी तरह झुलस गए। बछड़े की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसी गाय ने कुछ घंटे बाद दम तोड़ दिया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने पानी और सबमर्सिबल पंप की मदद से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक किसान का काफी सामान जलकर राख हो चुका था।

टिनशेड में रखा था भूसा और खेती का सामान

जानकारी के अनुसार नौगवां गांव निवासी किसान मथुरा पाल ने अपने घर से कुछ दूरी पर टिनशेड का मकान बना रखा था। वहां भूसा, गेहूं और खेती से जुड़ा सामान रखा गया था। टिनशेड के बाहर गाय और बछड़ा भी बंधे हुए थे। दोपहर के समय अचानक टिनशेड के भीतर आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भूसे और गेहूं को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बुझाने का प्रयास शुरू किया।

गाय को बचाया, बछड़े की मौके पर मौत

ग्रामीणों ने किसी तरह रस्सी खोलकर गाय को बाहर निकाला, लेकिन वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। वहीं बछड़ा आग की लपटों में फंस गया और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। झुलसी गाय ने करीब दो घंटे बाद दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी और सबमर्सिबल पंप की मदद से करीब एक घंटे तक आग बुझाने का प्रयास किया। बाद में पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने आग पर पूरी तरह काबू पाया।

चार लाख रुपये से अधिक के नुकसान का दावा

पीड़ित किसान के पुत्र विद्याधर पाल ने बताया कि आग में पचास कुंतल गेहूं, दस कुंतल सरसों, करीब 15 बीघे का भूसा, थ्रेसर मशीन, पंपिंग सेट, सिंचाई पाइप, साइकिल, चारपाई और घरेलू सामान जलकर राख हो गया। परिवार के अनुसार इस हादसे में करीब चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। किसान परिवार अब आर्थिक संकट से जूझ रहा है।

पशु चिकित्साधिकारी के न पहुंचने पर ग्रामीणों में नाराजगी

घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद पशु चिकित्साधिकारी हलिया देर शाम तक मौके पर नहीं पहुंचे। इसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर चिकित्सा सहायता मिल जाती तो शायद गाय की जान बचाई जा सकती थी।

प्रशासन ने किया निरीक्षण

शाम के समय एसडीएम लालगंज अजीत कुमार और लेखपाल नवीन कुमार मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पीड़ित किसान को शासन स्तर से हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। वहीं पुलिस की ओर से एसआई सुभाष यादव ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और मामले की जांच शुरू की।

आग लगने के कारणों की जांच जारी

फिलहाल आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। प्रशासन और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी और सूखे मौसम के कारण छोटी सी चिंगारी भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है। मिर्ज़ापुर में हुई इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और पशुधन संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी

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