चंपत राय की मिर्जापुर में एंट्री से मचा सियासी भूचाल, भाजपा खेमे में बढ़ी बेचैनी

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मिर्जापुर दौरे ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। राष्ट्रवादी मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव से उनकी मुलाकात के बाद भाजपा खेमे में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क:  मिर्जापुर में सोमवार को हुई एक मुलाकात ने धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का अचानक मिर्जापुर पहुंचना और राष्ट्रवादी मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष व विश्व हिंदू परिषद के पूर्व प्रांत संगठन मंत्री मनोज श्रीवास्तव के आवास पर जाकर शिष्टाचार मुलाकात करना अब जिले में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। हालांकि इस मुलाकात को धार्मिक, सामाजिक और राष्ट्रहित के मुद्दों पर संवाद बताया गया, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। खासतौर पर भाजपा के स्थानीय खेमों में इस मुलाकात को लेकर बेचैनी और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

धार्मिक चर्चा या राजनीतिक संकेत?

जानकारी के अनुसार, चंपत राय के मिर्जापुर आगमन के दौरान राम मंदिर निर्माण, सनातन संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक विषयों पर बातचीत हुई। लेकिन जिस तरह से उन्होंने सीधे मनोज श्रीवास्तव के आवास पहुंचकर मुलाकात की, उसने कई राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलों को हवा दे दी है। स्थानीय स्तर पर इस मुलाकात को सिर्फ औपचारिक नहीं माना जा रहा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रवादी मंच से जुड़े पुराने चेहरों की सक्रियता आने वाले समय में जिले की राजनीति को प्रभावित कर सकती है।

स्वागत में जुटे समर्थक

चंपत राय के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। इस दौरान रामचंद्र शुक्ल, आनंद अग्रवाल, अमित पांडेय, मनोज दमकल, दीपक श्रीवास्तव, राजकुमार जायसवाल, प्रमोद श्रीवास्तव, रवि पुरवार, अनिल कुमार गुप्ता और अखिलेश अग्रहरी समेत कई लोग उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं में उनके आगमन को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम के दौरान राम मंदिर आंदोलन और सनातन परंपरा को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई।

भाजपा खेमे में बढ़ी हलचल

राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि चंपत राय की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब जिले में भाजपा के अंदरूनी समीकरणों को लेकर पहले से ही चर्चाएं चल रही हैं। सूत्रों की मानें तो एक जनप्रतिनिधि खेमे में इस मुलाकात को लेकर खलबली मची हुई है। हालांकि किसी भी पक्ष की ओर से इसे राजनीतिक मुलाकात नहीं बताया गया है, लेकिन जिस तरह से इस मुलाकात ने स्थानीय राजनीति में चर्चा छेड़ी है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में इसके कई मायने निकाले जाते रहेंगे।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी

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