40 में 33 सीट BJP के पास, फिर भी कांग्रेस ने पलटा खेल, अध्यक्ष निर्विरोध

गुजरात की राजनीति में बड़ा उलटफेर... 40 में 33 सीटें BJP के पास होने के बावजूद कांग्रेस ने ऐसा दांव चला कि पूरा समीकरण बदल गया...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात की राजनीति में कभी-कभी छोटी-छोटी चालें बड़ा खेल बदल देती हैं.. ऐसा ही कुछ हुआ है आणंद जिले में.. जहां बीजेपी ने जिला पंचायत की 40 सीटों में से 33 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल कर लिया था.. वहीं कांग्रेस सिर्फ 7 सीटों पर सिमट गई थी.. हर कोई सोच रहा था कि अब अध्यक्ष पद भी बीजेपी के पास चला जाएगा.. लेकिन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने इतनी सधी हुई रणनीति अपनाई कि.. बीजेपी का बहुमत भी काम नहीं आया.. कांग्रेस ने निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्जा जमा लिया.. वहीं अब यह खबर गुजरात की राजनीति में इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है.. कार्यकर्ता अमित चावड़ा को नया चाणक्य बता रहे हैं..

आपको बता दें कि आणंद जिला गुजरात का एक महत्वपूर्ण जिला है.. यहां की जिला पंचायत में कुल 40 सदस्य होते हैं.. हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया.. उसने 33 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 7 सीटें मिलीं.. सामान्य स्थिति में 33 सीटों वाले दल को अध्यक्ष पद मिलना तय माना जाता है.. लेकिन यहां ट्विस्ट आया.. जिला पंचायत अध्यक्ष का पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित था.. बीजेपी ने इस पद के लिए मयूरीबेन पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया.. मयूरीबेन पटेल पटेल समुदाय से हैं.. और उनकी शादी गुजरात में हुई है.. लेकिन उनका मूल निवास महाराष्ट्र है..

कांग्रेस ने मयूरीबेन पटेल के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई.. जानकारी के अनुसार आपत्ति का आधार जाति प्रमाण पत्र था.. मयूरीबेन ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा जारी किया हुआ अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र पेश किया था.. कांग्रेस ने कहा कि गुजरात के नियमों के अनुसार दूसरे राज्य का आरक्षण प्रमाण पत्र यहां स्वीकार नहीं किया जा सकता.. जिला विकास अधिकारी के सामने दोनों पक्षों के वकीलों ने बहस की.. काफी चर्चा-परिचर्चा के बाद DDO ने फैसला सुनाया कि गुजरात सरकार के मौजूदा नियमों के तहत दूसरे राज्य का प्रमाण पत्र मान्य नहीं है.. जिसके चलते मयूरीबेन पटेल का नामांकन रद्द हो गया.. बीजेपी के पास अब कोई वैकल्पिक उम्मीदवार तैयार नहीं था.. नतीजतन, कांग्रेस की जिला पंचायत सदस्य गौरीबेन तड़वी को निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष चुना गया..

वहीं इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा अमित चावड़ा की हो रही है.. अमित चावड़ा गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं.. और आणंद जिला उनका गृह जनपद भी है.. और उन्होंने इस मौके को बखूबी भुनाया.. कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अनुसार अमित चावड़ा ने काफी पहले से इस पद के आरक्षण नियमों का अध्ययन कर लिया था.. जब बीजेपी ने मयूरीबेन पटेल को उम्मीदवार बनाया.. तब कांग्रेस टीम ने तुरंत दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी.. मयूरीबेन के महाराष्ट्र से संबंध को पकड़कर उन्होंने कानूनी दांव चलाया..

 

Related Articles

Back to top button