मीरजापुर में कैनाल निर्माण पर उठे सवाल, घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप, जांच की मांग तेज

मीरजापुर के छानबे क्षेत्र में कैनाल निर्माण कार्य में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। भाजपा नेता राम मनोहर ने सफेद बालू के प्रयोग पर सवाल उठाते हुए नहर विभाग से जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क:  मीरजापुर जिले के छानबे क्षेत्र में चल रहे कैनाल निर्माण कार्य को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। भवरूपुर-अजगना हरगढ़ बाजार के पास कैनाल प्रथम पर हो रहे निर्माण में कथित तौर पर मानकों की अनदेखी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है। मामले को लेकर अब स्थानीय लोगों के साथ-साथ राजनीतिक स्तर पर भी सवाल उठने लगे हैं।

भारतीय जनता पार्टी के नेता राम मनोहर ने नहर विभाग के अधिकारियों से पूरे निर्माण कार्य की जांच कराए जाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई है।

सफेद बालू के इस्तेमाल पर उठे सवाल

भाजपा नेता राम मनोहर का कहना है कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों के विपरीत सफेद बालू का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि नियमानुसार लाल बालू का प्रयोग होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी लागत बचाने के लिए गुणवत्ता को नजरअंदाज कर रही है। स्थानीय स्तर पर भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में शुरुआत से ही घटिया सामग्री लगाई जाएगी तो भविष्य में इसका नुकसान सीधे आम जनता को उठाना पड़ेगा।

पानी का दबाव नहीं झेल पाएगा निर्माण?

राम मनोहर ने यह भी कहा कि संबंधित कैनाल में पानी छोड़े जाने पर तेज बहाव और भारी दबाव रहता है। ऐसे में यदि निर्माण कार्य कमजोर सामग्री से किया जाएगा तो उसके जल्द क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। उनका कहना है कि कुछ समय बाद निर्माण बह जाने या टूटने की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे न सिर्फ सरकारी धन बर्बाद होगा बल्कि किसानों और ग्रामीणों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी। क्षेत्र के लोग इस कैनाल को सिंचाई व्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं।

ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर क्षेत्रीय लोगों में भी नाराजगी दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में अक्सर गुणवत्ता से समझौता होने के आरोप सामने आते रहते हैं, लेकिन यदि समय रहते जांच और निगरानी न हो तो योजनाओं का लाभ जमीन पर नहीं पहुंच पाता।

लोगों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर निर्माण सामग्री की जांच कराई जाए और मानक के अनुरूप ही निर्माण कार्य पूरा कराया जाए। साथ ही यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

विभागीय कार्रवाई पर टिकी निगाहें

फिलहाल पूरे मामले को लेकर नहर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों और भाजपा नेता की शिकायत के बाद अब लोगों की नजर विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है। मीरजापुर में यह मामला एक बार फिर सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर बहस का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है, इस पर क्षेत्र के लोगों की निगाह बनी हुई है।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी

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